Deoband : रीति-रिवाजों के नाम पर बंद हो फिजूलखर्ची, बच्चों को पढ़ाएं: मुफ्ती खुबैब
बुधवार को मोहल्ला लहसवाड़ा में हुए कार्यक्रम में मुफ्ती सैयद खुबैब मदनी ने कहा कि सगाई और शादी की रस्में, अनावश्यक दहेज देने की प्रथा और दिखावे के लिए मोटा खर्च
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने शुरु किया समाज सुधार एवं नशा मुक्ति अभियान
मोहल्ला लहसवाड़ा में हुआ जमीयत का कार्यक्रम
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद (अरशद मदनी गुट) के समाज सुधार एवं नशा मुक्ति अभियान के तहत बुधवार को कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें मुस्लिम समाज से शादी समेत अन्य समारोह में होने वाली फिजूलखर्ची से बचने, उससे बचने वाले रकम को बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करने और युवाओं को नशे की लत से बचने के लिए प्रेरित किया।
बुधवार को मोहल्ला लहसवाड़ा में हुए कार्यक्रम में मुफ्ती सैयद खुबैब मदनी ने कहा कि सगाई और शादी की रस्में, अनावश्यक दहेज देने की प्रथा और दिखावे के लिए मोटा खर्च कर मैरिज हॉल बुक करना यह सभी शरीयत के उसूलों के खिलाफ हैं, जिससे समाज के गरीब और असहाय लोगों के दिलों को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह में जो रकम पानी की तरह बरबाद की जाती है, लोगों को चाहिए कि वह अपनी उस मेहनत की गाढ़ी कमाई को बेटे बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर खर्च करें, ताकि आने वाली पीढि़यों तक इसका लाभ पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने समाज में युवाओं के बीच तेजी के साथ पैर पसार रही नशे की लत पर चिंता जताई और समाज से युवाओं को इस दल दल से बाहर निकालने और इसके प्रति लोगों को जागरुक करने का आह्वान किया। मौलाना मुफ्ती खादिमुल इस्लाम ने बताया जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के निर्देश पर पूरे देश में समाज सुधार और नशा मुक्ति अभियान चलाया हुआ है, ताकि लोगों को कुरीतियों से बचाया जा सके। अध्यक्षता मुफ्ती कोकब आलम व संचालन मुफ्ती खादिम हुसैन कासमी ने किया। इस मौके पर मो. अल्ताफ, मोहम्मद मारूफ, मौलाना राशिद मजाहिरी, मो. अफजल, हाजी इनाम, कलीम, मो. मुस्तफ़ा, नासिर कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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