सम्भल हिंसा के आरोपियों की रिहाई पर रोक की मांग।
Sambhal: सम्भल शहर में हुई संप्रदायिक हिंसा के मामले में अब ‘सनातन सेवक संघ’ ने प्रशासन से आरोपियों की रिहाई पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष कैलाश चन्द्र गुप्ता
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल शहर में हुई संप्रदायिक हिंसा के मामले में अब ‘सनातन सेवक संघ’ ने प्रशासन से आरोपियों की रिहाई पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष कैलाश चन्द्र गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि 24 नवम्बर को हुई घटना के बाद शहर में तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया था। इस दौरान कई स्थानों पर उपद्रव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हुई। संगठन का कहना है कि यदि हिंसा के आरोपियों को समय से पहले रिहा किया गया तो सम्भल शहर की संवेदनशीलता और पूर्व इतिहास को देखते हुए दोबारा अशांति फैल सकती है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि निर्दोषों को राहत जरूर दी जाए, लेकिन जिन लोगों पर पुख्ता सबूत मौजूद हैं, उनकी रिहाई पर रोक लगाना आवश्यक है।
सनातन सेवक संघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि शहर की शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आरोपियों की रिहाई न की जाए और उन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों को छोड़ा गया तो इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विपरीत असर पड़ सकता है।
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