बिजनौर में नौकरानी की घिनौनी करतूत- खाने में पेशाब मिलाने का सीसीटीवी में खुलासा, पुलिस ने किया गिरफ्तार।
Bijnor Viral News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू नौकरानी पर अपने मालिक के खाने में पेशाब मिलाने का आरोप लगा है। यह
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू नौकरानी पर अपने मालिक के खाने में पेशाब मिलाने का आरोप लगा है। यह घटना तब सामने आई जब घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में नौकरानी की हरकत रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना गाजियाबाद में हाल ही में सामने आए एक समान मामले के बाद सुर्खियों में है, जहां एक नौकरानी को आठ साल तक खाने में पेशाब मिलाने के लिए गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के अनुसार, बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में रहने वाले एक व्यापारी के घर में पिछले दस साल से काम करने वाली नौकरानी, जिसका नाम रेखा (बदला हुआ नाम) बताया जा रहा है, पर यह गंभीर आरोप लगा है। व्यापारी के परिवार ने कुछ समय से खाने के स्वाद और उनकी सेहत में बदलाव महसूस किया था। परिवार के एक सदस्य को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है, जिसके बाद उन्होंने घर की रसोई में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। कैमरे की फुटेज में साफ दिखा कि नौकरानी रसोई में एक गिलास में पेशाब करती है और फिर उस पेशाब को धुले हुए बर्तनों पर छिड़क देती है। इसके अलावा, वह इस पेशाब को खाने में भी मिलाती थी, जो परिवार के लिए बनाया जाता था।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद व्यापारी ने तुरंत नजीबाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 20 अगस्त 2025 को रेखा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान नौकरानी ने शुरू में आरोपों से इनकार किया, लेकिन जब उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, नौकरानी ने बताया कि वह व्यक्तिगत रंजिश के कारण ऐसा कर रही थी। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि यह रंजिश क्या थी और इसे स्पष्ट करने के लिए पुलिस अब गहन जांच कर रही है। नौकरानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 328 (जहर या हानिकारक पदार्थ देकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह घटना गाजियाबाद में अक्टूबर 2024 में सामने आए एक समान मामले की याद दिलाती है। गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में एक रियल एस्टेट कारोबारी के घर में काम करने वाली नौकरानी रीना को आठ साल तक खाने में पेशाब मिलाने के लिए गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में भी सीसीटीवी फुटेज ने खुलासा किया था कि नौकरानी आटे में पेशाब मिलाकर रोटियां बनाती थी। उस घटना ने पूरे देश में सनसनी मचा दी थी और लोगों ने घरेलू नौकरों पर भरोसा करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए थे। बिजनौर की इस ताजा घटना ने एक बार फिर इस तरह की हरकतों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं विश्वास को तोड़ने वाली हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि घर में काम करने वाले लोगों पर भरोसा करना अब मुश्किल हो गया है। कई लोग अब अपने घरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विचार कर रहे हैं। बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीरज कुमार जादौन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अपने घरों में काम करने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नौकरानी ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस ने यह भी बताया कि नौकरानी की गिरफ्तारी के बाद उसका मेडिकल टेस्ट कराया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए बर्तनों और खाने के नमूने भेजे गए हैं। इस जांच से यह पता लगेगा कि नौकरानी कितने समय से इस तरह की हरकत कर रही थी और इसका परिवार की सेहत पर क्या असर पड़ा। व्यापारी के परिवार के सदस्यों का भी मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी सेहत को कोई गंभीर नुकसान तो नहीं पहुंचा। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी है। कई लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि कोई इतने लंबे समय तक ऐसी घिनौनी हरकत कैसे कर सकता है। कुछ यूजर्स ने लिखा कि घरेलू नौकरों की नियुक्ति से पहले उनकी पूरी पृष्ठभूमि की जांच होनी चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने सरकार से मांग की है कि घरेलू कर्मचारियों के लिए एक नियामक तंत्र बनाया जाए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बिजनौर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों या गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें और पुलिस को अपना काम करने दें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला गाजियाबाद की घटना से अलग है और इसे किसी बड़े षड्यंत्र से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, दोनों घटनाओं की समानता ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश में घरेलू कर्मचारियों के साथ काम करने की प्रक्रिया पर नए सिरे से विचार करने की जरूरत को रेखांकित करती है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू नौकरों की भर्ती के लिए एक औपचारिक प्रणाली होनी चाहिए, जिसमें उनकी पृष्ठभूमि की जांच और पुलिस सत्यापन अनिवार्य हो। इसके अलावा, घरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है, जो न केवल सुरक्षा के लिए बल्कि इस तरह की घटनाओं को पकड़ने में भी मददगार साबित हो रही है। पुलिस इस मामले में नौकरानी के परिवार और उसके पिछले रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या नौकरानी ने किसी अन्य घर में भी इस तरह की हरकत की थी। इस घटना ने न केवल बिजनौर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में लोगों को सतर्क कर दिया है।
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