Ambedkarnagar : अन्तर्महाविद्यालयीय महिला खो-खो प्रतियोगिता- अवध विश्वविद्यालय कैंपस बनी विजेता, अमेठी उपविजेता
फाइनल से पहले सेमीफाइनल मैच बहुत रोमांचक रहे। ग्रुप ए में आरआर पीजी कॉलेज अमेठी और गनपत सहाय पीजी कॉलेज सुल्तानपुर के बीच तथा ग्रुप बी में श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज
अम्बेडकरनगर के जलालपुर में बाबा बरुआ दास पीजी कॉलेज, परुइय्या आश्रम में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के तत्वावधान में दो दिवसीय अन्तर्महाविद्यालयीय महिला खो-खो प्रतियोगिता का समापन हुआ। पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम खत्म हुआ जिसमें अवध विश्वविद्यालय कैंपस (आवासीय परिसर) की टीम विजेता बनी और आरआर पीजी कॉलेज अमेठी की टीम उपविजेता रही।
फाइनल से पहले सेमीफाइनल मैच बहुत रोमांचक रहे। ग्रुप ए में आरआर पीजी कॉलेज अमेठी और गनपत सहाय पीजी कॉलेज सुल्तानपुर के बीच तथा ग्रुप बी में श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज कलान और अवध विश्वविद्यालय कैंपस के बीच कड़ी टक्कर हुई। इन मैचों को जीतकर दोनों टीमें फाइनल में पहुंचीं। फाइनल में अवध विश्वविद्यालय कैंपस की टीम ने बेहतरीन तकनीक और खेल दिखाकर खिताब जीता जबकि अमेठी की टीम दूसरे स्थान पर रही। मेजबान कॉलेज की टीम का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। टीम को तैयार करने में प्रशिक्षक डॉ. शम्भूनाथ प्रजापति, डॉ. गुंजन सिंह और आलोक यादव ने अहम भूमिका निभाई।
समापन समारोह में कई विकास कार्यों की घोषणा हुई। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुन्दर वर्मा ने कॉलेज के मुख्य गेट से प्रवेश मार्ग को इंटरलॉकिंग कराने का वादा किया जिसे मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया तथा कहा कि ग्रामीण इलाकों में ऐसी प्रतियोगिताएं महिलाओं के सशक्तिकरण का अच्छा उदाहरण हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्राचार्य प्रो. परेश कुमार पाण्डेय ने अतिथियों के सहयोग पर धन्यवाद दिया और कहा कि खेल का मैदान छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाता है। उद्घाटन में एमएलसी डॉ. हरिओम पाण्डेय ने छात्राओं के लिए महिला कॉमन रूम बनाने की घोषणा की थी।
प्रतियोगिता की सफलता में क्रीड़ा प्रभारी डॉ. कुलदीप सिंह की मुख्य भूमिका रही। उनके साथ ज्ञानेन्द्र वर्मा ने भी खूब मेहनत की। संचालन डॉ. सत्य प्रकाश पाण्डेय ने किया। इस मौके पर पूर्व भाजपा अध्यक्ष राम प्रकाश यादव, अवध विश्वविद्यालय क्रीड़ा सचिव प्रो. आशीष प्रताप सिंह, बीएनकेबी पीजी कॉलेज प्राचार्या प्रो. शुचिता पाण्डेय, आक्टा शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. जन्मेजय तिवारी आदि मौजूद रहे। पर्यवेक्षक कृष्ण कुमार विश्वकर्मा और डॉ. पूनम जोशी ने निष्पक्ष फैसले सुनिश्चित किए। कॉलेज ने पूर्व आचार्यों और कुछ लोगों का भी सम्मान किया। संयोजक व उप-प्राचार्य डॉ. पवन कुमार गुप्त ने सभी का आभार जताया और खिलाड़ियों को प्रेरित किया कि सफलता और असफलता एक सिक्के के दो पहलू हैं। सच्चा खिलाड़ी प्रयास और खेल भावना को महत्व देता है।
Also Click : डिजिटल माध्यम से योगी सरकार की रोजगारपरक योजनाओं को आम जन तक पहुंचा रहा यूपीकॉन
What's Your Reaction?









