यादें - बुलबुल का घोंसला।

बुलबुल ने खिड़की के सामने हरसिंगार की डाल पर अपना घोंसला बना लिया। जब डाल झूमती तो...

Oct 9, 2024 - 12:19
Oct 9, 2024 - 19:24
 0  56
यादें - बुलबुल का घोंसला।

बुलबुल का घोंसला

डॉ.मधु प्रधान , कानपुर

इस बार बुलबुल ने खिड़की के सामने हरसिंगार की डाल पर अपना घोंसला बना लिया। जब डाल झूमती तो घोंसला भी झूलता। कुछ दिन बाद ही उसमें दो बच्चे भी दिखने लगे। सुबह- सुबह बुलबुल चोंच में कुछ लिये घोंसले के पास आती तो उसकी आहट पा कर दोनों बच्चे अपनी गर्दन बाहर निकाल कर चूँ-चूँ करते हुए चोंच खोल देते। बुलबुल उनकी मुँह में दाना डाल कर उड़ जाती फिर से  दानों की खोज में। कई दिनों से हम इस मनभावन दृश्य को देख रहे थे किन्तु आज तो कहर टूट पड़ा। एक बाज डाल पर आ बैठा।

Also read- लघु नाटिका- ग्रामीण विवाह मंडप का एक दृश्य

डाल हिलने से शायद बच्चों को मां का भ्रम हुआ दोनों ने आदत के अनुसार चीं-चीं करते हुये चोंच खोल कर गर्दन बाहर निकाल ली निर्मम बाज ने दोनों की गर्दन अपनी तीखी चोंच में दबा ली और उड़ गया ।हम देखते ही रह गये क्रूर  मौत का झपट्टा। हम भरी आँखों से कभी आकाश कभी सूने घोंसले को देख रहे थे।थोड़ी ही देर में बुलबुल पुनः चोंच में दाना ले कर आ गई पर वहाँ तो सन्नाटा पसरा था ।बेचैन बुलबुलों का जोड़ा कुछ देर तक एक डाल से दूसरी डाल पर फुदकता रहा फिर उड़ गया कहीं दूर अपने बच्चों की खोज में या उन्होंने नियति की भयावहता को समझ लिया था ।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।