स्वतंत्रता दिवस 2025: पीएम मोदी का लालकिले से रिकॉर्ड तोड़ 103 मिनट का भाषण, जीएसटी सुधारों और रोजगार योजना सहित कई बड़ी घोषणाएं।

Independence Day 2025: 15 अगस्त 2025 को भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से देश ...

Aug 15, 2025 - 12:38
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स्वतंत्रता दिवस 2025: पीएम मोदी का लालकिले से रिकॉर्ड तोड़ 103 मिनट का भाषण, जीएसटी सुधारों और रोजगार योजना सहित कई बड़ी घोषणाएं।
स्वतंत्रता दिवस 2025: पीएम मोदी का लालकिले से रिकॉर्ड तोड़ 103 मिनट का भाषण, जीएसटी सुधारों और रोजगार योजना सहित कई बड़ी घोषणाएं।

15 अगस्त 2025 को भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। उनका यह भाषण 103 मिनट लंबा रहा, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण है। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में बड़े सुधार, युवाओं के लिए रोजगार योजना, स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप्स, और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मिशन सुदर्शन चक्र शामिल हैं। पीएम ने इन सुधारों को 'दिवाली का तोहफा' करार दिया, जिससे आम लोगों और छोटे व्यवसायों को लाभ होगा।

  • पीएम मोदी का रिकॉर्ड तोड़ भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने 12वें लगातार भाषण में कई रिकॉर्ड तोड़े। उनका 103 मिनट का भाषण न केवल उनकी अब तक की सबसे लंबी स्वतंत्रता दिवस स्पीच थी, बल्कि यह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया। पिछले साल 2024 में उनका भाषण 98 मिनट का था, जबकि 2016 में 96 मिनट और 2017 में उनका सबसे छोटा भाषण 56 मिनट का था। इस बार के भाषण में उन्होंने भारत की आजादी के 88 साल पूरे होने का जिक्र किया और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।

मोदी ने अपने भाषण में भारत को 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत ने 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' की नीति अपनाई, और अब अगले चरण में और बड़े लक्ष्य हासिल किए जाएंगे।

  • जीएसटी सुधार: 'दिवाली का तोहफा'

प्रधानमंत्री ने जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों की घोषणा की, जिसे उन्होंने 'दिवाली का तोहफा' बताया। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2017 को लागू हुई जीएसटी व्यवस्था को आठ साल हो चुके हैं, और अब इसे और बेहतर करने का समय है। इन सुधारों से रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर कम होगा, जिससे आम लोगों और छोटे-मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लाभ होगा।

मोदी ने कहा, "इस दिवाली, मैं आपको डबल तोहफा देने जा रहा हूं। हमने राज्यों के साथ चर्चा की है और जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाएंगे। इससे आम आदमी पर कर का बोझ कम होगा और रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी।" उन्होंने यह भी बताया कि एक समर्पित टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जो 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार कानूनों को संरेखित करेगी।

वर्तमान जीएसटी ढांचे में पांच कर स्लैब हैं: 0%, 5%, 12%, 18%, और 28%, साथ ही कीमती धातुओं के लिए 0.25% और 3% की विशेष दरें। लगभग 19% वस्तुओं पर 12% कर लगता है, जिसे 5% या 18% स्लैब में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, कुछ लग्जरी और हानिकारक उत्पादों पर लगने वाला सेस भी समीक्षा के दायरे में है।

हालांकि, कुछ विपक्षी राज्य सरकारें राजस्व नुकसान के डर से मौजूदा स्लैब को बनाए रखने की वकालत कर रही हैं। फिर भी, केंद्र सरकार का मानना है कि आर्थिक स्थिरता और मजबूत संकेतकों के कारण यह सुधारों का सही समय है।

  • युवाओं के लिए रोजगार योजना

प्रधानमंत्री ने 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' की शुरुआत की, जिसके तहत 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 3.5 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इस योजना में निजी क्षेत्र में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही, अधिक रोजगार सृजन करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

मोदी ने कहा, "आज 15 अगस्त है, और हम इस दिन से इस योजना को लागू कर रहे हैं। यह स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।" यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए बनाई गई है।

  • मिशन सुदर्शन चक्र: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए

प्रधानमंत्री ने 'मिशन सुदर्शन चक्र' की घोषणा की, जिसे भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित बताया। यह मिशन भारत के रणनीतिक, नागरिक और धार्मिक स्थलों को दुश्मनों के हमलों से बचाने के लिए शुरू किया गया है। 2035 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें स्वदेशी तकनीक का उपयोग होगा।

मोदी ने कहा, "यह मिशन भारत के युवाओं की प्रतिभा का उपयोग करेगा और आतंकी हमलों का जवाब देने के लिए एक शक्तिशाली हथियार प्रणाली विकसित करेगा।" यह भारत के अपने 'आयरन डोम' जैसे रक्षा तंत्र को विकसित करने की दिशा में एक कदम है।

  • स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप्स

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 2025 के अंत तक 'मेड इन इंडिया' सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा, "हमारी तकनीकी ताकत को दुनिया देख रही है। छह अलग-अलग इकाइयां इस दिशा में काम कर रही हैं।" यह कदम भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा और आयात पर निर्भरता कम करेगा।

परमाणु ऊर्जा विस्तार: मोदी ने कहा कि भारत 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढ़ाएगा। इसके लिए 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम शुरू हो चुका है। यह कदम भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।
सिंधु जल संधि की समीक्षा: भारत ने हाल ही में सिंधु जल संधि को निलंबित किया था। मोदी ने कहा कि इस संधि की समीक्षा की जाएगी ताकि भारत के जल अधिकार सुरक्षित रहें।
ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता की सराहना की।
स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य: भारत ने 2030 से पहले 50% बिजली उत्पादन गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
जनसांख्यिकीय मिशन: सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध प्रवास से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकीय मिशन शुरू किया जाएगा।

लाल किले पर तिरंगा फहराने के बाद मोदी ने बच्चों और दर्शकों से मुलाकात की। उन्होंने अपने भाषण में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा, "निर्भरता आपदा का नुस्खा है। हमें अपनी लाइन को लंबा करना है, न कि दूसरों की लाइन को छोटा करना।"

मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा, "गुलामी ने हमें निर्धन और निर्भर बनाया। आज हमारा लक्ष्य समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत है।" उन्होंने किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों की रक्षा का भी वादा किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 79वां स्वतंत्रता दिवस भाषण न केवल अपनी लंबाई के लिए ऐतिहासिक रहा, बल्कि इसमें की गई घोषणाओं ने भारत के आर्थिक, तकनीकी और रक्षा क्षेत्रों में बड़े बदलावों का संकेत दिया। जीएसटी सुधार, रोजगार योजना, और मिशन सुदर्शन चक्र जैसे कदम भारत को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। इन घोषणाओं का असर आने वाले महीनों में देखने को मिलेगा, खासकर जीएसटी सुधारों का, जिसे 'दिवाली का तोहफा' बताया गया है।

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