Deoband News: रोज़ा रखने वालों पर ही बरसती हैं अल्लाह की रहमतें, मौलाना कारी इस्हाक ने बताई रमज़ान की विशेषताएं
पहले हिस्से को जो 10 दिन का है उसे रहमत कहा जाता है, दूसरा हिस्सा जो रमजान की 11 तारीख से 20 रमजान तक होता है उसे मगफिरत कहा जाता है और तीसरा हिस्सा जो 21 ...
By INA News Deoband.
देवबंद: जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि मुकद्दस रमजान माह तमाम महीनों का सरदार तो है ही साथ ही इस महीने में अल्लाह अपने बंदों की हर नेकी के बदले में इजाफा कर देता है। रमजान माह की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि इस महीने में अल्लाह अपने बंदों को खास नेअमतों से नवाजता है।
रमजान में हर इबादत और नेक अमल का सवाब बढ़ा दिया जाता है और बंदा-ए-मोमिन की हर नेकी के बदले में इजाफा हो जाता है। इसलिए रमजान को महीनों का सरदार कहा गया है।
उन्होंने कहा कि रमजान माह में तीन हिस्से हैं और हर हिस्से का नाम दिया गया है। पहले हिस्से को जो 10 दिन का है उसे रहमत कहा जाता है, दूसरा हिस्सा जो रमजान की 11 तारीख से 20 रमजान तक होता है उसे मगफिरत कहा जाता है और तीसरा हिस्सा जो 21 रमजान से शुरु होकर 30 रमजान को खत्म होता है उसे जहन्नुम से आजादी का हिस्सा कहा जाता है।
यानी रमजान माह में अल्लाह अपने बंदों पर रहमत, मगफिरत और जहन्नुम से आजादी के दरवाजे खोल देता है। उन्होंने कहा कि यह सब चीजें रोज़ा रखने वाले को मिलती है जो अल्लाह की नजदीकी पाने के लिए और उसे खुश रखने के लिए रोज़ा रखता है। यदि कोई रोज़ा नहीं रखता और जान बूझकर ऐसा करता है तो वो खुदा से बगावत का ऐलान करता है, और अल्लाह ऐसे बागियों को सजा देता है।
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