किशनगंज में AIMIM सांसद ओवैसी का निर्देश: विधायक अख्तरुल ईमान को हफ्ते में दो दिन ब्लॉक दौरे के लिए कहा
अख्तरुल ईमान AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वे मूल रूप से पूर्व RJD और JD(U) नेता रहे हैं। 2015 में AIMIM में शामिल होने के बाद 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में
किशनगंज। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार के किशनगंज में अपने विधायक अख्तरुल ईमान को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे हफ्ते में कम से कम दो दिन स्थानीय ब्लॉक स्तर पर रहकर जनता की समस्याओं का समाधान करें। यह बात ओवैसी ने एक हालिया बैठक में कही, जहां उन्होंने पार्टी की जमीनी मजबूती पर जोर दिया। किशनगंज, जो सीमांचल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण जिला है, में मुस्लिम आबादी अधिक होने के कारण AIMIM के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। ओवैसी का यह निर्देश पार्टी को वोटों के ध्रुवीकरण से बचाने और स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय दिखाने का प्रयास है। अख्तरुल ईमान, जो अमौर विधानसभा क्षेत्र से AIMIM के इकलौते विधायक हैं, ने इस निर्देश का स्वागत किया और कहा कि वे इसे तुरंत लागू करेंगे। यह कदम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले AIMIM की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां पार्टी तीसरे मोर्चे के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है।
यह बैठक 20 नवंबर 2025 को किशनगंज के एक स्थानीय सामुदायिक केंद्र में हुई। ओवैसी बिहार के सीमांचल क्षेत्र में अपनी 'सीमांचल न्याय यात्रा' के दौरान पहुंचे थे। इस यात्रा का उद्देश्य किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया जैसे जिलों में अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं को उजागर करना था। बैठक में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और युवा शामिल हुए। ओवैसी ने कहा कि विधायक का काम केवल विधानसभा सत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जनता ने हमें चुना है, तो हमें उनके बीच रहना होगा। हफ्ते में दो दिन ब्लॉक स्तर पर बैठना जरूरी है, ताकि बाढ़, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी स्थानीय समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके। ईमान ने जवाब दिया कि वे पहले से ही सक्रिय हैं, लेकिन अब इसे और व्यवस्थित करेंगे। उन्होंने बताया कि किशनगंज जिले के थाकुरगंज, बहादुरगंज और कोचाधमान जैसे ब्लॉकों में नियमित दौरे शुरू कर देंगे।
अख्तरुल ईमान AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वे मूल रूप से पूर्व RJD और JD(U) नेता रहे हैं। 2015 में AIMIM में शामिल होने के बाद 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में अमौर सीट से जीते। उस चुनाव में AIMIM ने सीमांचल में पांच सीटें जीतीं, लेकिन 2022 में चार विधायक RJD में चले गए। ईमान ही इकलौते बचे। ओवैसी ने ईमान की निष्ठा की सराहना की और कहा कि ऐसे समर्पित नेता ही पार्टी को मजबूत बनाएंगे। बैठक में ओवैसी ने सीमांचल की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है, बुनियादी सुविधाएं कम हैं और अल्पसंख्यकों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है। केंद्र और राज्य सरकारों से सीमांचल विकास परिषद बनाने की मांग दोहराई। ओवैसी ने लोकसभा में प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किया था, जिसमें अनुच्छेद 371 के तहत विशेष दर्जा देने की बात कही गई।
किशनगंज जिला बिहार का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला क्षेत्र है, जहां लगभग 68 प्रतिशत लोग मुस्लिम समुदाय से हैं। यहां की विधानसभा सीटें अमौर, बहादुरगंज, कोचाधमान, ठाकुरगंज और किशनगंज शामिल हैं। AIMIM ने 2020 में यहां अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन वोट विभाजन के आरोप लगे। विपक्षी दल उन्हें BJP का 'बी-टीम' कहते हैं। ओवैसी ने इसका खंडन किया और कहा कि हम मुसलमानों के हक की आवाज हैं। इस बार पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। INDIA गठबंधन से गठबंधन की कोशिश की, लेकिन असफल रही। अब तीसरा मोर्चा बनाने की बात चल रही है। ईमान ने कहा कि ओवैसी का निर्देश पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा। हम ब्लॉक कार्यालयों में शिकायत निवारण केंद्र खोलेंगे।
ओवैसी की सीमांचल यात्रा अक्टूबर 2025 में शुरू हुई थी। उन्होंने चार दिनों में किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया का दौरा किया। यात्रा में 25 से ज्यादा रैलियां हुईं। ओवैसी ने कहा कि सीमांचल को उपेक्षित रखा गया है। बाढ़ हर साल सैकड़ों गांवों को प्रभावित करती है, लेकिन राहत कार्य देरी से पहुंचते हैं। शिक्षा में स्कूलों की कमी, स्वास्थ्य में अस्पतालों का अभाव। उन्होंने युवाओं से अपील की कि AIMIM से जुड़ें और बदलाव लाएं। ईमान ने यात्रा की सफलता बताई और कहा कि हजारों लोग जुड़े। अब विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सीमांचल की 24 सीटें दांव पर हैं। AIMIM यहां मजबूत पकड़ बनाने को बेताब है।
यह निर्देश AIMIM की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी का मानना है कि विधायक ब्लॉक स्तर पर रहेंगे, तो जनता का विश्वास बढ़ेगा। किशनगंज में बेरोजगारी अधिक है। युवा पलायन कर रहे हैं। ओवैसी ने स्थानीय उद्योग लगाने की बात कही। ईमान ने बताया कि वे हर मंगलवार और गुरुवार को ब्लॉक दौरे करेंगे। शिकायतों का तुरंत निपटारा। बैठक में कार्यकर्ताओं ने ओवैसी की तारीफ की। एक युवा नेता ने कहा कि ओवैसी का आना पार्टी के लिए वरदान है। हम 2025 चुनाव में दोगुनी सीटें जीतेंगे। विपक्ष ने AIMIM पर वोट काटने का आरोप लगाया, लेकिन ओवैसी ने कहा कि हम सच्चे प्रतिनिधि हैं।
बिहार चुनाव 2025 में NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर है। AIMIM तीसरा विकल्प बनना चाहती है। ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को सही प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा। RJD और कांग्रेस से गठबंधन की पेशकश की, लेकिन ठुकराई गई। अब स्वतंत्र लड़ाई। ईमान ने कहा कि हम छह सीटें मांग रहे थे, लेकिन नहीं मिलीं। अब 100 सीटों पर फोकस। किशनगंज लोकसभा सीट पर भी AIMIM मजबूत है। 2019 में ईमान लड़े, लेकिन हार गए। इस बार उम्मीदें अधिक। ओवैसी ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने को कहा।
सीमांचल क्षेत्र बिहार का पिछड़ा हिस्सा है। यहां बाढ़, गरीबी और बेरोजगारी प्रमुख समस्या। AIMIM ने विकास के वादे किए। ओवैसी ने कहा कि सत्ता में आने पर सीमांचल को विशेष पैकेज देंगे। ईमान ने स्थानीय मुद्दों पर काम शुरू किया। ब्लॉक दौरे से ग्रामीणों तक पहुंच। एक ग्रामीण ने कहा कि विधायक आएंगे, तो समस्याएं सुलझेंगी। पार्टी ने युवा विंग मजबूत किया। महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम। ओवैसी का निर्देश पार्टी को अनुशासित बनाएगा।
यह घटना AIMIM की सक्रियता दिखाती है। ओवैसी बिहार में कई बार आए। मई 2025 में चुनाव अभियान शुरू किया। सितंबर में न्याय यात्रा। हर बार किशनगंज फोकस। ईमान ओवैसी के करीबी। वे बिहार AIMIM को मजबूत बना रहे। निर्देश से पार्टी की छवि सुधरेगी। विपक्षी नेता ने कहा कि यह शोबाजी है, लेकिन जनता फैसला करेगी। AIMIM ने सोशल मीडिया पर प्रचार तेज। वीडियो शेयर कर रहे। ओवैसी का भाषण वायरल।
बिहार में मुस्लिम वोट 17 प्रतिशत। सीमांचल में अधिक। AIMIM इन्हें एकजुट करना चाहती। ओवैसी ने कहा कि हम BJP के खिलाफ लड़ेंगे। INDIA गठबंधन ने हमारा उपयोग किया, लेकिन अब अकेले। ईमान ने कहा कि हफ्ते में दो दिन ब्लॉक से जनता जुड़ेगी। शिकायत पोर्टल बनाएंगे। यह कदम पार्टी को लोकप्रिय बनाएगा। किशनगंज के लोग उत्साहित। ओवैसी की यात्रा सफल। अब चुनावी जंग। AIMIM तीसरा ध्रुव बनेगी।
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