MP: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के गृह जिले की मंडी में खुली लूट: छुट्टी के दिन 500 रुपये रिश्वत मांगने वाला सुरक्षा गार्ड मीडिया देखते ही फरार, कड़ाके की ठंड में रात भर बाहर खड़े रहे किसान।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में किसानों के साथ मंडी में लूट का सिलसिला बदस्तूर जारी है पर कार्यवाही करने के बजाए हर बार बच जाते है दोषी या है किसी अधिकारी
- सरकार के दावों को आइना दिखाती ये तस्वीर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के ग्रह जिले में कृषि उपज मंडी में किसानों से खुली लूट,छुट्टी के दिन अनाज की गाड़ियां अंदर करने के नाम पर गेट पर पदस्थ, सुरक्षा कर्मी यादव मांग रहा 500 रुपये, मीडिया के पहुँचते ही गेट से गायब हुआ यादव,1 घण्टे बाद भी ड्यूटी पर नही लौटा, कड़कती ठंड में अनाज की रखवाली करने को मजबूर हुए किसान, सूचना में बढ़ भी मंडी प्रबंधन नही पहुँचा मौके पर रात भर कड़कती ठंड में मंडी बाहर रहे किसान,सुबह सात बजे 7 गाड़ियां की अंदर मीडिया में सूचना देने के जुर्म में अब तक बाहर ही खड़ी है एक किसान की गाड़ी
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में किसानों के साथ मंडी में लूट का सिलसिला बदस्तूर जारी है पर कार्यवाही करने के बजाए हर बार बच जाते है दोषी या है किसी अधिकारी की मिलीभगत समझना है मुश्किल फिर चाहे किसानों का भुगतान हो या अन्य समस्या पर कोई सुनवाई होती ही नही ताजा मामला जिले की कृषि उपज मंडी से फिर सामने आया है यहाँ छुट्टी वाले दिन सुरक्षा कर्मियों की मौज हो जाती है क्योंकि गाड़ियां अंदर ले जाने के लिए 500 का नोट देने पर ही गाड़ी अंदर जा पाती है और जो नोट नही दिखाता उसको बाहर ही मंडी खुलने का इन्तेजार करना पड़ता है रविवार को भी यही हुआ जिला मुख्यालय पर कुछ किसान अनाज लेकर मंडी पहुँचे थे पर और उनके द्वारा गेट खोलने का अनुरोध सुरक्षा कर्मी नरेन्द्र यादव से किया गया गेट फिर भी नही खोला गया जिसके बाद सुरक्षा कर्मी यादव ने किसानों को कहा कि 500 या 400 रुपये एक गाड़ी के देते हो तो मंडी में गाड़ी जाने देगा इस बात से परेशान किसानों ने मीडिया को इस बात की सूचना दी गई।
जिसके बाद हम मौके पर पहुँचे और मामले की पड़ताल की तो पाया कि सुरक्षा कर्मियों की मनमानी के चलते किसान इस कड़कड़ाती ठंड में मंडी गेट पर प्रतीक्षा करते नजर आए जिसके बाद हमने सुरक्षा कर्मी नरेंद्र यादव से मामले की जानकारी लेनी चाही तो मीडिया को देखकर वो गायब हो गए हम जब मंडी के अंदर गए तो देखा कि मक्के की एक गाड़ी खाली हो रही है पर गेट पर सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि गाड़ी हमारे सामने अन्दर नही गई है कब गई कैसे गई उन्हें नही पता अब सवाल यह उठता है कि क्या गाड़ी मंडी के किसी गुप्त रास्ते से लाई गई या यह सब 500 के नोट का जादू था कि बंद मंडी में गाड़ी खाली होकर हमारे सामने से निकल गई पर सुरक्षा कर्मियों को नजर नही आई खैर इस मामले की जानकारी हमारे द्वारा मंडी सचिव से लेकर कलेक्टर तक को दी गई पर किसी ने भी मंडी पहुँचने की जहमत तक नही उठाई और लाचार किसान मंडी के गेट पर रात भर कड़कती ठंड में ठिठुरते हुए अपने अनाज की पहरेदारी करने को मजबूर होते रहे जबकि सुबह 7 बजे साथ गाड़ियों को मंडी में अंदर किया गया जबकि एक किसान की गाड़ी अब तक वहीं खड़ी है।
उसका कसूर बस इतना था कि उनके साथ हो रहे अन्याय की जानकारी मीडिया को दी थी इस बात का खमियाजा किसान भुगत रहा है अब यहाँ बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रदेश के मुखिया किसानों को लेकर इतने संवेदनशील है पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के ग्रह जिले में किसानों के साथ इस तरह से खुला अन्याय हो रहा है और किसान अपनी जान जोखिम में डालकर अपने अनाज की रखवाली मंडी गेट पर करने को मजबूर रहे पर किसी जिम्मेदार ने आकर इनकी तकलीफ नही समझी क्या किसी बड़ी घटना का इन्तेजार मंडी प्रबंधन और जिला प्रशासन कर रहा है क्या किसी किसान की जान जाने के बाद ही ये प्रशासन और सरकार जागेगी खैर अब देखने वाली बात होगी कि इस घूस खोर सुरक्षा कर्मी नरेंद्र यादव पर कोई कार्यवाही होगी भी या मुख्यमंत्री के यादव बंधु होने का फायदा इसे मिल जाएगा।
What's Your Reaction?









