Lucknow : सोनभद्र के सलखन जीवाश्म पार्क को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की स्थायी सूची में शामिल करने के प्रयास तेज

जयवीर सिंह ने बताया कि सलखन जीवाश्म पार्क में लगभग 1.4 अरब वर्ष पुराने स्ट्रोमैटोलाइट्स जीवाश्म संरक्षित हैं। ये साइनोबैक्टीरिया (नीली हरी शैवाल) द्वारा बने प्रा

Nov 4, 2025 - 23:53
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Lucknow : सोनभद्र के सलखन जीवाश्म पार्क को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की स्थायी सूची में शामिल करने के प्रयास तेज
Lucknow : सोनभद्र के सलखन जीवाश्म पार्क को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की स्थायी सूची में शामिल करने के प्रयास तेज

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सोनभद्र जिले में स्थित सलखन जीवाश्म पार्क को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी सूची में शामिल करने का प्रयास गंभीरता से किया जा रहा है। यह पार्क सोनभद्र जिले के सलखन गांव में कैमूर वन्यजीव अभयारण्य के पास स्थित है और लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह भारत के प्रमुख जीवाश्म पार्कों में से एक है। यूनेस्को की स्थायी सूची में शामिल होने से इसकी वैश्विक पहचान बढ़ेगी तथा पर्यटन के साथ वैज्ञानिक शोधों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वर्तमान में भारत में 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं, जिनमें सात प्राकृतिक श्रेणी के हैं।

जयवीर सिंह ने बताया कि सलखन जीवाश्म पार्क में लगभग 1.4 अरब वर्ष पुराने स्ट्रोमैटोलाइट्स जीवाश्म संरक्षित हैं। ये साइनोबैक्टीरिया (नीली हरी शैवाल) द्वारा बने प्राचीन अवसादी ढांचे हैं। अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क के 500 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्म और कनाडा के मिस्टेकन पॉइंट के जीवाश्मों से भी सलखन के जीवाश्म अधिक पुराने हैं। यह पार्क पृथ्वी के प्री-कैम्ब्रियन युग के महत्वपूर्ण प्रमाण प्रस्तुत करता है तथा जीवन के विकास की वैश्विक भू-विरासत श्रेणी में आता है। यह पार्क पृथ्वी पर प्रारंभिक जीवन और ऑक्सीजनिक प्रकाश संश्लेषण की शुरुआत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता है। अमेरिका के येलोस्टोन पार्क के बाद भारत का यह सबसे बड़ा जीवाश्म पार्क है।

जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा लंबे समय से सलखन को यूनेस्को विश्व धरोहर श्रेणी में लाने के प्रयास हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर स्थायी मान्यता मिलने से भारत की प्राचीन प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक शोधों और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। अब तक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय भू-वैज्ञानिकों ने यहां विभिन्न शोध किए हैं तथा बताया है कि इन स्पष्ट जीवाश्मों से वैज्ञानिक शोधों को नई दिशा मिलेगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार तथा राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा।

जयवीर सिंह ने सितंबर 2025 में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर सलखन पार्क को स्थायी सूची में शामिल करने का अनुरोध किया था। केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार को सूचित किया है कि भारत सरकार स्तर पर सलखन को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए गंभीर प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने वाराणसी के सारनाथ को भी यूनेस्को में शामिल करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही। जयवीर सिंह ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त किया।

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