मथुरा हत्याकांड: नाबालिग बेटियों के यौन शोषण के आरोपी पिता को बेटे-भतीजे ने गोली और तलवार से मार डाला। 

उत्तर प्रदेश का मथुरा जिला भगवान कृष्ण की नगरी के रूप में जाना जाता है, जहां यमुना नदी के किनारे धार्मिक स्थल बिखरे हुए हैं। लेकिन रविवार को यहां कोसीकलां क्षेत्र के इस्लामपुर गांव में

Oct 27, 2025 - 13:56
 0  100
मथुरा हत्याकांड: नाबालिग बेटियों के यौन शोषण के आरोपी पिता को बेटे-भतीजे ने गोली और तलवार से मार डाला। 
मथुरा हत्याकांड: नाबालिग बेटियों के यौन शोषण के आरोपी पिता को बेटे-भतीजे ने गोली और तलवार से मार डाला। 

उत्तर प्रदेश का मथुरा जिला भगवान कृष्ण की नगरी के रूप में जाना जाता है, जहां यमुना नदी के किनारे धार्मिक स्थल बिखरे हुए हैं। लेकिन रविवार को यहां कोसीकलां क्षेत्र के इस्लामपुर गांव में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक 55 वर्षीय व्यक्ति पवन चौधरी, जो अपनी ही नाबालिग बेटियों के साथ लंबे समय से यौन शोषण करता आ रहा था, उसके नाबालिग बेटे और भतीजे ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या गोली और तलवार से की गई। पवन मूल रूप से राजस्थान के डीग जिले का रहने वाला था, लेकिन मथुरा में रहता था। उसके खिलाफ पहले से लूट, अपहरण और छेड़खानी जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार, बेटियां दीवाली के दौरान पिता के अत्याचारों से बचने के लिए चाचा के घर आ गई थीं। लेकिन पिता वहां भी पहुंच गया और फिर से शोषण की कोशिश की। इसी क्रोध में बेटा और भतीजा भड़क उठे। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। यह घटना न सिर्फ परिवार के भीतर की विकृति को उजागर करती है, बल्कि समाज में बच्चों के खिलाफ अपराधों की गंभीरता को भी रेखांकित करती है।

घटना रविवार दोपहर की है। इस्लामपुर गांव कोसीकलां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जो मथुरा शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। गांव में ज्यादातर किसान और मजदूर परिवार रहते हैं। पवन चौधरी एक दिहाड़ी मजदूर था, लेकिन उसके आपराधिक इतिहास के कारण इलाके में उसका नाम कुख्यात था। उसके दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र 13 और 14 वर्ष है। पुलिस के अनुसार, पवन कई सालों से अपनी बेटियों पर अत्याचार करता आ रहा था। वह घर में बंद करके रखता था और रातों को शोषण करता। मां को भी मारपीट करता। बेटियां डर के मारे किसी को कुछ बताने की हिम्मत न करतीं। लेकिन दीवाली के त्योहार पर हालात बिगड़ गए। बेटियों ने मां से शिकायत की, लेकिन मां ने डर के मारे चुप रहने को कहा। आखिरकार, बेटियां चुपके से पिता के बड़े भाई हरिशंकर के घर चली गईं। हरिशंकर का घर गांव में ही है। वे वहां सुरक्षित महसूस करने लगीं। हरिशंकर ने बताया कि भतीजियां रोते हुए आईं और पिता के कुकृत्यों की पूरी कहानी सुनाई। उन्होंने चाचा को कहा कि पापा हमें मारते हैं और गलत हरकतें करते हैं।

हरिशंकर ने भतीजियों को शरण दी। लेकिन रविवार को पवन को पता चल गया। वह गुस्से में चाचा के घर पहुंचा। वहां उसने बेटियों को देखा और फिर से शोषण की कोशिश की। साथ ही, चाची पर भी हाथ साफ करने की कोशिश की। चाचा हरिशंकर ने विरोध किया, लेकिन पवन ने उसे धमकाया। इसी बीच, पवन का 15 वर्षीय बेटा और 16 वर्षीय भतीजा वहां पहुंचे। बेटा पवन का इकलौता बेटा था, जो छोटे भाई का नाम था। भतीजा हरिशंकर का बेटा था। दोनों लड़के बेटियों की चीखें सुनकर दौड़े आए। उन्होंने पिता को रोका, लेकिन पवन ने उन्हें भी गालियां दीं और मारने की धमकी दी। क्रोध में आकर बेटे ने घर से एक तलवार निकाली और पिता पर वार कर दिया। भतीजे ने बंदूक उठाई और गोली चला दी। गोली पवन के सीने में लगी। तलवार के वार से उसके सिर और हाथों पर गहरी चोटें आईं। पवन जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। पूरा घटनाक्रम करीब 10 मिनट का था। पड़ोसी दहशत में घरों में बंद हो गए। कोई मदद के लिए नहीं आया।

हत्या के बाद बेटा और भतीजा भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। कोसीकलां थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष अजय कौशल ने बताया कि बच्चों ने पूछताछ में कबूल लिया कि पिता के अत्याचार बर्दाश्त न हो गए। बेटे ने कहा कि पापा बहनों को रोज सताते थे। हमने कई बार मां को बताया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। चाचा ने भी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई न की। अब हमने खुद न्याय कर लिया। भतीजे ने कहा कि चाची को भी पापा छेड़ते थे। यह सब देखकर खून खौल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रिपोर्ट में मौत गोली और चोटों से पुष्ट हुई। हत्या का मामला दर्ज किया गया, लेकिन बच्चों के नाबालिग होने के कारण उन्हें जेल की बजाय बाल गृह भेजा जाएगा। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड फैसला लेगा।

परिवार का बुरा हाल है। पत्नी ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया। वह रो-रोकर बेहोश हो जाती है। हरिशंकर ने बताया कि पवन का बचपन से ही बुरा स्वभाव था। राजस्थान से मथुरा आया तो शादी की। लेकिन शराब और जुआ की लत ने उसे बर्बाद कर दिया। बेटियों का बचपन उजड़ गया। अब परिवार टूट चुका है। पड़ोसियों ने कहा कि पवन का आतंक था। वह रात को घर लॉक कर देता। बेटियां स्कूल भी कम जातीं। इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा छा गया। लोग चर्चा कर रहे हैं कि क्या सही किया बच्चों ने। एक ग्रामीण ने कहा कि पिता का अपराध क्षम्य नहीं, लेकिन हत्या गलत है। दूसरा बोला कि न्याय मिलना चाहिए था, लेकिन सिस्टम ने समय पर मदद न की।

पुलिस जांच में पवन का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया। उसके खिलाफ राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कई केस थे। 2015 में एक लूट का मामला, 2018 में अपहरण और 2022 में छेड़खानी। लेकिन यौन शोषण का कोई पुराना केस दर्ज न था, क्योंकि परिवार डरता था। अपर एसपी सुरेश चंद्र रावत ने कहा कि अब पीड़ित बेटियों का मेडिकल परीक्षण होगा। अगर जरूरी तो POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज करेंगे। लेकिन आरोपी मर चुका है। रावत ने बताया कि चाचा हरिशंकर ने पहले भी पवन के खिलाफ शिकायत की थी। लेकिन सबूत न होने से कार्रवाई न हुई। अब विभाग इसकी समीक्षा करेगा। मथुरा एसएसपी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाएंगे।

यह घटना उत्तर प्रदेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की याद दिलाती है। राज्य में हर साल हजारों POCSO केस दर्ज होते हैं। NCRB के अनुसार, 2023 में 60 हजार से ज्यादा मामले थे। मथुरा जैसे ग्रामीण इलाकों में परिवार के सदस्य ही अपराधी निकलते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि गरीबी, अशिक्षा और जागरूकता की कमी इसका कारण है। बच्चे डर के मारे चुप रहते हैं। अगर समय पर शिकायत हो तो बचाव संभव है। इस मामले में बेटियों ने चाचा को बताया, लेकिन देर हो चुकी। समाज को सोचना होगा कि परिवार में बच्चे सुरक्षित कैसे रहें। स्कूलों में काउंसलिंग सेंटर खोले जाने चाहिए। पुलिस ने कहा कि हेल्पलाइन 1098 का इस्तेमाल करें।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। ट्विटर पर #JusticeForVictims ट्रेंड कर रहा है। कुछ लोग बेटे को हीरो बता रहे, तो कुछ कानून का पालन करने की बात। एक यूजर ने लिखा कि सिस्टम फेल हो गया, वरना हत्या न होती। दूसरा बोला कि अपराधी को सजा मिलनी चाहिए थी, लेकिन बच्चों ने गलत रास्ता चुना। मीडिया ने खबर को प्रमुखता दी। एनडीटीवी, आजतक और टीवी9 ने कवरेज किया। वीडियो में घटनास्थल के फुटेज दिखाए गए। लेकिन बच्चों की पहचान गोपनीय रखी गई।

Also Read- बिजनौर: मां ने कहा- बेटी को तेंदुए उठा ले गया, सर्च किया तो बीए छात्रा प्रेमी के साथ देहरादून में मिली।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।