इश्क, धोखा और सलाखें: टैक्सी ड्राइवर के प्यार में पागल पत्नी ने बनाया था पति को रास्ते से हटाने का प्लान, एक महीने बाद पकड़े गए आरोपी।
अलवर के पॉश इलाके में रहने वाले एक बैंक के रीजनल हेड के जीवन में तब भूचाल आ गया, जब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी का झुकाव एक साधारण टै
- अलवर में रिश्तों का कत्ल: बैंक अधिकारी पति की हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी और टैक्सी ड्राइवर प्रेमी गिरफ्तार।
- कॉल रिकॉर्डिंग ने खोला बेवफाई का खौफनाक राज: दो बच्चों को छोड़ प्रेमी संग भागी महिला ने रची थी खूनी साजिश।
अलवर के पॉश इलाके में रहने वाले एक बैंक के रीजनल हेड के जीवन में तब भूचाल आ गया, जब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी का झुकाव एक साधारण टैक्सी ड्राइवर की तरफ बढ़ गया है। यह प्रेम प्रसंग इतना गहरा गया कि महिला ने अपने मातृत्व और सामाजिक प्रतिष्ठा को पूरी तरह से भुला दिया। वह अपने दो छोटे बच्चों, जिनके भविष्य की जिम्मेदारी उन पर थी, उन्हें बीच मंझधार में छोड़कर अपने प्रेमी के साथ घर से भाग निकली। घर से भागने के बाद वह केवल गायब नहीं हुई, बल्कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति के खिलाफ एक खतरनाक साजिश बुनना शुरू कर दिया। उनके बीच हुई बातचीत के माध्यम से यह तय किया गया कि पति को रास्ते से हटाकर वे हमेशा के लिए एक साथ हो जाएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
पति को अपनी पत्नी के व्यवहार और अचानक गायब होने पर पहले ही संदेह था, लेकिन सच्चाई उससे कहीं अधिक कड़वी निकली। पति ने तकनीकी सतर्कता बरतते हुए कुछ कॉल रिकॉर्डिंग्स हासिल कर लीं, जिनमें पत्नी और उसका प्रेमी बहुत ही ठंडे दिमाग से उसकी हत्या की तारीख और तरीके पर चर्चा कर रहे थे। रिकॉर्डिंग में सुना जा सकता था कि कैसे प्रेमी उसे उकसा रहा था और पत्नी अपने ही बच्चों के पिता को खत्म करने के लिए सहमति दे रही थी। इन रिकॉर्डिंग्स को सुनने के बाद पति के पैरों तले जमीन खिसक गई और उसने बिना देर किए पुलिस प्रशासन की शरण ली। पुलिस को सौंपे गए इन सबूतों ने मामले को पूरी तरह से पलट दिया और जांच की दिशा को एक सामान्य गुमशुदगी से बदलकर हत्या की साजिश के गंभीर अपराध की ओर मोड़ दिया।
पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि महिला और उसका प्रेमी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। वे एक शहर से दूसरे शहर भाग रहे थे और तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। लगभग एक महीने तक पुलिस की विभिन्न टीमें उनकी तलाश में छापेमारी करती रहीं। इस दौरान पति और बच्चों की मानसिक स्थिति अत्यंत दयनीय बनी रही, क्योंकि उन्हें लगातार जान का खतरा महसूस हो रहा था। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उनके मोबाइल टावर लोकेशंस और संदिग्ध संपर्कों पर पैनी नजर रखी। आखिरकार, लंबी फरारी के बाद पुलिस को उनकी सटीक लोकेशन का पता चला और एक घेराबंदी के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी टैक्सी ड्राइवर पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है और उसने महिला को भावनात्मक रूप से बरगला कर इस साजिश में शामिल किया था। कॉल रिकॉर्डिंग को न्यायालय में मुख्य साक्ष्य के रूप में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। महिला ने बताया कि वह अपनी शादीशुदा जिंदगी से ऊब चुकी थी और उसे टैक्सी ड्राइवर का साथ अधिक पसंद आने लगा था। उन्हें डर था कि यदि पति जीवित रहा तो वह उनके रिश्ते में बाधा बनेगा और संपत्ति के कानूनी अधिकार भी उन्हें नहीं मिल पाएंगे। इसी लालच और अवैध संबंधों के जुनून में उन्होंने हत्या की इस खौफनाक योजना को अंतिम रूप दिया था। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने फरारी के दौरान इन दोनों अपराधियों को शरण दी थी या उनकी आर्थिक मदद की थी। इस घटना ने एक बार फिर समाज में नैतिक मूल्यों के पतन और सोशल मीडिया व बाहरी संपर्कों के दुरुपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में बच्चों की स्थिति सबसे अधिक हृदयविदारक रही है। अपनी मां के इस कृत्य से वे गहरे सदमे में हैं और समाज में उन्हें अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों ने पुलिस के सामने भी अपनी मां के व्यवहार को लेकर कई बातें साझा की हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि महिला काफी समय से घर की जिम्मेदारियों से विमुख हो चुकी थी। पति, जो बैंक में एक जिम्मेदार पद पर है, ने बताया कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस महिला के साथ उसने अपना जीवन साझा किया, वही उसकी जान की दुश्मन बन जाएगी। इस केस ने डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को एक बार फिर प्रमाणित किया है कि कैसे एक छोटी सी रिकॉर्डिंग किसी की जान बचा सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पति की हत्या की साजिश रचना भारतीय न्याय संहिता के तहत एक गंभीर अपराध है और इसमें आरोपियों को कठोरतम सजा मिल सकती है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस उस हथियार या माध्यम की भी तलाश कर रही है जिसका उपयोग वे हत्या के लिए करने वाले थे। अलवर के स्थानीय निवासियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक सुशिक्षित परिवार की महिला इस तरह के अपराध की ओर अग्रसर हो गई।
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