बिहार डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने परिवार सहित डाला वोट, कहा जंगलराज की वापसी रोकने का आज आखिरी मौका।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सुबह नौ बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ पटना के बाढ़ अनुमंडल के मध्य विद्यालय मिर्जापुर में डिप्टी मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा अपनी
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सुबह नौ बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ पटना के बाढ़ अनुमंडल के मध्य विद्यालय मिर्जापुर में डिप्टी मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा अपनी पत्नी रीता सिन्हा और बेटी के साथ सबसे पहले मतदाता बने। बूथ नंबर 145 पर उन्होंने ईवीएम में बटन दबाकर अपना वोट डाला और बाहर निकलते ही मीडिया से मुखातिब हुए। सफेद कुर्ता पायजामा और नीली नेहरू जैकेट में नजर आ रहे सिन्हा ने कहा कि आज बिहार के लोग दो रास्ते चुन रहे हैं एक तरफ डबल इंजन की सरकार जो विकास की गाड़ी को रफ्तार दे रही है दूसरी तरफ जंगलराज की वापसी चाहने वाले लोग।
उन्होंने सीधे राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बिहार में अपहरण उद्योग चलता था लोग बिहारी कहलाने में शर्मिंदा होते थे बाहर जाकर कहते थे कि हम पटना के नहीं बल्कि दिल्ली के हैं। लेकिन पिछले अठारह साल में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ने मिलकर बिहार को नई पहचान दी। अब बिहारी गाली नहीं गर्व की बात है। जो लोग फिर से जंगलराज लाना चाहते हैं उन्हें आज मुंहतोड़ जवाब देना है। सिन्हा ने कहा कि आज का मतदान प्रतिशत जितना ऊंचा होगा उतना ही बिहार मजबूत बनेगा।
विजय सिन्हा खुद लखीसराय जिले की 167 लखीसराय विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। 2020 में भी वे यहीं से जीते थे और तब से लगातार दूसरी बार डिप्टी सीएम बने हुए हैं। सुबह सात बजे से ही वे बाढ़ इलाके में घूम घूम कर लोगों से वोट की अपील कर रहे थे। उनके साथ भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे मोदी नीतीश जिंदाबाद डबल इंजन की सरकार फिर से एक बार।
मतदान के बाद सिन्हा ने अपने क्षेत्र में कई बूथों का दौरा किया। मसौढ़ी में महिलाओं की लंबी कतार देखकर वे रुक गए और सभी से कहा कि आपका एक वोट बिहार को फिर से नंबर वन राज्य बनाएगा। एक बुजुर्ग महिला ने जब कहा कि पहले तो वोट डालने से डर लगता था अब बेखौफ होकर डाल रही हूं तो सिन्हा ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
सिन्हा ने मीडिया को बताया कि हमारे गठबंधन को हर बूथ से अच्छे संकेत मिल रहे हैं। राजद वाले हताश होकर अफवाह फैला रहे हैं कि ईवीएम खराब है लेकिन सच यह है कि जनता ने उन्हें नकार दिया है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं लेकिन जमीन पर कहीं नहीं दिखते।
सिन्हा ने यह भी बताया कि सुबह छह बजे से ही वे घर से निकल चुके थे। उनकी पत्नी रीता सिन्हा ने कहा कि मैं हर चुनाव में पति के साथ वोट डालती हूं यह हमारा परिवार का रिवाज है। बेटी ने पहली बार वोट डाला और उत्साहित थी। सिन्हा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी समझदार है वह जानती है कि बिहार का भविष्य एनडीए के साथ ही सुरक्षित है।
सिन्हा ने सभी बूथ एजेंट्स को फोन करके कहा कि आखिरी मतदाता तक वोट डलवाएं। रात आठ बजे तक वे अपने चुनाव कार्यालय में बैठे रहे और हर बूथ की रिपोर्ट लेते रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि डिप्टी सीएम ने खुद चाय बनाकर सबको पिलाई और कहा कि जीत का जश्न कल से शुरू होगा।
इस बीच राजद ने सिन्हा के बयान पर पलटवार किया। प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि भाजपा वाले डर की राजनीति कर रहे हैं। जनता जानती है कि पंद्रह साल में नीतीश जी ने कुछ नहीं किया सिर्फ कुर्सी बचाई। अब बिहार बदलाव चाहता है। लेकिन जमीन पर एनडीए का दबदबा साफ दिख रहा था।
विजय सिन्हा का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हजारों लोगों ने लिखा कि सही कहा सर अब बिहारी गर्व की बात है। कई पुराने वीडियो भी वायरल हुए जिसमें लोग बाहर बिहारी कहलाने से डरते थे। लोगों ने कमेंट किया कि नीतीश मोदी ने सचमुच बिहार बदल दिया।
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