हरदोई। डीएपी खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे किसानों ने जिला उपभोक्ता सहकारी समिति कार्यालय के बाहर हनुमान चालिसा का पाठ कर अनोखे तरीके से विरोध जताया। किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी में लिप्त कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।जिले भर में डीएपी की कमी से किसानों में आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। खाद वितरण में अनियमितताएं और कालाबाजारी के आरोपों से किसान बेहद नाराज हैं। समितियों पर लंबी कतारों में लगे किसानों का कहना है कि दिन भर इंतजार के बावजूद खाद नहीं मिल रही। अधिकांश समितियां या तो बंद रहती हैं या सीमित मात्रा में डीएपी वितरित की जा रही है। निजामपुर निवासी हरिश्चंद्र मिश्रा ने बताया कि सुर्जीपुर समिति पर पूरे दिन लाइन लगाने के बाद उन्हें मात्र एक बोरी डीएपी मिली।
वहीं, चंदन मिश्रा ने कहा कि वह एक सप्ताह से डीएपी के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली।किसानों का आरोप है कि समितियों के सचिव और उनके कारिंदे मिलीभगत कर कालाबाजारी कर रहे हैं। सामान्य किसानों को एक बोरी मिलना भी मुश्किल हो रहा है, जबकि चहेते किसानों को 20-20 बोरी तक उर्वरक दिया जा रहा है। बेहटा गोकुल समिति में खुलेआम मनमानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।किसानों ने चेतावनी दी है कि डीएपी की कमी से गेहूं और सरसों की बोआई प्रभावित हो रही है। फसलों की तैयारी में देरी से उत्पादन पर संकट मंडरा रहा है। यदि जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इनकी भी सुनिए
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक का कहना है कि वीडियो किसी ने भेजा है, देखा है। कौन लोग हैं, क्यों रात में चालीसा पढ़ रहे हैं, ये तो वही लोग बता सकते हैं। मेरे पास इनमें से किसी ने खाद की समस्या को लेकर कोई शिकायत नहीं की है। जिले में लगातार डीएपी खाद का वितरण किया जा रहा है। समितियों पर लगातार खाद भेजी जा रही है। किसानों के सामने खाद को लेकर कोई समस्या नहीं है। नियमित रूप से दिन के वक्त खाद बांटी जा रही है।