Deoband : देवबंद में मानव कल्याण मंच ने शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित किया

मुख्य अतिथि चिकित्सक आशा सनावर ने Old_1: ने कहा कि यह दिन देश के महान शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उनके शिक्षा और ज्ञान के क्षे

Sep 3, 2025 - 17:37
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Deoband : देवबंद में मानव कल्याण मंच ने शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित किया
देवबंद में मानव कल्याण मंच ने शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित किया

देवबंद की प्रमुख सामाजिक संस्था मानव कल्याण मंच ने शिक्षक दिवस के अवसर पर श्री रामकृष्ण योगाश्रम इंटर कॉलेज में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर अंजलि पंवार (प्रधानाचार्या, दून हिल्स एकेडमी, देवबंद), वंदना जैन (प्रधानाचार्या, जैन कन्या हाई स्कूल, देवबंद), वजाहत शाह (पूर्व अध्यापक, लेखक और समीक्षक), संजीव कुमार (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, नन्हेरा), मीनू शर्मा (इंचार्ज टीचर, द दून वैली पब्लिक स्कूल, देवबंद), और प्रियंका अग्रवाल (कोऑर्डिनेटर, मेपल्स एकेडमी, देवबंद) को अंग वस्त्र और अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि चिकित्सक आशा सनावर ने कहा कि यह दिन देश के महान शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उनके शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में योगदान हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। श्री रामकृष्ण योगाश्रम इंटर कॉलेज की प्रबंधक साध्वी आशु ने शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक दीपक की तरह स्वयं को जलाकर छात्रों के जीवन को संवारता और उनका मार्गदर्शन करता है।

सम्मानित शिक्षिका अंजलि पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला भी सिखाती है। पूर्व अध्यापक रामशरण ने बताया कि शिक्षक विभिन्न संस्कृतियों के बीच सेतु बनाने का कार्य करते हैं और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वंदना जैन ने कहा कि शिक्षक छात्रों को जीवन के संघर्षों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। प्रियंका अग्रवाल ने शिक्षक दिवस के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह दिन हमें अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है।वजाहत शाह ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और देश की प्रगति में उनकी भूमिका अहम है। मीनू शर्मा ने बताया कि शिक्षकों के योगदान के बिना देश आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच सकता था। संजीव कुमार ने सम्मान के लिए मंच का आभार व्यक्त किया।

मंच के संस्थापक अरुण अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक छात्रों के चरित्र निर्माण और जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मां बच्चे को जन्म और पालन-पोषण देती है, जबकि शिक्षक उसे ज्ञान और शिष्टाचार सिखाता है। उन्होंने संस्कृत श्लोक "गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वरः, गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः" का उल्लेख करते हुए शिक्षक को जीवन का आधार देने वाला बताया।मंच के पूर्व अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि आज के दौर में शिक्षकों का कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है, फिर भी वे मेहनत और लगन से अपना दायित्व निभा रहे हैं, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मंच अध्यक्ष सुशील कर्णवाल ने वर्ष भर चलने वाले मंच के कार्यक्रमों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन पूजा छाबड़ा ने किया। इस अवसर पर शशि गुगलानी, अनीता बंसल, राजू सैनी, सुनील बंसल, प्रमोद मित्तल, नरेंद्र बंसल, राजकुमार जाटव, जितेंद्र कश्यप, लोकेश वत्स, अमन गोयल, पंकज गुप्ता, चंद्र प्रकाश गाबा, यश बंसल, अमित गर्ग, रविंद्र कश्यप, अजय बंसल, तनुराज वर्मा (मैनेजर, दून हिल्स एकेडमी), अश्विन गर्ग (पत्रकार), मयूर गर्ग, अलका अग्रवाल, प्रतिभा जैन, पूजा बंसल, मोनिका टांक, सीमा, बीना, सुजाता, ममता वर्मा, अंजलि त्यागी, चांदनी गर्ग आदि उपस्थित रहे।

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