Ayodhya News: दीपोत्सव में 25 लाख दीपों से जगमग होगी राम नगरी,तैयारियां हुई तेज।
अयोध्या का दीपोत्सव इस बार और भव्य और दिव्य, होगा, राम पथ पर 18 से ज्यादा रामायण की झांकियां मार्ग को सुशोभित करते हुए राम कथा पार्क तक पहुंचेंगे...
रिपोर्ट- देवबक्श वर्मा
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की धर्म नगरी अयोध्या में दुर्गा पूजा, दशहरा संपन्न होने के साथ अब दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई है । अयोध्या में रामलला के मंदिर में विराजमान होने के बाद पहला दीपोत्सव धूमधाम से मनाया जाना है। अयोध्या का दीपोत्सव इस बार और भव्य और दिव्य, होगा। अयोध्या के राम पथ पर रामायण की झांकियां मार्ग को सुशोभित करते हुए राम कथा पार्क तक पहुंचेंगे। लगभग 3 किलोमीटर कि यात्रा में 18 से ज्यादा झांकियां शामिल होंगी। अयोध्या में दीपोत्सव के पावन पर्व पर 25 लाख दीपों से जगमग होगी राम नगरी। आठवीं बार दीपोत्सव का कार्यक्रम करने जा रही है. इस बार का दीपोत्सव का कार्यक्रम हर बार की अपेक्षा और भव्य होने जा रहा है. इसकी भव्यता का सबसे बड़ा कारण रामलला का अपने मंदिर में विराजमान होना है।
जानकारी के मुताबिक इस बार योगी आदित्यनाथ की सरकार 25 लाख दिए अयोध्या में प्रज्ज्वलित करवाने वाली है। दीपोत्सव के कारण अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में भी बड़ा बदलाव आने वाला है. जो कुम्हार कभी रोजी-रोटी के लिए परेशान दिखते थे, अब दीपोत्सव के दौरान कमा लेते हैं। दीपोत्सव का आयोजन हर साल राम की पैड़ी पर भव्यता से होता है.दीपोत्सव के दौरान लाखों की संख्या में दीप प्रज्ज्वलित होते हैं। दीपोत्स्व पर एक नया कीर्तिमान स्थापित होगा। जिसमे 2017 में 1.71 लाख दीपक प्रज्ज्वलित हुए,
2018 में 3.01 लाख दीपक प्रज्ज्वलित हुए ,
2019 में 4.04 लाख दीपक प्रज्ज्वलित हुए,
2020 में 6.06 लाख दीपक प्रज्ज्वलित हुए,
2021 में 9.41 लाख दीपक प्रज्ज्वलित हुए ,
2022 में 15.76 लाख दीपक प्रज्ज्वलित हुए,
2023 में 22.23 लाख दीपक प्रज्ज्वलित हुए।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला के मंदिर में विराजमान होने के बाद ये अयोध्या की पहली दीवाली है. योगी सरकार दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहती है. हर बार की तरह इस बार अयोध्या का दीपोत्सव नया कीर्तिमान स्थापित करने वाला है. इसके लिए अभी से तैयारियों में जुट गई है। दीपोत्सव में अवध विश्वविद्यालय की छात्रों शिक्षकों एवं उल्फत का बड़ा योगदान होता है बड़ी संख्या में वॉलिंटियर लगाए जाते हैं। अवध विश्वविद्यालय में पूरी तरह से कार्यक्रम को संपन्न करने के लिए कमर कस लिया है। प्रभु राम की नगरी अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद ये पहला दीपोत्सव बेहद खास होने वाला है। अयोध्या का दीपोत्सव इस बार और भव्य और दिव्य होने जा रहा है। इस बार 8 लाख दीयों को सरयू के 55 घाटों के साथ भजन संध्या स्थल पर भी बिछाए जाने के लिए कहा गया है, जबकि इस बार का लक्ष्य 25 लाख दीयों का रखा गया है।
40 लाख रुई की बत्तियां इन दीयों को प्रज्वलित करने के लिए लगाई जाएंगी। दीपोत्सव 2024 के लिए 32 लाख दीए खरीदे जाएंगे। रामपथ पर निकलने वाली 18 झांकियों की 3 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा के लिए संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग की तरफ से झांकियों का निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। अयोध्या का दीपोत्सव 25 लाख से ज्यादा दीयों से जगमग होगी। इस बार दीपोत्सव में जो 25 लाख दीयों का लक्ष्य रखा गया है उसके तहत हम लोग 28 लाख दीए राम की पैढी के साथ भजन संध्या स्थल पर बिछाएंगे। अवध विश्वविद्यालय ने अपना टेंडर खोल लिया है. मुख्यालय पर्यटन निदेशालय ने भी अपना टेंडर खोल लिया है। इन सभी कार्यक्रमों के पहले अयोध्या के राम पथ पर रामायण की झांकियां मार्ग को सुशोभित करते हुए राम कथा पार्क तक पहुंचेंगे।
लगभग 3 किलोमीटर कि यात्रा में 18 से ज्यादा झांकियां शामिल होंगी। इस प्रकार धर्मानगर अयोध्या में दीपोत्सव का कार्यक्रम प्रतिवर्ष ऊंचाइयों के शिखर पर पहुंचता जा रहा है और विश्व रिकॉर्ड बनता जा रहा है जो त्रेता की याद दिलाता है। जिस प्रकार से भगवान राम को हेल्दी कॉप्टर के माध्यम से विमान की तरह उतारा जाता है। पुष्प वर्षा किया जाता है। आरती उतारी जाती है बड़ी संख्या में राम भक्त अयोध्या में पहुंचकर इस सुनहरे पल का आनंद उठाते हैं पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजाई जाती है जिसे देखकर आम जनमानस का मन मोह लेता है।
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