राजस्थान के विधायक फूल सिंह मीणा की प्रेरणादायक शिक्षा यात्रा: 15 साल की उम्र में छोड़ी पढ़ाई, 55 साल में फिर शुरू की, अब 68 में एमए फाइनल परीक्षा दी।
राजस्थान के उदयपुर जिले के उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक फूल सिंह मीणा की शिक्षा संबंधी कहानी लोगों के लिए प्रेरणा
- उम्र कोई बाधा नहीं: फूल सिंह मीणा ने 15 साल में छोड़ी पढ़ाई, 55 में फिर थामी किताबें, 68 में जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ से एमए राजनीति विज्ञान फाइनल दिया।
- 68 साल की उम्र में एमए की परीक्षा देने वाले उदयपुर विधायक फूल सिंह मीणा: बेटियों की प्रेरणा से 40 साल बाद पढ़ाई शुरू, अब पीएचडी का सपना।
राजस्थान के उदयपुर जिले के उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक फूल सिंह मीणा की शिक्षा संबंधी कहानी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उन्होंने 15 वर्ष की आयु में आर्थिक तंगी और पिता की मृत्यु के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। उनके पिता सेना में थे और उनकी मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए खेतीबाड़ी करनी पड़ी। लगभग 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 55 वर्ष की उम्र में अपनी पांच बेटियों की प्रेरणा और पत्नी शांति देवी के सहयोग से उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की। बेटियां उच्च शिक्षित हैं और उन्होंने पिता को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। फूल सिंह मीणा ने बीए की डिग्री पूरी की जिसमें राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन और समाजशास्त्र विषय शामिल थे। इसके बाद उन्होंने जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय से एमए राजनीति विज्ञान में दाखिला लिया और 68 वर्ष की उम्र में एमए अंतिम वर्ष की परीक्षा दी। परीक्षा उदयपुर में दी गई। अब उनका सपना पीएचडी पूरा करके इसे अपने सैनिक पिता को समर्पित करने का है। यह यात्रा दिखाती है कि शिक्षा के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है और निरंतर प्रयास से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
फूल सिंह मीणा का जन्म 1959 में भीलवाड़ा जिले के गडोली गांव में हुआ था। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई जिससे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। उन्होंने खेती और अन्य कामों से परिवार चलाया। विधायक बनने के बाद भी शिक्षा के प्रति जज्बा बना रहा। 2018 में 59 वर्ष की उम्र में उन्होंने स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला लिया और बेटियों की जिद पर पढ़ाई शुरू की। 2021 में 62 वर्ष की उम्र में बीए अंतिम परीक्षा दी। बीए पास करने के बाद उन्होंने एमए में प्रवेश लिया। 2025-2026 में 67-68 वर्ष की उम्र में एमए फाइनल परीक्षा पूरी की। परीक्षा में राजनीति विज्ञान विषय था। पत्नी शांति देवी ने भी इस सफर में पूरा सहयोग दिया। बेटियां पढ़ी-लिखी हैं और पिता को लगातार प्रेरित करती रहीं।
विधायक फूल सिंह मीणा ने राजनीति और पढ़ाई को एक साथ संभाला। वे उदयपुर ग्रामीण से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। पढ़ाई के दौरान उन्होंने कहा कि डिग्री से ज्यादा जज्बा महत्वपूर्ण है। उन्होंने राजनीति विज्ञान में विशेष रुचि दिखाई। एमए परीक्षा जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ से दी गई। परीक्षा के बाद उन्होंने पीएचडी करने की इच्छा जताई और इसे पिता को समर्पित करने की बात कही। उनकी कहानी क्षेत्र की बेटियों और छात्रों के लिए शिक्षा प्राप्त करने की मिसाल है।
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