बेंगलुरु में चोर ने पुलिस वर्दी पहनकर पत्नी को किया इम्प्रेस, कांस्टेबल निलंबित।
Bengaluru: बेंगलुरु में एक हैरान करने वाली घटना ने पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया, जब एक कुख्यात चोर ने हिरासत में रहते हुए पुलिस....
बेंगलुरु में एक हैरान करने वाली घटना ने पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया, जब एक कुख्यात चोर ने हिरासत में रहते हुए पुलिस कांस्टेबल की वर्दी पहनकर अपनी पत्नी के साथ वीडियो कॉल की। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक अन्य चोरी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के फोन में वर्दी में उसकी तस्वीरें पाईं। इस लापरवाही के लिए गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल सोनारे एचआर को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी, सलीम शेख, जिसे बॉम्बे सलीम के नाम से भी जाना जाता है, 50 से अधिक चोरी के मामलों में शामिल रहा है।
मामला तब सामने आया, जब इंदिरानगर पुलिस एक चोरी के मामले की जांच कर रही थी। इस जांच के दौरान, पुलिस ने सलीम शेख के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल का स्क्रीनशॉट मिला। इस स्क्रीनशॉट में सलीम को पुलिस की वर्दी में अपनी पत्नी से बात करते हुए देखा गया। तस्वीर में सलीम के पहने हुए वर्दी पर कांस्टेबल सोनारे का नेम बैज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था, जिसने इस घटना को और भी गंभीर बना दिया। पूछताछ में सलीम ने बताया कि यह घटना पिछले साल तब हुई थी, जब उसे गोविंदपुरा पुलिस ने एक अन्य चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय, चोरी किए गए सामानों को बरामद करने के लिए पुलिस उसे बेंगलुरु के बाहर ले गई थी और एक होटल में ठहराया था।
जांच में पता चला कि गोविंदपुरा पुलिस ने सलीम को चोरी किए गए गहने, साड़ियां और अन्य कीमती सामानों को बरामद करने के लिए पुणे के पास ले जाया था। इस दौरान, कांस्टेबल सोनारे और एक अन्य कांस्टेबल ने सलीम को होटल के कमरे में बंद कर दिया और खुद खरीदारी करने चले गए। सलीम ने इस अवसर का फायदा उठाया और कमरे में पड़ी कांस्टेबल सोनारे की वर्दी को पहन लिया। इसके बाद, उसने अपनी पत्नी को इम्प्रेस करने के लिए व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल की और खुद को पुलिस अधिकारी के रूप में पेश किया। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, सलीम ने बताया कि वह केवल अपनी पत्नी के सामने दिखावा करना चाहता था। इस घटना को उस समय किसी ने गंभीरता से नहीं लिया, और यह एक साल तक गुप्त रही।
यह मामला तब उजागर हुआ, जब सलीम को इंदिरानगर में एक अन्य चोरी के मामले में संदिग्ध के रूप में पकड़ा गया। इस बार, उसने फिर से कीमती गहने, साड़ियां और अन्य सामान चुराए थे। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से सलीम को पुणे के पास ट्रेस किया और बेंगलुरु पुलिस की एक टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए महाराष्ट्र पुलिस के साथ समन्वय किया। सलीम के फोन की जांच के दौरान पुलिस को वीडियो कॉल का स्क्रीनशॉट मिला, जिसने इस असामान्य घटना को सामने लाया। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ईस्ट) बी. देवराज ने पुष्टि की कि तस्वीर में सलीम कांस्टेबल सोनारे की वर्दी में अपनी पत्नी से बात कर रहा था। उन्होंने कहा, "हमने सलीम से पूछताछ की और पाया कि उसे पिछले साल गोविंदपुरा पुलिस ने एक समान चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। सामान बरामद करने के लिए उसे बेंगलुरु के बाहर ले जाया गया था और एक होटल में ठहराया गया था। सलीम ने सोनारे की वर्दी का इस्तेमाल किया और अपनी पत्नी को कॉल किया। यह लापरवाही का मामला है, और सोनारे को निलंबित कर दिया गया है।"
इस घटना ने पुलिस प्रशासन में कई सवाल खड़े किए हैं। सबसे पहले, यह सवाल उठता है कि एक कुख्यात अपराधी, जिसके खिलाफ 50 से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं, को इतनी आसानी से पुलिस वर्दी तक पहुंच कैसे मिल गई। सलीम शेख, जिसे बॉम्बे सलीम के नाम से जाना जाता है, एक पेशेवर अपराधी है, जिसके खिलाफ कर्नाटक और महाराष्ट्र में कई मामले दर्ज हैं। 2021 में, उसने बेंगलुरु सेंट्रल जेल में रहते हुए व्यापारियों को धमकी भरे कॉल किए थे और उसके पास से मोबाइल फोन, गांजा, सिम कार्ड और अन्य निषिद्ध सामग्री बरामद की गई थी। ऐसे अपराधी को हिरासत में इतनी छूट देना पुलिस की निगरानी प्रणाली पर सवाल उठाता है।
कांस्टेबल सोनारे की लापरवाही को पुलिस ने गंभीरता से लिया। इंदिरानगर पुलिस के इंस्पेक्टर सुदर्शन द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट के आधार पर, पुलिस प्रमुख ने सोनारे को कर्तव्य में लापरवाही के लिए निलंबित करने का आदेश दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "सलीम एक आदतन अपराधी है, और हमारे पास उसकी तस्वीरें, फिंगरप्रिंट और अन्य विवरण मौजूद हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या सलीम का सोनारे या अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ कोई संबंध था, जिसने उसे अपराध करने या गिरफ्तारी से बचने में मदद की।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी। कई यूजर्स ने इसे हास्यास्पद लेकिन गंभीर बताया। एक यूजर ने एक्स पर लिखा, "यह एक कॉमिक बुक की कहानी जैसा लगता है, लेकिन यह पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है।" कुछ लोगों ने सलीम की इस हरकत को मजाकिया बताया, लेकिन अधिकांश ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। एक अन्य यूजर ने लिखा, "पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है।"
यह घटना पुलिस हिरासत में प्रोटोकॉल के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही पुलिस की छवि को धूमिल करती है और जनता का भरोसा कम करती है। एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने कहा, "पुलिस वर्दी एक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसे किसी अपराधी के हाथों में पड़ने देना अस्वीकार्य है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी घटनाएं पुलिस प्रशिक्षण और हिरासत प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
सलीम शेख का आपराधिक इतिहास भी इस मामले को और जटिल बनाता है। वह न केवल चोरी के मामलों में शामिल रहा है, बल्कि उसने जेल से भी अपराध किए हैं। उसकी इस हरकत ने पुलिस को यह जांच करने के लिए मजबूर किया है कि क्या अन्य अधिकारियों के साथ उसका कोई गठजोड़ था। पुलिस अब सलीम के पुराने मामलों की भी समीक्षा कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसने पहले भी इस तरह की छूट का फायदा उठाया था।
अंत में, यह घटना एक विचित्र लेकिन गंभीर मामले के रूप में सामने आई है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली और हिरासत में प्रोटोकॉल की खामियों को उजागर करती है। सलीम शेख की इस हरकत ने न केवल कांस्टेबल सोनारे को मुश्किल में डाला, बल्कि यह भी दिखाया कि छोटी सी लापरवाही बड़े परिणाम ला सकती है। यह मामला पुलिस प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि वे अपनी प्रक्रियाओं को और सख्त करें ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
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