Hardoi: नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह शुरू-  CMO डॉ. भवनाथ पाण्डेय ने दी जीवन के पहले 28 दिनों के महत्व की जानकारी। 

राष्ट्रीय  नवजात शिशु देखभाल सप्ताह प्रतिवर्ष 15 से 21 नवम्बर के बीच बनाया जाता है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी

Nov 13, 2025 - 19:07
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Hardoi: नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह शुरू-  CMO डॉ. भवनाथ पाण्डेय ने दी जीवन के पहले 28 दिनों के महत्व की जानकारी। 
नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह शुरू-  CMO डॉ. भवनाथ पाण्डेय ने दी जीवन के पहले 28 दिनों के महत्व की जानकारी। 

हरदोई: राष्ट्रीय  नवजात शिशु देखभाल सप्ताह प्रतिवर्ष 15 से 21 नवम्बर के बीच बनाया जाता है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी  कार्यालय  सभागार में एक जनपद स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया | इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० भवनाथ पाण्डेय ने बताया कि नवजात अवस्था (जीवन के पहले 28 दिन) शिशु के जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण होती हैं क्योकि इस दौरान प्रतिदिन मृत्यु का जोखिम सबसे अधिक होता है | जीवन का पहला महीना दीर्घकालिक स्वास्थ्य और विकास के लिए भी महत्वपूर्ण समय होता है | स्वस्थ नवजात शिशु स्वास्थ्य व्यक्तियों के रूप में विकसित होते हैं जो सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं | 

इस वर्ष राष्ट्रीय नवजात शिशु देखभाल सप्ताह की मेन थीम लाइन “Newborn Safety: Every Touch, Every Time, Every baby” है | इस वर्ष का विषय नवजात के शिशुओं के स्वस्थ्य जीवन के लिए सुरक्षा सुनिश्चितता के महत्त्व पर प्रकाश डालता है तथा चिकित्सा इकाई के साथ-साथ समुदाय में प्रत्येक नवजात शिशु के स्वास्थ्य की सुरक्षा में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों और परिवारों की भूमिका पर जोर देता है | नवजात शिशु के लिए शुरू के अठ्ठाइस दिन सबसे महत्वपूर्ण होते है यदि इस समय बच्चा स्वस्थ रहता है और रोगो से बचाव किया जाता है तो शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। स्वास्थ्य कर्मियों के एवं अस्पतालों के भीतर की व्यवस्थाओं के माध्यम से और अभिवावकों के सहयोग से प्रत्येक शिशु को बचाया जा सकता है।  इसके लिए  यह आवश्यक है कि प्रसव किसी चिकित्सालय में ही कराएं और 48 घंटे तक चिकित्सालय में ही रूककर आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ प्राप्त करें | नवजात को तुरंत नहलाएं नहीं, शरीर पोछकर नर्म कपडे पहनाएं, जन्म के एक घंटे के अन्दर मा का पीला गाढ़ा दूध पिलाना शुरू करें तथा छः महीने तक केवल स्तनपान कराएं | शिशु के सभी टीके समय से लगवाएं | सभी सरकारी चिकित्सालयों में  जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसव के समय भोजन, परिवहन, दवाएं इत्यादि निःशुल्क प्रदान की जाती हैं | सभी आम जनमानस से अनुरोध है, कि इस सेवा का लाभ उठायें, जननी सुरक्षा योजना के तहत मा एवं शिशु के खान पान एवं पोषण के लिए 1400 रूपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है | कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अतिरिक्त उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० पंकज मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ० आर०के० सिंह, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० जीतेन्द्र श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुजीत सिंह तथा जनपद के सभी ब्लाकों के प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे |

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