ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 क्षेत्र में घरेलू कलह और प्रताड़ना के चलते विवाहिता ने छत से कूदकर की आत्महत्या, इलाके में मची भारी सनसनी।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और रिहायशी केंद्र ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक
- विवाह के महज डेढ़ साल के भीतर ही एक और हंसती-खेलती जिंदगी का हुआ दर्दनाक अंत, मृतका के मायके वालों ने लगाया दहेज उत्पीड़न का गंभीर आरोप
- घटना की सूचना मिलते ही एक्शन मोड में आई कमिश्नरेट पुलिस, मृतका के आरोपी पति और ससुर को त्वरित कार्रवाई करते हुए किया गया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और रिहायशी केंद्र ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक और झंझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पारिवारिक ताने-बाने और महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है। क्षेत्र की एक घनी कॉलोनी में रहने वाली एक नवविवाहित महिला ने घरेलू कलह और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर मकान की छत से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस अप्रत्याशित और खौफनाक कदम के बाद पूरी कॉलोनी में मातम और सन्नाटा पसर गया है। शादी के कुछ ही समय बाद एक युवा महिला द्वारा इस तरह का आत्मघाती कदम उठाना यह दर्शाता है कि बंद कमरों के भीतर चलने वाला मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किस कदर किसी इंसान को मौत के मुंह में जाने के लिए मजबूर कर देता है।
इस दुखद मामले के मुख्य घटनाक्रम और पृष्ठभूमि पर विस्तार से नजर डालें तो यह बात सामने आती है कि मृतका का विवाह महज डेढ़ वर्ष पूर्व ही इस परिवार में पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था। शादी के शुरुआती कुछ महीनों तक तो सब कुछ सामान्य और खुशहाल दिखाई दे रहा था, लेकिन धीरे-धीरे ससुराल पक्ष का व्यवहार बदलने लगा। मृतका के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल वालों ने अतिरिक्त पैसों, कीमती सामानों और एक लग्जरी वाहन की मांग को लेकर विवाहिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। महिला ने कई बार अपनी इस आंतरिक पीड़ा को सहन किया और अपने स्तर पर ही मामले को सुलझाने की कोशिश की, ताकि उसका वैवाहिक जीवन सुरक्षित और सुखी बना रहे।
परंतु, विवाहिता की इस खामोशी और सहनशीलता को ससुराल पक्ष ने उसकी कमजोरी मान लिया और समय के साथ-साथ प्रताड़ना का यह सिलसिला और अधिक क्रूर होता चला गया। घटना वाले दिन भी घर के भीतर किसी बात को लेकर भयंकर विवाद हुआ, जिसने देखते ही देखते बेहद उग्र रूप धारण कर लिया। इस गंभीर कलह और रोज-रोज के तानों से पूरी तरह टूट चुकी महिला का धैर्य जवाब दे गया और वह रोती हुई मकान की सबसे ऊपरी मंजिल की छत की तरफ भागी। इससे पहले कि घर या पड़ोस का कोई व्यक्ति उसकी मनोस्थिति को समझ पाता या उसे रोकने का प्रयास करता, उसने छत की मुंडेर से नीचे पक्के फर्श पर छलांग लगा दी। जमीन पर गिरते ही महिला को गंभीर चोटें आईं और उसका अत्यधिक खून बह गया।
आस-पास के रहने वाले लोगों ने जब भारी आवाज सुनी और महिला को लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा देखा, तो तुरंत ही पूरे इलाके में शोर मच गया। स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन वॉर्ड में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, सिर और रीढ़ की हड्डी में अंदरूनी चोटें अत्यधिक गहरी होने के कारण इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले की लिखित सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियां हरकत में आईं और मामले की जांच के लिए तुरंत डॉक्टरों और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को काम पर लगाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग भी रोते-बिलखते अस्पताल और पुलिस स्टेशन पहुंचे, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रोते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत एक सामान्य आत्महत्या नहीं है, बल्कि उसे इस भयावह कदम को उठाने के लिए लगातार उकसाया गया था और परोक्ष रूप से उसकी हत्या की गई है। परिजनों की तहरीर और शुरुआती बयानों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत दहेज हत्या और प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत छापेमारी की और मुख्य नामजद आरोपियों, जिनमें मृतका का पति और उसका ससुर शामिल हैं, को अपनी हिरासत में ले लिया।
ग्रेटर नोएडा पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले की हर एक कड़ी की बेहद पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। घटना स्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम ने भी मुआयना किया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय छत पर कौन-कौन मौजूद था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मृतका के साथ कूदने से ठीक पहले कोई मारपीट की गई थी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेजों व गवाहों के बयानों को मजबूती से अदालत के सामने पेश किया जाएगा ताकि अपराधियों को उनके किए की सख्त से सख्त सजा मिल सके।
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