Lucknow News: विकसित कृषि संकल्प अभियान में अब तक 08 लाख से अधिक हुए किसान शामिल, ’लैब टू लैंड’ के संकल्प को साकार कर रही है प्रदेश सरकार

प्रदेश के 75 जनपदों में अब तक लगभग 4725 स्थानों पर विभिन्न गणमान्य जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि एवं सहवर्ती विभाग के अधिकारियों के साथ बुधवार ...

Jun 4, 2025 - 22:26
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Lucknow News: विकसित कृषि संकल्प अभियान में अब तक 08 लाख से अधिक हुए किसान शामिल, ’लैब टू लैंड’ के संकल्प को साकार कर रही है प्रदेश सरकार

प्रदेशभर में किसान-वैज्ञानिक संवाद के लिए 12 जून तक चलाया जायेगा अभियान

By INA News Lucknow.

लखनऊ : विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 को आगे बढाते हुए उत्तर प्रदेश में खरीफ फसलां से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए समय से बुआई हेतु कृषि निवेश की व्यवस्था एवं नवीन तकनीकी के प्रचार-प्रसार हेतु कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना हेतु रूपये-16290.00 लाख, नेशनल फूड सिक्योरिटी एण्ड न्यूट्रिशन मिशन के अन्तर्गत रूपये-10276.92 लाख एवं कृषोन्नति योजना हेतु रूपये-14500.20 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। यह सरकार की किसानों के प्रति कटिबद्धता प्रदर्शित करती है।

प्रदेश के 75 जनपदों में अब तक लगभग 4725 स्थानों पर विभिन्न गणमान्य जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि एवं सहवर्ती विभाग के अधिकारियों के साथ बुधवार को अभियान के छठे दिन तक लगभग 8,10,000 से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के प्रति कृषकों में उत्साह बढ़ने के कारण आगामी दिवसों में कृषकों की प्रतिभागिता और अधिक बढ़ने की संभावना है।

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उल्लेखनीय है कि विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 देश के सभी राज्यों में 1.5 करोड़ किसानों को जोड़ने की मुहिम के सापेक्ष उत्तर प्रदेश में 75 जनपदों में 10125 कार्यक्रम के माध्यम से 50 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्यक्रम प्रत्येक जनपद में प्रति दिवस 9 के साथ 15 दिवसों में प्रति जनपद 135 स्थानों पर कृषक वैज्ञानिक संवाद आयोजित किए जाने हैं।

कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि एवं सहवर्ती विभाग के अधिकारियों के द्वारा कृषकों के बीच उपस्थित होकर कृषकों को जैविक व प्राकृतिक खेती, भूमि संरक्षण की तकनीक एवं भूमि सुधार, जिप्सम का प्रयोग कम लागत की खेती, मृदा परीक्षण व उनके लाभ, नवीन प्रजातियों का चयन, बीज शोधन एवं शोधन के उपरान्त बीज की बोआई, धान की सीधी बोआई, संतुलित उर्वरक का प्रयोग, जल विलय नैनो यूरिया एवं डी0ए0पी0 प्रयोग के लाभ, दलहनी एवं तिलहनी फसलों की उत्पादन की प्राथमिकता, गन्ने के साथ सहफसली खेती, पौध संरक्षण, औद्योगिक फसलें, चारा उत्पादन, पशुजनित रोगों की रोकथाम, औद्यानिक खेती, फसल बीमा, रेशम पालन, मधुमक्खी पालन, वृक्षारोपण के लाभ, बकरी पालन, बागवानी के पुराने पौधों का पुर्नजीवन, खाद्य प्रसंस्करण, विपणन, पी0एम0 कुसुम योजना, खेत तालाब, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर एरिगेशन, समन्वित कीट प्रबन्धन मल्चिंग, पॉली हाउस पी0एम0 किसान निधि, फसल अवशेष प्रबन्धन एवं ढैंचा की उपयोगीता, मक्के की फसल की बढ़ती उपयोगिता एवं लाभ आदि विषयों पर चर्चा की जा रही है। कृषकों से उनकी कृषि में आने वाली समस्याओं पर भी संवाद किये जा रहे हैं एवं इसके निवारण हेतु सम्भावित विकल्पां पर विचार किया जा रहा है।

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