Hardoi : हरदोई में ट्रैफिक नियम वीडियो पोस्ट करने पर युवक को थाने में 18 घंटे बिठाने पर मानवाधिकार संगठन ने एसपी को पत्र लिखा
राजीव सिंह ने पत्र में कहा कि पुलिस का कर्तव्य कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना भी है। इसमें अपमानजनक और क्रूर व्यवहार से
हरदोई। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव सिंह ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर संडीला थाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। पत्र में कहा गया कि स्थानीय निवासी सूरज सिंह सिकरवार ने सोशल मीडिया पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का वीडियो पोस्ट किया था। इसमें क्षेत्रीय विधायक अलका सिंह अर्कवंशी की गाड़ी सड़क पर गलत तरीके से खड़ी होने से लगने वाले जाम को दिखाया गया था। इसके बाद पुलिस ने सूरज सिंह को थाने बुलाकर 18 घंटे बिठाया और धमकी दी।
राजीव सिंह ने पत्र में कहा कि पुलिस का कर्तव्य कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना भी है। इसमें अपमानजनक और क्रूर व्यवहार से बचाना शामिल है। समाज सुधार की बात करने पर किसी व्यक्ति को थाने बुलाकर धमकाना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1क) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का उल्लंघन है। यह मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अनुच्छेद 5 (यातना और अपमानजनक व्यवहार से मुक्ति) और अनुच्छेद 19 (विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का भी उल्लंघन है।
पत्र में कहा गया कि पुलिस विभाग समाज की रक्षा करता है और लोगों के दुख दूर करने का काम करता है। अगर पुलिस अपने कर्तव्यों का पालन न करेगी और निर्दोष लोगों को अपमानित करेगी तो विभाग की छवि खराब होगी। एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीरता से लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। कई लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग कर न्याय की मांग कर रहे हैं।
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