Maha Kumbh 2025: सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल चंद लोगों से इतर भी महाकुंभ (Maha Kumbh)

एक सन्यासी Yogi, जो उत्तर प्रदेश के CM भी हैं, ने जनकेंद्रित राजधर्म से चीजों को और व्यवस्थित एवं सुंदर बनाने का हर संभव प्रयास किया है। उसी का नतीजा है कि देर रात अगर ऊ...

Jan 31, 2025 - 21:23
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Maha Kumbh 2025: सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल चंद लोगों से इतर भी महाकुंभ (Maha Kumbh)

सार-

  • वायरल होना तो सीजनल बुखार जैसा है जो कुछ दिनों में उतर जाएगा
  • असली महाकुंभ (Maha Kumbh) तो कल्पवासियों, साधु-संतों के अखाड़ों, शिविरों में हैं
  • इनमें ही प्रवचन के रूप में धर्म, अध्यात्म का अमृत बरस रहा है, लोग तबियत से छक भी रहे हैं

By INA News Maha Kumbh Nagar.

अपनी कुछ खूबियों के कारण सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल चंद लोगों से इतर भी महाकुंभ (Maha Kumbh) है। वही महाकुंभ (Maha Kumbh) असली और स्थाई है। वही अनादि काल से चली आ रही अपनी परंपरा भी है। इस असली वाले महाकुंभ (Maha Kumbh) में वे 10 लाख कल्पवासी हैं जो हर रोज तड़के स्नान करने के बाद पूरा समय जप और सत्संग में बिताते हैं। इसमें साधु-संतों के वे अखाड़े या शिविर हैं जिनमें लगातार धर्म, अध्यात्म, योग आदि विषयों पर लगातार प्रवचन चल रहा है।उनमें हो रहे मंत्रोच्चार की मधुर धुन से ऊर्जा मिल रही है। जो अनवरत लोगों के लिए लंगर चला रहे हैं।
असली महाकुंभ (Maha Kumbh) का यही असली अमृत है, जो लगातार बरस रहा है। छकने वाले इसे पूरे मन से छक भी रहे हैं। वायरल होना तो वायरल बुखार की तरह है, जो कुछ दिनों में उतर जाएगा। लगभग उतर भी चुका है।

  • सत्संग का असर स्थाई होता है

संगम में पुण्य की डुबकी के बाद संतों के सान्निध्य में किए गए सत्संग का असर तो स्थाई होगा। रामचरितमानस में तुलसीदास ने भी कई जगहों पर सत्संग की महिमा और महत्ता का वर्णन किया है। एक जगह वह कहते हैं,"बिनु सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई"। सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए एक अन्य जगह पर वह कहते हैं,"सतसंगत मुद मंगल मूला। सोई फल सिधि सब साधन फूला"।

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आगे वह इसकी महत्ता बताते हुए कहते हैं, सत्संग से व्यक्ति में विवेक आता है। यह विवेक मोह और भ्रम को दूर करता है। इनके दूर होने से भगवान के प्रति अनुराग बढ़ जाता है। (होइ बिबेकु मोह भ्रम भागा। तब रघुनाथ चरन अनुरागा)। इस लिहाज से महाकुंभ (Maha Kumbh) व्यक्ति में विवेक जगाने का महापर्व भी है। खास बात ये है कि अमृतपान का ये सुअवसर सबके लिए और समान रूप से है। आप जितना चाहें, जब तक चाहें इसका लाभ उठा सकते हैं।

  • जनकेंद्रित राजधर्म से महाकुंभ (Maha Kumbh) को उत्कृष्ट बनाने का सन्यासी सीएम का प्रयास

एक सन्यासी Yogi, जो उत्तर प्रदेश के CM भी हैं, ने जनकेंद्रित राजधर्म से चीजों को और व्यवस्थित एवं सुंदर बनाने का हर संभव प्रयास किया है। उसी का नतीजा है कि देर रात अगर ऊपर से महाकुंभ (Maha Kumbh) नगर को देखें तो लगता है, मां गंगा के सफेद रेती के कैनवास पर किसी ने रंग-बिरंगे टेंट और जगमग रौशनी, नावों और गंगा-जमुना के अविरल जल का बतौर पेंट प्रयोग कर बेहद खूबसूरती से एक बेहद उम्दा पेंटिंग उकेर दी हो।

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