Sambhal: रमज़ान से पहले लाउडस्पीकर की मांग ने पकड़ा जोर, सहरी-इफ्तार और अज़ान के लिए प्रशासन से अनुमति की अपील।
रमज़ान-उल-मुबारक के आगमन से पहले शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था को लेकर मांग तेज हो गई है। इसी
उवैस दानिश, सम्भल
रमज़ान-उल-मुबारक के आगमन से पहले शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था को लेकर मांग तेज हो गई है। इसी को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फिरोज़ खाँ ने अपने कार्यालय पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ बैठक आयोजित की। बैठक में रोज़ेदारों की सहरी, इफ्तार और अज़ान के समय सूचना की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में मौजूद लोगों ने बताया कि कई इलाकों में माइक और लाउडस्पीकर की अनुमति न मिलने से रोज़ेदारों को सहरी के समय जगाने और इफ्तार के वक्त सूचना देने में परेशानी होती है। इस पर फिरोज़ खाँ ने कहा कि रमज़ान का महीना इबादत, सब्र और भाईचारे का संदेश देता है और इस दौरान रोज़ेदारों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। फिरोज़ खाँ ने स्पष्ट किया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी वे ज़िला प्रशासन से मांग करेंगे कि रमज़ान और होली—दोनों पर्वों को देखते हुए पूरे जनपद में समुचित व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि सहरी और इफ्तार के समय लाउडस्पीकर की अनुमति, मस्जिदों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति और पेयजल की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन से बातचीत कर चुके हैं और उम्मीद है कि दो दिनों के भीतर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। फिरोज़ खाँ ने यह भी कहा कि सम्भल की पहचान आपसी सौहार्द और गंगा-जमुनी तहज़ीब से है, जहां लोग हमेशा मिल-जुलकर त्योहार मनाते आए हैं। बैठक में शामिल लोगों ने प्रशासन से अपील की कि रोज़ेदारों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द लाउडस्पीकर की अनुमति दी जाए, ताकि रमज़ान का पाक महीना शांति और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
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