Hardoi News : हरदोई में किसानों को जैविक खेती और नवाचार की जानकारी, बीज मिनिकिट और मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित
शनिवार को विकास खंड सांडी के ग्राम लमकन में आयोजित कार्यक्रम में विधायक सवायजपुर माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने हिस्सा लिया। उन्होंने किसानों को गौ-आधारित प्राकृतिक खे...
By INA News Hardoi.
हरदोई : भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, और जिलाधिकारी हरदोई के निर्देशानुसार, जनपद के 135 ग्राम पंचायतों में 29 मई से 12 जून 2025 तक "विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025" का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य "प्रयोगशाला से खेत तक" (Lab to Land) के तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और योजनाओं की जानकारी प्रदान करना है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और कृषि सहयोगी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किसानों को नवीन तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।
शनिवार को विकास खंड सांडी के ग्राम लमकन में आयोजित कार्यक्रम में विधायक सवायजपुर माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने हिस्सा लिया। उन्होंने किसानों को गौ-आधारित प्राकृतिक खेती, नैनो यूरिया, डीएपी, और बुवाई से पहले बीज शोधन की जानकारी दी। साथ ही, पीएम किसान योजना, फार्मर आईडी, संतुलित उर्वरक, और कीटनाशकों के उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने किसानों को खेती में नवाचार अपनाकर लागत कम करने और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सर्वेश पाठक, ज्वाला, रमनपाल, शुभकरन को निशुल्क बीज मिनिकिट, रामकृष्ण, लालाराम, सत्यपाल, हरि सिंह को पीएम किसान प्रशस्ति पत्र, और दिनेश, अनिल को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम में कृषि रक्षा अधिकारी विनीत कुमार शुक्ला, सीएसएसआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ए.के. दूबे, डॉ. ए.के. तिवारी, कमलेश पाल, भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष राजू तिवारी, और प्रगतिशील किसानों ने भी हिस्सा लिया।
इसी दिन विकास खंड मल्लावां के ग्राम ईश्वरपुर साई में विधायक आशीष सिंह आशू ने कार्यक्रम में भाग लिया। उनके साथ ब्लॉक प्रमुख गीता वर्मा, ग्राम प्रधान अरविंद वर्मा, और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। विधायक ने जैविक खेती, फसल बीमा, और डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उप कृषि निदेशक सतीश कुमार ने जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने और नवाचारों से उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया।
इसके अतिरिक्त, विकास खंड मल्लावां के ग्राम कल्याणपुर और देवमनपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की टीम-1 (डॉ. त्रिलोकी नाथ, डॉ. त्रिलोक सिंह), विकास खंड कोथवां के ग्राम कोथवा, जानीगवां, और मानीगांव में टीम-2 (डॉ. अंजली साहू, डॉ. मोहित सिंह), तथा विकास खंड टोडरपुर के ग्राम अमरौली, पीलामहुआ, और सैदपुर में टीम-3 (डॉ. डी.वी. सिंह, डॉ. प्रिया वशिष्ठ) ने हिस्सा लिया। नोडल वैज्ञानिक डॉ. संजय अरोरा, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. पंकज नौटियाल, और डॉ. ए.के. तिवारी ने भी कार्यक्रमों में योगदान दिया।
कार्यक्रमों में पशुपालन, उद्यानिकी, गन्ना, मत्स्य पालन, और कृषि से संबंधित जानकारी संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा दी गई। कुल 1294 पुरुष और 589 महिला किसानों ने इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। यह अभियान किसानों को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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