Hardoi: राभा माइनर सफाई अनियमितताओं पर भड़के गोपामऊ विधायक, कहा- करोड़ों का बंदरबांट, अधिशासी अभियंता द्वारा राभा माइनर सफाई से पहले एवं सफाई के बाद की फोटो एवं विडियो किए साझा।
गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने राभा माइनर की सफाई कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है
हरदोई। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश जो अपनी ही सरकार पर लगातार करते रहते है टिप्पणियाँ एवं अधिकारियों पर लगाते है भ्रष्टाचार के आरोप, एक ऐसा ही नया मामला- कुंवरपुर बसीठ में निरीक्षण के दौरान विधायक ने नहर विभाग की सफाई को लेकर उठाये सवाल......
विधायक ने कहा कि सफाई केवल सड़क से दिखने वाली हिस्सों तक ही सीमित रही, जबकि आगे का हिस्सा ठीक से साफ नहीं किया गया। इस पर वे सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नरेंद्र कुमार और जूनियर इंजीनियर विशाल मौर्या पर भड़क गए। विधायक ने कहा कि वे उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत करेंगे और शासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।
विधायक श्याम प्रकाश के अनुसार, राभा माइनर में हर साल गाद और झाड़ियां जमा होने से पानी का बहाव रुक जाता है, जिससे किसानों को सिंचाई में समस्या होती है। सिंचाई विभाग द्वारा हर वर्ष टेंडर निकालकर सफाई कराई जाती है। विधायक का आरोप है की इस बार लगभग 14 करोड़ रुपये का टेंडर सफाई के लिए खर्च हुआ।
लेकिन ठेकेदार और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से केवल दिखावटी सफाई की गई। सिर्फ सड़क किनारे वाली जगहों को साफ किया गया ताकि दूर से सब ठीक नजर आए। विधायक ने कहा कि राभा माइनर तो केवल एक उदाहरण है, क्षेत्र की अधिकांश माइनरों की हालत इसी तरह खराब है।
अधिशासी अभियंता शारदा नहर अजय चौधरी का वर्जन
अधिशासी अभियंता अजय चौधरी से जब रभा माइनर के बारे मे जानकारी की गई तो अधिशासी अभियंता अजय चौधरी ने बतया की सफाई कार्य पूर्ण पारदर्शिता से किया गया है। कार्य शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद की सभी तस्वीरें एवं विडियोग्राफी ड्रोन के माध्यम से की गई है जो विभाग के पास सुरक्षित हैं।
अधिशासी अभियंता अजय चौधरी ने 14 करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राभा माइनर सहित अब तक लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च कर कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं बाकी के कार्य अभी होना बाकी है। जिनमें माइनरों की सफाई के अलावा पुलों का निर्माण और मरम्मत शामिल है, कुछ कार्य अभी जारी हैं।
जिससे क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा प्रदान करना है। सफाई कार्य मानकों के अनुरूप ही कराया गया और कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
14 करोड़ के प्रस्तावित कार्यो की विभाग ने दी जानकारी-
- हेड रेगुलेटर (गेट) का काम - 4 नग
- कुलावा का काम - 179 नग
- सीमांकन स्तंभों का काम - 560 नग
- मिट्टी का काम - 7 नहर (59 किलोमीटर)
- पुलिया (बॉक्स कल्वरट) का काम - 20 नग
- खरंझा का काम - 51 किलोमीटर
- बोल्डर का काम - 210 मीटर
- ढलान की मरम्मत का काम - 12 नग
- पैरापेट की मरम्मत का काम - 14 नग
- बांस की खुटा का काम - 1437 मीटर
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