Deoband : सूद (ब्याज) की वजह से बरकत उठ गई- मौलाना इसहाक़ गोरा का बयान वायरल
उन्होंने सवाल उठाया: “क्या हमने कभी सोचा कि आखिर इसकी वजह क्या है?” मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने अफ़सोस के साथ कहा कि आज समाज में सूद का लेन-देन बेहद
देवबंद : इन दिनों प्रसिद्ध देवबन्दी उलेमा और बेबाक अंदाज़ के लिए मशहूर जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा का एक बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा, जो इस्लामी व सामाजिक मसलों पर खुलकर बोलने के कारण अक्सर सुर्ख़ियों में रहते हैं, इस बार मुसलमानों की रोज़ी में बरकत न होने की असली वजह सूद (ब्याज) का लेन-देन बता रहे हैं और इससे सख़्ती से बचने की ताकीद कर रहे हैं।
शनिवार को जारी इस वीडियो में मौलाना ने कहा कि आजकल अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि कारोबार अच्छा चल रहा है, नौकरी की तनख़्वाह भी माकूल है, पैसा भी खूब आ रहा है, मगर घर में ख़ैर व बरकत नहीं है और दिल को सुकून भी नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया: “क्या हमने कभी सोचा कि आखिर इसकी वजह क्या है?” मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने अफ़सोस के साथ कहा कि आज समाज में सूद का लेन-देन बेहद बढ़ गया है। “गाड़ी चाहिए तो लोन पर, फ्रिज़ चाहिए तो लोन पर, यहाँ तक कि मोबाइल तक लोग लोन पर ले रहे हैं। हम समझते हैं कि ज़िंदगी आसान बना रहे हैं, लेकिन हक़ीक़त में अपने घरों से बरकत को खुद निकाल रहे हैं।”
उन्होंने कुरआन की आयत का हवाला देते हुए कहा कि अल्लाह ने साफ़ फ़रमाया है: “अल्लाह ने सौदा हलाल किया और सूद को हराम किया”मौलाना ने पैग़म्बर मोहम्मद ﷺ की हदीस का ज़िक्र करते हुए कहा कि सूद लेने वाला, देने वाला, लिखने वाला और उस पर गवाह बनने वाला सब बराबर के गुनहगार हैं। उनके मुताबिक यह सिर्फ़ दीन का मसला नहीं है, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और घरों की बरकत से सीधा ताल्लुक रखता है।
आख़िर में मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने नसीहत करते हुए कहा: “बरकत सिर्फ़ ज़्यादा पैसे का नाम नहीं, बल्कि कम में भी सुकून और रहमत का होना है। आज ज़रूरत है कि हम अपने अंदर झाँकें, अपनी इस्लाह करें, कारोबार को पाक-साफ़ रखें और अल्लाह से तौबा करें। अगर हम सूद से बचें और हलाल कमाई अपनाएँ, तो अल्लाह हमारी रोज़ी में बरकत अता करेगा।” मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा का यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहा है। लोग इसे शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि यह महज़ एक बयान नहीं, बल्कि मुसलमानों के लिए सुधार और तौबा की दावत है।
Also Click : Saharanpur : शाकुम्भरी देवी मेले की तैयारियों का मंडलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक ने लिया जायजा
What's Your Reaction?











