Hardoi News: Murder- तमंचे वाली तस्वीर ने खोला मर्डर मिस्ट्री का राज, दोस्त पर हत्या का शक
आशुतोष के पिता गिरीश सिंह ने बताया कि उनका बेटा 18 जून की रात अपने दोस्त गोपाल सिंह के साथ ढाबे पर खाना खाने गया था। दोनों की गहरी दोस्ती थी और वे अक्सर एक साथ समय ....
हरदोई : जिले में एक युवक की हत्या का मामला नया मोड़ ले चुका है। 19 जून 2025 को भरखनी ब्लॉक के पास सड़क किनारे झाड़ियों में मिले आशुतोष सिंह के शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में पुलिस इसे दुर्घटना मानकर जांच कर रही थी, लेकिन मृतक के दोस्त गोपाल सिंह की तमंचे के साथ वायरल तस्वीरों ने मामले को नई दिशा दी है। आशुतोष के पिता ने गोपाल पर हत्या का आरोप लगाया है और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की गहन जांच की मांग की है। पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने इस मामले को शाहाबाद के सर्कल ऑफिसर (सीओ) को सौंपकर सभी पहलुओं से जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
हरदोई जिले के पचदेवरा थाना क्षेत्र के अनंगपुर गांव निवासी 25 वर्षीय आशुतोष सिंह का शव 19 जून 2025 को भरखनी ब्लॉक के पास सड़क किनारे झाड़ियों में पाया गया था। शव पर कई चोटों के निशान थे, खासकर सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर। पुलिस को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे सड़क हादसे की संभावना से जोड़ा, लेकिन कोई ठोस सबूत न मिलने के कारण जांच अधर में लटक गई थी।
आशुतोष के पिता गिरीश सिंह ने बताया कि उनका बेटा 18 जून की रात अपने दोस्त गोपाल सिंह के साथ ढाबे पर खाना खाने गया था। दोनों की गहरी दोस्ती थी और वे अक्सर एक साथ समय बिताते थे। लेकिन अगली सुबह आशुतोष का शव झाड़ियों में मिला, जबकि गोपाल घायल अवस्था में पास ही पाया गया। गिरीश सिंह ने पाली थाने में गोपाल पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उनका दावा है कि पुलिस ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई।
तमंचे वाली तस्वीर ने बदली जांच की दिशा
मामले में तब नाटकीय मोड़ आया, जब गोपाल सिंह की तमंचे के साथ कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इन तस्वीरों में गोपाल एक तस्वीर में सीने पर तमंचा रखे नजर आ रहा है, दूसरी में तमंचे को लहराते हुए और तीसरी में तमंचे की नाल को दांतों से दबाए हुए दिख रहा है। इन तस्वीरों ने न केवल गोपाल के आपराधिक चरित्र पर सवाल उठाए, बल्कि परिजनों के आरोपों को भी बल दिया। आशुतोष के परिवार ने इन तस्वीरों को प्रार्थना पत्र के साथ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन को सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि गोपाल की इन तस्वीरों से साफ है कि वह हथियार रखता था, और आशुतोष की हत्या में उसका हाथ हो सकता है।
पाली पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को हादसे के रूप में देखा, क्योंकि घटनास्थल पर आशुतोष की बाइक भी मिली थी। पुलिस ने गोपाल से पूछताछ की, लेकिन उसके बयान संदिग्ध और अस्पष्ट थे। गोपाल ने दावा किया कि वह और आशुतोष ढाबे पर खाना खाने गए थे, और रात में किसी हादसे का शिकार हो गए। हालांकि, उसकी चोटों और बयानों में विरोधाभास ने पुलिस को शक के दायरे में ला दिया। तमंचे वाली तस्वीरों के वायरल होने के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा, और परिजनों ने दोबारा प्रार्थना पत्र देकर गोपाल से गहन पूछताछ की मांग की।
पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शाहाबाद के सीओ को जांच सौंप दी है। उन्होंने कहा, “हम इस मामले को सभी पहलुओं से देख रहे हैं। हत्या और दुर्घटना, दोनों एंगल से जांच की जा रही है। तमंचे वाली तस्वीरों के आधार पर गोपाल से दोबारा पूछताछ होगी, और जल्द ही सच सामने आ जाएगा।” पुलिस ने गोपाल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में भर्ती कराया था, जहां से उसे गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब गोपाल के आपराधिक रिकॉर्ड और हथियारों के स्रोत की भी जांच कर रही है।
आशुतोष के परिवार का कहना है कि उनके बेटे की हत्या की गई है, और पुलिस की शुरुआती लापरवाही ने जांच को कमजोर किया। गिरीश सिंह ने बताया, “मेरा बेटा जिंदादिल और मेहनती था। वह गोपाल के साथ ढाबे पर गया था, लेकिन अगले दिन उसका शव मिला। गोपाल की तमंचे वाली तस्वीरें देखकर हमें यकीन है कि उसने ही आशुतोष की हत्या की। हम चाहते हैं कि पुलिस सख्ती से जांच करे और दोषी को सजा दे।” परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पाली पुलिस ने उनके प्रार्थना पत्र को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक के पास जाना पड़ा।
गोपाल की तमंचे वाली तस्वीरों ने न केवल पुलिस की जांच को नई दिशा दी, बल्कि यह मामला सोशल मीडिया पर भी छा गया। स्थानीय लोग और परिजन इन तस्वीरों को शेयर कर गोपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ यूजर्स ने लिखा, “ऐसे लोग जो तमंचे के साथ फोटो खिंचवाते हैं, उनसे किसी भी अपराध की उम्मीद की जा सकती है।” दूसरी ओर, कुछ लोगों ने पुलिस की शुरुआती जांच पर सवाल उठाए और मांग की कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो।
यह मामला अब हरदोई में चर्चा का केंद्र बन चुका है। पुलिस के सामने चुनौती है कि वह तमंचे वाली तस्वीरों और गोपाल के बयानों के आधार पर सच तक पहुंचे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आशुतोष की मौत का कारण स्पष्ट हो सकता है, लेकिन तमंचे की तस्वीरों ने गोपाल को संदेह के घेरे में ला दिया है। पुलिस को यह भी जांच करनी होगी कि क्या गोपाल के पास अवैध हथियार था और क्या उसने इसका इस्तेमाल आशुतोष की हत्या में किया।
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