हरदोई में धान खरीद घोटाला – सामाजिक संगठनों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, सीएम योगी से तत्काल कार्रवाई की मांग। 

स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद, अखिल भारतीय पूर्व

Dec 3, 2025 - 20:50
Dec 3, 2025 - 20:51
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हरदोई में धान खरीद घोटाला – सामाजिक संगठनों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, सीएम योगी से तत्काल कार्रवाई की मांग। 
हरदोई में धान खरीद घोटाला – सामाजिक संगठनों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, सीएम योगी से तत्काल कार्रवाई की मांग। 

हरदोई: स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद सहित आधा दर्जन से अधिक सामाजिक संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। और कहा कि जिस प्रदेश का मुखिया शस्त्र और शास्त्र का ज्ञाता हो जो सम्पूर्ण प्रदेश में अधर्म का नाश करके, धर्म की स्थापना के लिए दृढ संकल्पित हो जिसके नाम से ही माफिया व भ्रस्टाचारी कापते हो, जो अन्नदाता को खुशहाल देखने के लिए रात दिन मेहनत करता हो, उसके मुख्यालय से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जनपद हरदोई जहां का मुखिया अर्थात जिलाधिकारी हरदोई कठोर परिश्रमी और बेहद ईमानदार है वहाँ कुछ भ्रस्टाचारियों ने सुनियोजित तरीके से धान खरीद वर्ष 2025 में धान क्रय केंद्र स्थापना के समय से किसान विरोधी व सरकार विरोधी रवैया अख्तियार करके किसानों को खून के आंसू रोने पर विवश करने के साथ- साथ जिलाधिकारी हरदोई व सरकार की छवि खराब करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी है।

प्रदर्शनकारियों ने जनपद हरदोई में धान क्रय केंद्रों पर व्याप्त बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, दलाली और किसान उत्पीड़न के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा तथा चेतावनी दी कि यदि 10 दिसंबर 2025 तक भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो सैकड़ों कार्यकर्ता आमरण अनशन पर बैठेंगे।

मुख्य आरोप :

  • खाद्य विभाग के कर्मचारी मनोज शर्मा, धर्मेंद्र चौधरी, विनय त्रिपाठी, अमित (जिला प्रबंधक PCU), विवेक यादव (जिला प्रबंधक PCF) सहित कई लोग पिछले 15 साल से अधिक समय से हरदोई में जमे हैं
  • किसानों का धान तौलना बंद कर फर्जी किसानों के अंगूठे लगवाकर MSP की लूट की जा रही है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को 10-12 दिन लाइन में खड़ा रखने के बाद या तो वापस भगा दिया जाता है या 200 रुपये प्रति क्विंटल की रिश्वत वसूली जा रही है।
  • मंडी समितियों में भी इन्हीं कर्मचारियों की टीम तैनात है जिसने टोकन वितरण में मनमानी कर सरकार की नीतियों की धज्जियाँ उड़ा दीं।
  • उर्वरक विक्रेताओं द्वारा खाद की कृत्रिम कमी दिखाकर 200-300 रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त वसूली की जा रही है।

संगठन की मांगें :

  1. खाद्य विभाग हरदोई मे नियुक्त कर्मचारी जिनकी सेवा अवधि 10 वर्षों से अधिक है उन्हे तत्काल हरदोई से अन्य जगह स्थानांतारित किया जाये।
  2. समस्त आरोपियों को तत्काल निलंबित करते हुए उनके भ्रस्टाचारी व सरकार विरोधी कृत्यों की जाँच हरदोई जनपद के बाहर के किसी ईमानदार अधिकारी से कराई जाये तथा सत्य पाये जाने पर उनके विरुद्ध भ्रस्टाचार के साथ-साथ राजद्रोह की धाराओं मे मुकदमा पंजीकृत किया जाये।
  3. जनपद मे ग्रामीण क्षेत्रो मे भी स्थिति केंद्रों पर किसान का धान भौतिक रूप से (पंजीकृत नहीं) तौलाना सुनिश्चित किया जाये ।
  4. खाद की पर्याप्त उपलब्धता को अनुपलब्धता दर्शाकर किसानों से 200 से 300 रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त वसूली करने वाले विक्रेताओं व उनके सहयोगी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाये।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिलाधिकारी हरदोई कठोर परिश्रमी और ईमानदार अधिकारी हैं, लेकिन इन भ्रष्टाचारियों ने उनकी और प्रदेश सरकार की छवि को भी धूमिल करने का प्रयास किया है। पहले भी 18 नवंबर और 27 नवंबर को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। प्रमुख सचिव खाद्य द्वारा हाल में दौरा करने पर तीन केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन बड़े मगरमच्छ अभी भी खुले घूम रहे हैं।

धरने में प्रमुख रूप से बलवीर सिंह (जिलाध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ), अवनीश त्रिवेदी (जिला संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच), हर्ष वर्धन सिंह (प्रांत समन्वयक, स्वदेशी जागरण मंच), सुनील त्रिपाठी (जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ), शिवसेवक गुप्ता ‘शिव’ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद), राहुल सिंह ‘फौजी’ (सचिव, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद), कृष्ण पाल अवस्थी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप नहीं हुआ तो 10 दिसंबर से आमरण अनशन शुरू हो जाएगा। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया है तथा मामले को उच्च स्तर पर प्रेषित करने का आश्वासन दिया है।

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