मकर संक्रांति से पहले तेज प्रताप यादव ने राबड़ी आवास पहुंचकर लालू-राबड़ी-तेजस्वी को दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण दिया।
तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पहुंचकर अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी
- परिवार से बेदखल होने के बाद पहली बार पूरे परिवार से मिले तेज प्रताप, भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाया और न्योता सौंपा
- तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर कर 10 सर्कुलर रोड आवास पर मुलाकात और आशीर्वाद प्राप्ति का विवरण दिया
तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पहुंचकर अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी से मुलाकात की तथा उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से भी भेंट की। मुलाकात का मुख्य उद्देश्य 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर 26 एम स्ट्रैंड रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के लिए निमंत्रण पत्र सौंपना था। तेज प्रताप यादव ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया और परिवार के सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया। इस मुलाकात में तेज प्रताप ने तेजस्वी यादव की बेटी और अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में लिया तथा खिलाया, जो भावुक क्षण के रूप में सामने आया। यह मुलाकात परिवार और पार्टी से अलग होने के कई महीनों बाद हुई, जिसमें तेज प्रताप यादव ने आशीर्वाद लेने पर जोर दिया।
तेज प्रताप यादव ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की, जहां उन्होंने लिखा कि वे 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे और पिता लालू प्रसाद यादव तथा माता राबड़ी देवी से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने छोटे भाई तेजस्वी यादव से भेंट का भी उल्लेख किया तथा उन्हें 14 जनवरी को होने वाले दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया। पोस्ट में परिवार के साथ तस्वीरें साझा की गईं, जिसमें निमंत्रण सौंपने और भतीजी के साथ खेलने के क्षण शामिल थे। यह पोस्ट भावुक था, जिसमें उन्होंने मुलाकात को खास बताया। मुलाकात के दौरान पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहा तथा तेज प्रताप ने पिता के पैर छुए। यह घटना बिहार में मकर संक्रांति के पारंपरिक दही-चूड़ा भोज की परंपरा से जुड़ी है, जो राजनीतिक महत्व रखती है।
तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल के प्रमुख हैं तथा उन्होंने इस भोज को सांस्कृतिक आयोजन बताया है। उन्होंने बिहार के कई नेताओं और मंत्रियों को भी निमंत्रण दिए हैं, जिसमें एनडीए से जुड़े नेता शामिल हैं। परिवार को निमंत्रण देने की यह पहल परिवार में एकता का संकेत मानी जा रही है। मुलाकात पटना में हुई तथा तेज प्रताप ने निमंत्रण पत्र हाथों-हाथ सौंपा। यह पहली बार था जब वे परिवार से अलग होने के बाद पूरे परिवार से मिले, जिसमें पिता, माता, भाई और भतीजी शामिल थे।
इस घटना से पहले तेज प्रताप यादव ने अन्य नेताओं को भी निमंत्रण दिए थे, लेकिन परिवार को आमंत्रित करना विशेष महत्व रखता है। मुलाकात के बाद सभी की नजरें 14 जनवरी के भोज पर टिकी हैं, जहां परिवार के सदस्यों की उपस्थिति पर चर्चा हो रही है। तेज प्रताप ने मुलाकात को आशीर्वाद प्राप्ति के रूप में वर्णित किया। तेज प्रताप यादव ने परिवार के साथ बिताए क्षणों को महत्वपूर्ण बताया तथा निमंत्रण को औपचारिक रूप से सौंपा। यह मुलाकात बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बनी, क्योंकि तेज प्रताप पहले राजद से निष्कासित हो चुके हैं। परिवार में यह पहली प्रमुख मुलाकात मानी जा रही है। भोज का आयोजन तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर होगा तथा यह मकर संक्रांति की परंपरा का हिस्सा है। परिवार को निमंत्रण देने से राजनीतिक और पारिवारिक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुलाकात में भावुक पल सामने आए तथा तस्वीरें साझा की गईं।
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