Lucknow : एलडीए-  नये बिल्डिंग बायलॉज के तहत शमन मानचित्र भी स्वीकृत करा सकेंगे लोग

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेग्युलेशन-20

Jul 17, 2025 - 23:20
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Lucknow : एलडीए-  नये बिल्डिंग बायलॉज के तहत शमन मानचित्र भी स्वीकृत करा सकेंगे लोग
एलडीए-  नये बिल्डिंग बायलॉज के तहत शमन मानचित्र भी स्वीकृत करा सकेंगे लोग

सार-

  • लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जनता अदालत में पहुंचे फरियादियों की मांग पर जारी किये आदेश
  • जोनल अधिकारियों को दिया गया शमन मानचित्र जमा कराने का टारगेट, पूर्व में निर्माण करा चुके लोगों को भी मिलेगा नये नियमों का लाभ
  • जनता अदालत में आये 62 प्रकरणों में से 15 का मौके पर हुआ निस्तारण, शेष प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए तय की गयी समय-सीमा

लखनऊ विकास प्राधिकरण नये बिल्डिंग बायलॉज के तहत शमन मानचित्र स्वीकृत करेगा। इससे पूर्व में निर्माण कार्य करा चुके लोगों को भी नये नियमों का लाभ मिलेगा और वे शमन कराकर अपने निर्माण को नियमित करा सकेंगे।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गुरूवार को प्राधिकरण में आयोजित जनता अदालत में फरियाद लेकर पहुंचे लोगों की मांग पर इस बाबत आदेश जारी किये हैं। साथ ही सभी प्रवर्तन जोन के जोनल अधिकारियों को शमन मानचित्र जमा कराने का टारगेट दिया गया है। इससे शमन मानचित्र पास कराने के लिए आने वाले लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा और अधिकारी लोगों को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेग्युलेशन-2025 पारित किया है। इसके अंतर्गत भवन निर्माण के लिए भू-आच्छादन क्षेत्रफल व एफ०ए०आर० (फ्लोर एरिया रेशियो) का दायरा बढ़ाते हुए काफी रियात दी गयी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नयी नियमावली के तहत नये भवनों के मानचित्र के साथ पूर्व में कराये जा चुके निर्माण कार्यों का शमन मानचित्र भी स्वीकृत किया जाएगा। जनता के हित में जरूरी है कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। इसके लिए जोनल अधिकारियों को शमन मानचित्र जमा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत जोन-1 को 200, जोन-2 को 220, जोन-3 को 75, जोन-4 को 100, जोन-5 को 200, जोन-6 को 75 तथा जोन-7 को 100 शमन मानचित्र जमा कराने का टारगेट दिया गया है।

  • प्रधानमंत्री आवास के आवंटियों को दिलाएं होम लोन

जनता अदालत में पहुंचे गुड़म्बा के आदिल नगर निवासी महेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें बसन्तकुंज योजना में प्रधानमंत्री आवास संख्या - 45 / 22 आवंटित हुआ है लेकिन, कई बैंकों के चक्कर लगाने के बाद भी होम लोन नहीं मिल रहा है, जिसके चलते वह भवन का पैसा नहीं जमा करा पा रहे हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बैंकों के सक्षम अधिकारियों से वार्ता करके प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के लिए होम लोन मेला लगवाया जाए। मौके पर ही सभी आवंटियों को होम लोन की सुविधा दिलायी जाए।

  • नाम के चलते अटकी थी रजिस्ट्री, हुआ निस्तारण

कानपुर रोड योजना के सेक्टर-डी निवासी सोनू ने प्रार्थना पत्र दिया कि उन्हें शारदा नगर योजना के रूचिखण्ड में भवन संख्या - 1 / 902 आवंटित हुआ है। मकान की पूर्ण धनराशि जमा करा दी है, लेकिन आवंटन पत्र में नाम सोनू और आई0डी0 में नाम भूपेन्द्र सिंह होने के चलते रजिस्ट्री नहीं हो रही है। उपाध्यक्ष ने फाइल मंगायी तो पता चला कि आवंटी के अलग-अलग नाम की जांच हो चुकी है और प्रकरण सही है। उन्होंने मौके पर ही रजिस्ट्री के लिए फाइल तैयार कराकर प्रकरण का निस्तरण करा दिया।

  • गणना कराकर दिया गया मांग पत्र

कैंट क्षेत्र के उदयगंज निवासी नीरज तिवारी ने प्रार्थना पत्र दिया कि उन्हें शारदा नगर विस्तार योजना में प्रधानमंत्री आवास संख्या - 28 / 43 आवंटित हुआ है। उन्होंने कहा कि वह भवन की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, जिसके लिए अंतिम गणना करा दी जाए। मौके पर ही भवन की गणना कराकर आवंटी को मांग पत्र दे दिया गया। इसी तरह रूपेश कुमार ने कानपुर रोड योजना में भूखण्ड की रजिस्ट्री के सम्बंध में प्रार्थना पत्र दिया, जिसकी फाइल मौके पर ही अनुमोदित कर दी गयी।

  • 62 में से 15 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण

अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण के कमेटी हॉल में आयोजित जनता अदालत/प्राधिकरण दिवस में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार व सचिव विवेक श्रीवास्तव ने लोगों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना। इस दौरान रजिस्ट्री, नामांतरण, मानचित्र, अवैध निर्माण आदि से सम्बंधित कुल 62 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 15 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों के निस्तारण के सम्बंध में समय-सीमा निर्धारित करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।

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