करीमनगर में पत्नी ने प्रेमी और दोस्त के साथ मिलकर की पति की हत्या- यूट्यूब से सीखा हर्बीसाइड से मारने का तरीका।
तेलंगाना के करीमनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर अपने ...
तेलंगाना के करीमनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर अपने पति की सुनियोजित हत्या कर दी। यह घटना 29 जुलाई 2025 को करीमनगर शहर के बाहरी इलाके में बोम्मकल फ्लाईओवर के पास रेलवे ट्रैक पर हुई। आरोपी महिला ने अपने पति को शराब पिलाकर बेहोश किया और फिर उसके कान में हर्बीसाइड (खरपतवार नाशक रसायन) डालकर उसकी जान ले ली। इस हत्या की योजना यूट्यूब वीडियो से प्रेरित थी, जिसमें बताया गया था कि कान में कीटनाशक डालने से मौत हो सकती है। पुलिस ने जांच के बाद तीनों आरोपियों महिला, उसके प्रेमी और उनके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की पहचान ऐलावेनी संपत (45) के रूप में हुई, जो करीमनगर के सुभाषनगर का निवासी था और जिला पुस्तकालय में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करता था। संपत को शराब की लत थी, और वह अक्सर नशे में अपनी पत्नी रामादेवी के साथ मारपीट करता था। रामादेवी (38) एक छोटा-सा खाने का ठेला चलाती थी, जिसके माध्यम से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कररे राजय्या (50) से हुई, जो कisanनगर का निवासी और रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करता था। दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया।
पुलिस जांच में पता चला कि रामादेवी अपने पति की शराबखोरी और मारपीट से तंग आ चुकी थी। उसने राजय्या और उनके दोस्त कीसारी श्रीनिवास (35) के साथ मिलकर संपत की हत्या की योजना बनाई। इस योजना के लिए उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें दावा किया गया था कि कान में कीटनाशक डालने से इंसान की मौत हो सकती है। इस जानकारी के आधार पर उन्होंने हर्बीसाइड का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
29 जुलाई 2025 को राजय्या और श्रीनिवास ने संपत को बोम्मकल फ्लाईओवर के पास रेलवे ट्रैक पर शराब पीने के लिए बुलाया। संपत को पहले शराब पिलाकर बेहोश किया गया। इसके बाद रामादेवी ने फोन पर राजय्या को निर्देश दिया कि अब "काम पूरा कर दो।" इसके बाद राजय्या और श्रीनिवास ने संपत के कान में हर्बीसाइड डाला, जिससे उसकी मौत हो गई।
- पुलिस जांच और गिरफ्तारी
हत्याकांड को छिपाने के लिए रामादेवी ने पुलिस में अपने पति के लापता होने की शिकायत दर्ज की। उसने दावा किया कि संपत शराब पीने के बाद कहीं चला गया और वापस नहीं लौटा। हालांकि, संपत के बेटे भरत को अपनी मां के व्यवहार पर शक हुआ, और उसने पुलिस से गहन जांच की मांग की। करीमनगर ग्रामीण पुलिस ने शक के आधार पर रामादेवी, राजय्या और श्रीनिवास के फोन रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की।
पुलिस ने पाया कि रामादेवी और राजय्या के बीच नियमित रूप से फोन पर बातचीत हो रही थी। सीसीटीवी फुटेज में भी तीनों को हत्या की रात बोम्मकल फ्लाईओवर के पास देखा गया। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से दो मोटरसाइकिलें, तीन मोबाइल फोन, शराब की बोतलें और हर्बीसाइड का डिब्बा बरामद किया।
करीमनगर पुलिस आयुक्त गौश आलम ने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें प्रेम-प्रसंग और घरेलू हिंसा की भूमिका थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में और सबूत जुटाने के लिए जांच कर रही है।
- प्रेम-प्रसंग और घरेलू हिंसा
पुलिस के अनुसार, रामादेवी और संपत के बीच रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण थे। संपत की शराबखोरी और मारपीट ने रामादेवी को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रखा था। उसने अपने दो बच्चों की परवरिश के लिए खाने का ठेला शुरू किया था, लेकिन संपत का व्यवहार उसे असहनीय लगने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात राजय्या से हुई, और दोनों का रिश्ता प्रेम-प्रसंग में बदल गया।
रामादेवी ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति से छुटकारा पाना चाहती थी, ताकि वह राजय्या के साथ नया जीवन शुरू कर सके। हालांकि, उसने यह भी स्वीकार किया कि उसे अपने किए पर पछतावा है। इस मामले ने प्रेम-प्रसंग और घरेलू हिंसा के गंभीर परिणामों को सामने लाया है।
इस हत्याकांड में यूट्यूब का दुरुपयोग एक चिंताजनक पहलू है। रामादेवी और उसके साथियों ने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें बताया गया था कि कान में कीटनाशक डालने से किसी की जान ली जा सकती है। इस वीडियो ने उन्हें हत्या का तरीका चुनने में मदद की। यह मामला डिजिटल तकनीक के गलत इस्तेमाल का एक गंभीर उदाहरण है।
सामाजिक कार्यकर्ता और मनोवैज्ञानिक डॉ. अनिता राव ने कहा, "ऑनलाइन सामग्री तक आसान पहुंच ने लोगों को गलत रास्ते पर ले जाने का खतरा बढ़ा दिया है। यूट्यूब जैसे मंचों पर ऐसी सामग्री को नियंत्रित करने की जरूरत है, जो हिंसा को बढ़ावा दे सकती है।" उन्होंने यह भी कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और नशे की लत को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
इस घटना ने करीमनगर के सुभाषनगर में स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। कई लोगों ने सोशल मीडिया मंच X पर इस हत्याकांड की निंदा की। एक यूजर ने लिखा, "यह कितना भयानक है कि लोग यूट्यूब से हत्या करने का तरीका सीख रहे हैं। डिजिटल मंचों पर सख्त निगरानी की जरूरत है।" एक अन्य यूजर ने कहा, "घरेलू हिंसा और प्रेम-प्रसंग की वजह से एक परिवार बर्बाद हो गया। यह समाज के लिए चेतावनी है।"
कानूनी दृष्टिकोण से, तीनों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 120बी (आपराधिक साजिश), और 201 (सबूत मिटाने की कोशिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हत्या के लिए दोषी पाए जाने पर उन्हें उम्रकैद या मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, यह मामला डिजिटल मंचों पर हिंसक सामग्री की उपलब्धता पर सवाल उठाता है।
यह हत्याकांड कई सामाजिक और नैतिक सवाल खड़े करता है। पहला, घरेलू हिंसा और शराबखोरी जैसे मुद्दों को हल करने के लिए समाज और सरकार को और क्या कदम उठाने चाहिए? दूसरा, प्रेम-प्रसंग और वैवाहिक रिश्तों में विश्वासघात की बढ़ती घटनाएं समाज में तनाव को कैसे बढ़ा रही हैं? तीसरा, डिजिटल मंचों पर ऐसी सामग्री को कैसे नियंत्रित किया जाए, जो आपराधिक गतिविधियों को प्रेरित कर सकती है?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि संपत की शराबखोरी और मारपीट ने रामादेवी को इस कदम तक पहुंचाया, लेकिन हत्या जैसे अपराध को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार ने कहा, "घरेलू हिंसा को रोकने के लिए पुरुषों और महिलाओं दोनों को जागरूक करने की जरूरत है। इसके साथ ही, नशे की लत के खिलाफ अभियान चलाए जाने चाहिए।"
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