Ambedkarnagar : टांडा में पेयजल की गुणवत्ता जांच कर रहे विशेषज्ञ, शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित
जलकल विभाग ने ओटी जांच शुरू की है। जलकल अवर अभियंता आशीष कुमार चौहान के नेतृत्व में वार्ड 20 कस्बा पूर्व और वार्ड 17 कस्बा पश्चिम में जांच हुई। दोनों वार्डों में दस-दस
टांडा, अंबेडकरनगर। टांडा के लोगों को शुद्ध पेयजल मिले, इस उद्देश्य से नगर पालिका परिषद ने पानी की गुणवत्ता की सख्त जांच शुरू की है। प्रभारी अधिशासी अधिकारी नीरज गौतम के निर्देश पर ओटी जांच (ऑर्थोटोलिडाइन टेस्ट) के जरिए विभिन्न वार्डों में पेयजल की जांच की जा रही है। इससे पानी मानक के अनुसार शुद्ध रहता है। जलकल विभाग ने ओटी जांच शुरू की है। जलकल अवर अभियंता आशीष कुमार चौहान के नेतृत्व में वार्ड 20 कस्बा पूर्व और वार्ड 17 कस्बा पश्चिम में जांच हुई। दोनों वार्डों में दस-दस घरों से पानी के नमूने लिए गए और उनमें क्लोरीन की मात्रा का परीक्षण किया गया।
आशीष कुमार चौहान ने बताया कि इस जांच से पेयजल की गुणवत्ता का पता चलता है। पेयजल में क्लोरीन की मात्रा 0.2 पीपीएम से 0.5 पीपीएम के बीच होनी चाहिए। इससे ज्यादा होने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने कहा कि टांडा में सिकंदराबाद मोहल्ला और जुबेर चौराहा के पास ओवरहेड टैंक हैं। इन टैंकों की नियमित सफाई कराई जाती है। जांच में कहीं भी दूषित पानी नहीं मिला। जल निगम के विकास कार्यों से कुछ जगहों पर अस्थायी परेशानी आ रही है, लेकिन कुल मिलाकर पेयजल की गुणवत्ता संतोषजनक है।
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