Agra News: ताज लिटरेचर क्लब द्वारा साहित्यिक समारोह का आयोजन, कविता सुनकर श्रोता हुए मंत्र मुक्ध। 

भावना वरदान शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण में कहा ताज लिटरेचर क्लब पिछले 10 वर्षों में साहित्यिक समारोह का...

By INA News Desk
Apr 14, 2025 - 10:58
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Agra News: ताज लिटरेचर क्लब द्वारा साहित्यिक समारोह का आयोजन, कविता सुनकर श्रोता हुए मंत्र मुक्ध। 

Agra News: कला, साहित्य और संस्कृति को समर्पित संस्था ताज लिटरेचर क्लब (रजिस्टर्ड ) द्वारा आगरा पब्लिक स्कूल सभागार में एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें आगरा के साहित्यिक जगत के सुप्रसिद्ध साहित्यकार ,लेखक और कवियों ने भाग लिया।

आगरा वर्ष 2025 की यह ताज लिटरेचर क्लब द्वारा आयोजित चौथी काव्य संध्या है। इस साहित्यिक समारोह में बढ़-चढ़कर साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री एवं सांसद आगरा प्रोफेसर एस पी सिंह बघेल, विशिष्ट अतिथि श्रुति सिंघल, डॉक्टर अशोक विज, आर के सचदेवा, डॉक्टर राजेंद्र मिलन, महेश चंद्र शर्मा, राजकुमार शर्मा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके की गई। तदुपरात कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कवित्री राम वर्मा श्याम द्वारा सरस्वती वदना से किया गया। 

संस्थापिका भावना वरदान शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण में कहा ताज लिटरेचर क्लब पिछले 10 वर्षों में साहित्यिक समारोह का आयोजन करता रहा है। जिसमें आगरा के हीं नहीं देश भर के सुप्रसिद्ध लेखन और कवि भाग लेते हैं। यह संस्था की अप्रैल बैठक है जिसमें साहित्यिक परिचर्चा और काव्य संध्या का आयोजन किया गया है।कार्यक्रम का संचालन अनुपम दीक्षित भारद्वाज ने किया। 

  • परिचर्चा

साहित्य समारोह दो चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में हिंदी साहित्य पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसकी मुख्य वक्ता थीं राष्ट्र सेविका समिति की महानगर कार्यवाहीका श्रुति सिंघल, सुप्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ एवं कवि डॉ अशोक विज, नम्रता पानेकर, आर के सचदेवा। परिचर्चा का विषय था वर्तमान परिदृश्य में साहित्य की स्थिति और भविष्य। साथ ही साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। श्रुति सिंघल ने कहा हिंदी हमारी मातृभाषा है जन-जन की वाणी है हम इसे बोलने में हिचकिचाना नहीं चाहिए और इस पर गर्व करना चाहिए हिंदी साहित्य को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। नवोदय रचना कारों को चाहिए अधिक से अधिक हिंदी में रचनाएं लिखें और सुप्रसिद्ध कवियों को भी पढ़ें। 

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  •  काव्य संध्या 

परिचर्चा के बाद दूसरे चरण का कार्यक्रम था- काव्य संध्या जिसमें डॉ राजेंद्र मिलन, डॉ शशी गुप्ता ,डॉ बृज बिहारी बिरजू ,डॉ शेशपाल सिंह ,डॉ यशोयश, राज फौजदार, प्रभु दत्त उपाध्याय,  जितेंद्र जिद्दी, रामेंद्र शर्मा , यशोधरा, कामेश मिश्रा सनसनी, डॉ आनन्द राय ने काव्य पाठ किया। कवयित्री गायत्री शर्मा जो देहरादून से पधारी थी उन्होंने अपनी भगवान राम और विष्णु पर आधारित कविताओं से श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया। 

कार्यक्रम क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों का भी सम्मान किया गया जिसमें अर्चना शर्मा, रोहित चौहान, रीता गुप्ता, राजकुमार भारती, टोनी फास्टर ,नेहा तोमर, डॉली कपूर, अरूण भारद्वाज उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारी ब्रजेश अग्रवाल, सुरेश शर्मा, राकेश लवानिया आदि उपस्थित रहे। 

डॉ. राजेन्द्र मिलन ने अपने चिरपरिचित अंदाज में यह पंक्तियां सुनाई- 

आओ हम मिलकर नये क्षितिज का सृजन करें ।
अनछूए परिप्रेक्ष्यों पर सोचें मनन  करें।          

डॉ बृज बिहारी बिरजू ने अपने काव्य पाठ में यह कविता सुनाई।

सज्जनों की तरह आचरण चाहिए।
नेह और नीति का हर चरण चाहिए।।
झूठ छिपता नहीं,लाख करलो जतन-
सत्य को ना कोई आवरण चाहिए।।

डा० ब्रजविहारी लाल 'बिरजू', डॉ शशि गुप्ता ने ब्रजभाषा की कविता सुनकर श्रोताओं को मंत्र मुक्ध कर दिया।

मोरे कान्हा कहाँ तुम खडे हो छुपे,
राधा ढूँढे तुम्हें  बाबरी बाबरी ,
सर कौं चुनरी उघारे पवन सिरफिरी,
नाम सिगरे पुकारूँ न तुमसे मिली।

भोर कौ भानु पूरब में ठाडो उगो,
भानुजा के तो मन में अन्धेरो बडौ,
ना मुरलिया की धुन ही सुनाई परी,
राधा कै नाई जग सब भयो आँधरो ।
जुगनू बाजें पखावज से गुन गुन करें,
मोरे हियरा में बंसी बसी रस भरी ।

डॉ.शशि गुप्ता

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