सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर कार्रवाई, तहसीलदार सम्भल ने 35 दुकानें और 12 मकान चिन्हित किए।

Sambhal: तहसीलदार सम्भल ने सोमवार को शहर के मोहल्ला तुर्तिपुर इल्हा, थाना नखासा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल एवं ग्राम समाज की...

Aug 11, 2025 - 17:28
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सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर कार्रवाई, तहसीलदार सम्भल ने 35 दुकानें और 12 मकान चिन्हित किए।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर कार्रवाई, तहसीलदार सम्भल ने 35 दुकानें और 12 मकान चिन्हित किए।

उवैस दानिश, सम्भल

Sambhal: तहसीलदार सम्भल ने सोमवार को शहर के मोहल्ला तुर्तिपुर इल्हा, थाना नखासा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल एवं ग्राम समाज की जमीन पर बने लगभग 25 दुकानों और 12 मकानों को अवैध कब्जा घोषित कर चिन्हित किया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों को मौखिक रूप से अवगत कराते हुए आदेशित किया गया कि वे अवैध कब्जे के संबंध में अपना पक्ष संबंधित विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही चिन्हित मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाए गए।

तहसील प्रशासन के अनुसार, ये दुकानें और मकान लंबे समय से सरकारी भूमि पर बने हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह भूमि विद्यालय एवं ग्राम समाज के नाम दर्ज पाई गई है, जिस पर निर्माण कार्य पूरी तरह अवैध है। मौके पर पहुंची टीम ने संबंधित कब्जेदारों को चेतावनी दी कि वे नियमों के अनुसार अपनी स्थिति स्पष्ट करें, अन्यथा आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही तहसीलदार सम्भल ने हसनपुर मार्ग पर बनी कई दुकानों का भी निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि वहां करीब 10 दुकानें सड़क की भूमि पर अवैध रूप से बनी हुई हैं। इस पर तहसील प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकानें खाली करने का निर्देश दिया। तहसीलदार ने मौके पर दुकानदारों से बातचीत करते हुए साफ कहा कि यह भूमि सरकारी है और इसे खाली करना होगा।

हालांकि, दोनों स्थानों पर संबंधित व्यक्तियों और दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि वे विगत 50-60 वर्षों से इस भूमि पर काबिज हैं और इस दौरान किसी ने आपत्ति नहीं जताई। उनका कहना है कि वर्षों से दुकानें और मकान यहीं बने हुए हैं, और अचानक से इन्हें अवैध करार देकर हटाने का आदेश उचित नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुराना कब्जा होने का दावा सही या गलत, यह केवल राजस्व अभिलेखों एवं कानूनी प्रक्रिया से तय होगा। यदि दस्तावेजों के आधार पर यह सिद्ध नहीं होता कि जमीन पर कब्जा वैध है, तो नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई है। एक ओर सरकारी भूमि को मुक्त कराने की कोशिश तेज हो रही है, वहीं कब्जेदारों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति भी बनती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में किस तरह की अगली कार्रवाई करता है।

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