Sambhal : महाबोधि विहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में बौद्ध अनुयाइयों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
कार्यक्रम सयोंजक व जिलाध्यक्ष सुमन्त कृपाल सिंह ने ज्ञापन में कहा कि बिहार गजेटियर 6 जुलाई 1949 को बिहार सरकार द्वारा बोधगया टेम्पल एक्ट 1949 लागू कर महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया
Report : उवैस दानिश, सम्भल
विहार प्रदेश के महाबोधि विहार, बोधगया में चल रहे मुक्ति आंदोलन के समर्थन में बुधवार को भारतीय बोध महासभा जनपद सम्भल के तत्वाधान में बौद्ध अनुआईयों द्वारा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व नई तहसील परिसर पहुँच महाबोधि विहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में बोधिगया टेम्पल एक्ट ( B T Act 1949 ) को निरस्त करके महाबोधि बुद्ध विहार, बोधगया ( विहार प्रदेश ) का प्रबंधन बुद्धिष्टो को सौंपे जाने के समर्थन में मुख्यमंत्री बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के नाम ज्ञापन पत्र सिटी मजिस्ट्रेट सम्भल सुधीर कुमार को सौंपा।
इस दौरान कार्यक्रम सयोंजक व जिलाध्यक्ष सुमन्त कृपाल सिंह ने ज्ञापन में कहा कि बिहार गजेटियर 6 जुलाई 1949 को बिहार सरकार द्वारा बोधगया टेम्पल एक्ट 1949 लागू कर महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया (बिहार प्रदेश) में विधर्मी समुदाय को प्रबंधतंत्र में शामिल करने से बौद्ध विरासत को भारी नुकसान हो रहा है। महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया दुनिया के सभी बुद्धिस्टो का बहुत बड़ा धार्मिक केंद्र एवं एक पवित्र स्थान है। जबसे बोधगया टेम्पल एक्ट 1949 लागू किया गया और विधर्मियो को प्रबन्धन में सम्मिलित किया गया।
बुद्धिस्टो के धार्मिक आस्था व मान्यताओं को चोट पहुँच रहा है जिससे पूरा बुद्धिस्ट समाज आहत है। इस तरह के कानून होने से भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया के बुद्ध में आस्थावान समाज, समतावादी एवं बौद्ध समाज में क्षोभ व्याप्त है। बी टी एक्ट 1949 को समाप्त किये जाने और महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया का प्रबन्धन पूरी तरह से बुद्धिस्टो के हाथों सौंपे जाने को लेकर लम्बे समय से महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया (बिहार प्रदेश) के साथ साथ पूरे देश व दुनिया में बौद्ध समाज आंदोलनरत है। भारतीय बौद्ध महासभा सम्भल बोधगया बुद्ध विहार मुक्ति आंदोलन का समर्थन करता है।
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