Sambhal: दीपावली पर सम्भल की रंगोली की देशभर में बढ़ी मांग, नारी शक्ति बनी उत्सव की पहचान। 

दीपों के पर्व दीपावली के आते ही बाजारों में सम्भल की रंगोली की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है। होली पर रंग और गुलाल बनाने वाली सम्भल की मशहूर फर्म इस बार भी

Oct 17, 2025 - 19:21
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Sambhal: दीपावली पर सम्भल की रंगोली की देशभर में बढ़ी मांग, नारी शक्ति बनी उत्सव की पहचान। 
दीपावली पर सम्भल की रंगोली की देशभर में बढ़ी मांग, नारी शक्ति बनी उत्सव की पहचान। 

उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल: दीपों के पर्व दीपावली के आते ही बाजारों में सम्भल की रंगोली की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है। होली पर रंग और गुलाल बनाने वाली सम्भल की मशहूर फर्म इस बार भी दीपावली के लिए आकर्षक रंगोली तैयार कर रही है। धन की देवी मां लक्ष्मी के आगमन के स्वागत में रंगोली बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है और यह परंपरा अब हर घर की पहचान बन गई है।

रंगोली बनाने की परंपरा अब केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहरों के आधुनिक घरों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ा है। दीपावली के अवसर पर घर की साफ-सफाई, पेंटिंग, लाइटिंग के साथ-साथ घर की लक्ष्मी — यानी महिलाएं — रंगोली बनाकर अपने घरों को सजाती हैं। इस तरह दीपावली की रंगोली अब नारी शक्ति की मिसाल बन चुकी है।

सम्भल की इस रंगोली की उत्तर प्रदेश सहित देश के पांच राज्यों में भारी डिमांड है। कंपनी में ज्यादातर महिलाएं ही रंगोली तैयार करती हैं, जो न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपनी कला के दम पर दीपावली की रौनक बढ़ा रही हैं। वहीं घरों में भी महिलाएं ही आंगन और द्वार पर रंगोली बनाकर मां लक्ष्मी के स्वागत की परंपरा को निभाती हैं।

रंगोली मैन्यूफैक्चरर हर्ष गुप्ता बताते हैं कि “रंगोली शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। इसे घर के द्वार पर बनाने से बुरी नजर दूर रहती है। हर दिन थोड़ी-थोड़ी रंगोली बनाना सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है।” उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में पारंपरिक हिंदू त्यौहारों को बढ़ावा मिलने से रंगोली का चलन भी तेजी से बढ़ा है।

वहीं रंगोली खरीदने आई स्वाती रस्तोगी कहती हैं, “दीपावली पर रंगोली बनाना न सिर्फ मां लक्ष्मी का स्वागत है, बल्कि यह पूरे परिवार को एक साथ जोड़ने वाली परंपरा है। सम्भल की रंगोली के रंग टिकाऊ और चमकदार हैं, इसलिए हर साल यहीं से खरीदारी करती हूं।”

कुल मिलाकर दीपावली का यह पर्व नारी सशक्तिकरण, कला और संस्कृति का सुंदर संगम बन चुका है। सम्भल की रंगोली न केवल देशभर में सम्भल का नाम रोशन कर रही है, बल्कि दीपावली की पारंपरिक सुंदरता को भी और निखार रही है।

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