Sambhal News: अपने देश मे भी पलायन करना पड़े तो दुर्भाग्यपूर्ण - संजीव बालियान

पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान  ने हल्लू सराय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा वक्फ सवाल पर कहा कि आज आम मुसलमान को इससे कोई लेना ...

Apr 18, 2025 - 16:54
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Sambhal News: अपने देश मे भी पलायन करना पड़े तो दुर्भाग्यपूर्ण - संजीव बालियान

रिपोर्ट- उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल। पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान  ने हल्लू सराय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा वक्फ सवाल पर कहा कि आज आम मुसलमान को इससे कोई लेना देना नहीं है कुछ लोगों ने एक सिंडिकेट बनाया है वक्फ के नाम पर संपत्तियों की लूट मची हुई है मेरे जनपद में मुझे आज पता लगा कि पौने दो सौ संपत्तियां है जिसके नाम पर व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है वो पैसा कहा जा रहा है किसी को नहीं पता भोले भाले मुसलमानों को मोहरा बना कर यह बड़े लोग अपनी राजनीति करना चाहते है और धार्मिक आधार पर देश को बांटना चाहते हैं वक्फ के नाम पर दुरुपयोग हो रहा है वक्फ के नाम पर मैने कोई संपत्ति देखी सरकारी है वक्फ से कागज पर लिखा लिया यह जमीन वक्फ की है उसमें कालोनी काट दी उसे कमर्शियल बना लिया वो पैसा कहा जा रहा है किसी को नहीं पता। वक्फ की संपत्तियों का दुरूपयोग हो रहा है कुछ लोगों ने इसका दुरुपयोग किया है कानून बहुत जरूरी था डी एम की कोठी , एस पी की कोठी हो सरकारी आवास हो सब कह रहे थे यह वक्फ की है कानून का संशोधन होना बहुत जरूरी था। 

संजीव बालियान

उन्होंने कहा कि ओवैसी जी को तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कुछ ज्यादा प्यार है यही आ जाओ हर बात की घटना पर बोलते हैं हर घटना पर , सम्भल पर बोलते हैं, पुलिस चौकी बना रही है यह सरकार का काम है उसमें ओवैसी को क्या दिक्कत है मेरी समझ में नहीं आता। उन्होंने कहा कि गलत है उसने अपना काम अच्छे से किया है इसी अमिताभ ठाकुर के दिमाग में खराबी है यह उड़ता तीर लेकर  कही इधर घूमते हैं कहीं वहां घूमते हैं इसका क्या जवाब दूं।

उन्होंने बंगाल के सवाल पर कहा कि कार्यवाही सख्त होनी चाहिए कानून व्यवस्था सख्ती से ही चलती है मुर्शिदाबाद की घटना है जिस तरह से हिंदुओं का पलायन हुआ है आजादी के 75 साल बाद, धार्मिक आधार पर देश का बटवारा हुआ यदि अपने देश से ही पलायन करना पड़ेगा तो इससे दुर्भाग्य पूर्ण क्या बात हो सकती है मुर्शिदाबाद जैसी परिस्थितियां देश में न हो यदि भारतीय जनता पार्टी यहां नहीं थी तो यहां भी ऐसी स्थितियां थी आप सम्भल में रहे हैं में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हूं 2012 से 2017 सरकार को यदि याद करोगे तो ऐसे ही हालत यहां थे मुजफ्फरनगर दंगा हो , मुरादाबाद हो, कांठ प्रकरण हो ऐसे प्रकरण यहां भी होते थे। 

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उन्होंने कहा दोनों की अपनी सीमाएं है न्यायपालिका को  अपना काम देखना चाहिए चुने हुए जन प्रतिनिधि अपना काम देखते हैं संसद का काम है कानून बनाना न्यायपालिका का काम नहीं है कानून बनाना पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं न्याय पालिका कुछ मामलों में ज्यादा एक्टिव हो जाती है उन्हें अपने मुद्दे देखने चाहिए उप राष्ट्रपति जी ने ठीक कहा था किसी जज के घर से यदि इतने पैसे मिले है तो जजों को पहले अपना घर देखना चाहिए जो काम चुने हुए जन प्रतिनिधियों का है उन्हें वो नहीं करना चाहिए।

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