दिल्ली पुलिस ने डॉक्टर दंपति से 14.85 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी में 1.9 करोड़ फ्रीज किए, 700 से ज्यादा म्यूल अकाउंट्स ट्रेस।
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले 81 वर्षीय डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी 77 वर्षीय पत्नी डॉक्टर इंदिरा तनेजा, जो एनआरआई हैं तथा अमेरिका
- 24 दिसंबर से 9 जनवरी तक दो हफ्ते से अधिक डिजिटल अरेस्ट में रखे गए बुजुर्ग एनआरआई डॉक्टर कपल, 700 म्यूल अकाउंट्स से रकम घुमाई गई
- ग्रेटर कैलाश निवासी 81 वर्षीय ओम तनेजा और 77 वर्षीय इंदिरा तनेजा से 14.85 करोड़ ठगे गए, पुलिस ने कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच तेज की
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले 81 वर्षीय डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी 77 वर्षीय पत्नी डॉक्टर इंदिरा तनेजा, जो एनआरआई हैं तथा अमेरिका से 2016 में लौटकर दिल्ली में बस गए थे, साइबर ठगों के शिकार बने। ठगी 24 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक चली, जिसमें ठगों ने उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। ठगों ने TRAI और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के रूप में खुद को पेश किया तथा मनी लॉन्ड्रिंग, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फर्जी आरोप लगाए। दंपति को लगातार फोन और वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया तथा किसी से संपर्क न करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान डॉक्टर इंदिरा तनेजा को उनके पति के फोन पर वीडियो कॉल शुरू कर उनके मूवमेंट्स की जांच की जाती थी। ठगों ने उन्हें बैंक में जाकर बड़े ट्रांसफर करवाए तथा बैंक अधिकारियों को दिए जाने वाले जवाबों की स्क्रिप्ट भी प्रदान की। कुल आठ ट्रांसफर किए गए, जिनमें राशि 2 करोड़ से 2.10 करोड़ तक थी तथा कुल 14.85 करोड़ रुपये ठगे गए। दंपति ने अपने म्यूचुअल फंड्स भी समय से पहले निकाले। मामला 9 जनवरी को तब सामने आया जब ठगों के कॉल अचानक बंद हो गए तथा दंपति ने पुलिस से संपर्क किया।
दिल्ली पुलिस ने मामले की शिकायत मिलते ही ई-एफआईआर दर्ज की तथा जांच स्पेशल सेल की साइबर यूनिट IFSO को सौंपी। जांच में पता चला कि ठगी की राशि को कई राज्यों में फैले 700 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट्स के माध्यम से घुमाया गया। ये अकाउंट्स टूर एंड ट्रैवल बिजनेस, रिक्रूटमेंट फर्म्स तथा चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन्स के नाम पर खोले गए थे। राशि पहले गुजरात, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तराखंड में सात प्राइमरी अकाउंट्स में ट्रांसफर हुई। उदाहरण के लिए 2 जनवरी को 2 करोड़ रुपये ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार पहुंचे तथा 5 जनवरी को 2.05 करोड़ रुपये मुंबई के नेपियन सी रोड पर ट्रांसफर हुए। पुलिस ने बैंकों से KYC रिकॉर्ड्स, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री तथा आईपी लॉग्स मांगे हैं। पुलिस ने 1.9 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं तथा और अकाउंट्स फ्रीज करने की प्रक्रिया जारी है।
ठगों ने दंपति को राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताकर डराया तथा मुंबई में पेश होने की धमकी दी। वीडियो कॉल पर पुलिस यूनिफॉर्म में व्यक्ति तथा कोलाबा पुलिस स्टेशन का बैकग्राउंड दिखाया गया। दंपति ने बार-बार अपनी मेडिकल कंडीशन तथा सपोर्ट की कमी बताई लेकिन दबाव जारी रहा। दंपति ने पैसे ट्रांसफर करते समय बैंक में स्क्रिप्ट के अनुसार कहा कि वे निवेश या ट्रस्ट बनवा रहे हैं। जब दंपति थाने पहुंचे तो ठगों ने SHO से भी बदतमीजी की तथा धमकी दी। दंपति सदमे में हैं तथा जीवन भर की कमाई गंवा बैठे हैं।
पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है जो मनी ट्रेल ट्रेस कर रही हैं तथा मुख्य ऑपरेटर्स की तलाश में हैं जो फंड्स मूवमेंट तथा म्यूल अकाउंट होल्डर्स की भर्ती कर रहे हैं। बैंकों तथा फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट्स से सहायता ली जा रही है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन जांच तेज है। यह मामला डिजिटल अरेस्ट स्कैम की गंभीरता दर्शाता है जहां ठग वीडियो कॉल से लगातार निगरानी रखते हैं तथा पीड़ितों को अलग-थलग कर देते हैं। पुलिस ने क्रॉस-बॉर्डर नेचर के कारण रिकवरी की चुनौतियां बताई हैं। दंपति ने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की तथा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में आगे और अकाउंट्स फ्रीज होने की संभावना है।
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