Hardoi : हरदोई में कुम्हारों के लिए निःशुल्क विद्युत चालित चाक मशीन योजना

यदि किसी परिवार को पहले खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, खादी ग्रामोद्योग आयोग, जिला उद्योग केंद्र या अन्य सरकारी विभागों के माध्यम से कुम्हारी चाक का लाभ मिल चुका है

Sep 4, 2025 - 00:24
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Hardoi : हरदोई में कुम्हारों के लिए निःशुल्क विद्युत चालित चाक मशीन योजना
हरदोई में कुम्हारों के लिए निःशुल्क विद्युत चालित चाक मशीन योजना

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सुष्मिता सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने माटीकला और माटी शिल्पकला को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया है। पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रदेश में प्लास्टिक से बने कप, प्लेट, गिलास और थाली आदि के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार की मंशा के अनुसार, मिट्टी के बर्तन, खिलौने और मूर्तियां बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले कुम्हारों और परंपरागत कारीगरों को सहायता प्रदान करने के लिए निःशुल्क विद्युत चालित चाक मशीन (इलेक्ट्रिक पॉटरी व्हील) उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुविधा उन कारीगरों के लिए है, जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच है।

इच्छुक कारीगर उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर जाकर टूल किट्स आवंटन के लिए 25 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, सिनेमा चौराहा, हरदोई में जमा करना अनिवार्य है। आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, फोटो, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और राशन कार्ड की प्रति संलग्न करना आवश्यक है। एक परिवार से केवल एक व्यक्ति ही आवेदन कर सकता है।

यदि किसी परिवार को पहले खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, खादी ग्रामोद्योग आयोग, जिला उद्योग केंद्र या अन्य सरकारी विभागों के माध्यम से कुम्हारी चाक का लाभ मिल चुका है, तो उस परिवार का कोई भी सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा। योजना के तहत चयनित कारीगरों को माटीकला बोर्ड द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, जिसमें आधुनिक तकनीकों और टूल किट्स के संचालन की जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्रों पर आयोजित होगा।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कुम्हार समुदाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना, उनकी उत्पादकता बढ़ाना और परंपरागत कला को संरक्षित करना है। विद्युत चालित चाक मशीन के उपयोग से कारीगरों का काम आसान होगा, समय की बचत होगी और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ मिट्टी के बर्तनों को बढ़ावा मिलेगा, जो पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक कारीगर किसी भी कार्य दिवस पर जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, सिनेमा चौराहा, हरदोई से संपर्क कर सकते हैं।

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