संभल के बाद अब बदायूं की जामा मस्जिद को नीलकंठ महादेव का मंदिर बताकर कोर्ट में वाद दायर किया: असदुद्दीन ओवैसी
आने वाली नस्लों को एआई की पढ़ाई के बजाय एएसआई की खोदाई में व्यस्त कर दिया जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को अपने हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि बदायूं...
By INA News New Delhi.
उत्तर प्रदेश के संभल के बाद बदायूं की जामा मस्जिद का मामला भी अब चर्चा में आने लगा है। संभल में हुई हिंसा के बाद AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बदायूं की मस्जिद को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आने वाली नस्लों को एआई की पढ़ाई के बजाय एएसआई की खोदाई में व्यस्त कर दिया जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को अपने हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि बदायूं की जामा मस्जिद को भी निशाना बनाया जा रहा है। उसकी अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।
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असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर लिखा है कि एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) जो भारत सरकार के तहत काम करती है, और उत्तर प्रदेश सरकार भी केस में पार्टी है। दोनों सरकारों को 1991 एक्ट के अनुसार अपनी बात रखनी होगी। हिंदुत्ववादी तंजीमें किसी भी हद तक जा सकती हैं। उन पर रोक लगाना भारत के अमन के लिए बहुत जरूरी है।
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उन्होंने लिखा है कि बदायूं की जामा मस्जिद को नीलकंठ महादेव का मंदिर बताकर कोर्ट में वाद दायर किया गया था। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को इस मामले में सुनवाई हुई थी। इसमें इंतजामिया कमेटी के पक्ष की तरफ से शनिवार से बहस शुरू की गई है। हाल ही में संभल की जामा मस्जिद पर सर्वे को लेकर हुई हिंसा के बाद बदायूं कोर्ट में इस मामले की पहली सुनवाई हुई थी।
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