Lucknow : लखनऊ में पांच किलोमीटर की दौड़ में धावकों ने दिखाई प्रतिभा, मंत्री जयवीर सिंह बोले- खेलेगा भारतदृखिलेगा भारत ही समरस मैराथन का मूल मंत्र
समरस मैराथन को सफल बनाने में माधवेन्द्र सिंह, मनोज सिंह, अनिल वर्मा, डॉ. वीरेन्द्र कुमार और दिनेश सिंह राणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण भूमिका
- रवि ने 15:32 मिनट और शशिलता ने 18:40 मिनट में दूरी पूरी जीता प्रथम पुरस्कार
लखनऊ : राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश देने के उद्देश्य से अभ्युदय यूथ क्लब के तत्वावधान में ‘समरस मैराथन’ का लखनऊ में सफल आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “खेलेगा भारतदृखिलेगा भारत की भावना को साकार करने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। समरस मैराथन युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और एकजुट समाज की दिशा में प्रेरित करती है।”
कार्यक्रम में स्नातक क्षेत्र से एमएलसी अवनीश सिंह विशिष्ट अतिथि के साथ आई टी बी पी० के जवान भी उपस्थित रहे। स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित यह 5 किलोमीटर की मैराथन दौड़ कुड़ियाघाट (ग्रीन कॉरिडोर रोड), घंटाघर, लखनऊ में सुबह आयोजित की गई। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए पुरुष एवं महिला धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे आयोजन में खेल भावना व अनुशासन का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
- बालक वर्ग के परिणाम
प्रथम स्थान: रवि कुमार पाल - 15 मिनट 32 सेकंड
द्वितीय स्थान: इस्लाम अली - 16 मिनट 02 सेकंड
तृतीय स्थान: राजेश सिंह -16 मिनट 09 सेकंड
- बालिका वर्ग के परिणाम
प्रथम स्थान रू शशिलता - 18 मिनट 40 सेकंड
द्वितीय स्थान: वर्षा सिंह - 20 मिनट 10 सेकंड
तृतीय स्थान: सृष्टि सिंह - 20 मिनट 30 सेकंड
- पुरस्कार वितरण
पुरुष वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को क्रमशः 10,000 रुपये, 5,000 रुपये और 3,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 7 धावकों को 500-500 रुपये के सांत्वना पुरस्कार दिए गए। महिला वर्ग में भी इसी प्रकार कुल 10 पुरस्कार प्रदान किए गए।
- युवाओं को फिटनेस और समरसता का संदेश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि खेल युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि समरस मैराथन जैसे आयोजन समाज में भाईचारे, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।
- आयोजन को सफल बनाने में सामूहिक योगदान
समरस मैराथन को सफल बनाने में माधवेन्द्र सिंह, मनोज सिंह, अनिल वर्मा, डॉ. वीरेन्द्र कुमार और दिनेश सिंह राणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके साथ ही ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय की 20 यूपी एनसीसी गर्ल्स बटालियन की 50 कैडेट्स ने स्वयंसेवक के रूप में सराहनीय योगदान दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के सहयोग से भेजी गईं एनसीसी कैडेट्स डॉ. मुकेश कुमार के निर्देशन में सुबह आयोजन स्थल पर पहुंच चुकी थीं। कैडेट्स की ।छव् डॉ. बुशरा अलवेरा का भी विशेष सहयोग रहा।
- सफल और प्रेरणादायी आयोजन
समरस मैराथन का आयोजन पूरी तरह सफल रहा। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं में ऊर्जा, एकता और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश देने वाला प्रेरणादायी प्रयास साबित हुआ।
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