Uttrakhand : सालाना गुरु मान्यो ग्रंथ समागम का तीसरा दिन, धर्म प्रचारकों ने गुरु और गुरबाणी की महानता का बखान किया
विशेष रूप से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के निर्भीकता, त्याग और धर्म रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए संगत को संदेश दिया गया कि “सत्य बोलो, सत्य
बाजपुर (उधम सिंह नगर)। गुरुद्वारा नानकसर ठाठ गजरौला में चल रहे सात दिवसीय सालाना “गुरु मान्यो ग्रंथ” समागम का तीसरा दिन पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान और मानवता की रक्षा की गौरवशाली परंपरा को समर्पित है। देश-विदेश से आई संगत गुरबाणी के अमृत का भरपूर रसपान कर रही है।
तीसरे दिन के दिवान में अंतरराष्ट्रीय प्रचारक भाई दलजीत सिंह खालसा, रागी भाई कुलदीप सिंह, कथावाचक भाई करम सिंह, भाई मंजीत सिंह, यूके से पधारे कथावाचक भाई त्रिलोक सिंह तथा बाबा अमरजीत सिंह गालिब खुर्द वाले ने कीर्तन, कथा और गुरमत विचारों से संगत को निहाल किया। वक्ताओं ने गुरुद्वारे की मर्यादा, सेवा-सिमरन की महत्ता और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी की अनमोलता पर गहन प्रकाश डाला।
विशेष रूप से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के निर्भीकता, त्याग और धर्म रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए संगत को संदेश दिया गया कि “सत्य बोलो, सत्य पर डटे रहो और मानवता की सेवा करो” – यही गुरु साहिब की असली शिक्षा है और इसे जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
कीर्तन दरबार में उपस्थित संगत ने गुरु चरणों में नतमस्तक होकर अरदास की और खुशहाली एवं विश्व शांति की कामना की। विभिन्न प्रांतों से आई भारी संख्या में संगत ने इस गुरमत लड़ी में शामिल होकर खुद को धन्य महसूस किया।
गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह ने सभी रागी जत्थों, प्रचारकों और संगत का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गुरु कृपा और संगत के सहयोग से यह समागम आत्मिक उन्नति का सशक्त साधन बन रहा है। उन्होंने अपील की कि गुरबाणी केवल सुनने तक सीमित न रहे, बल्कि हर सिख इसे जीवन में उतारे – यही गुरु साहिब के प्रति सच्ची भक्ति है।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं को बाकी बचे चार दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गुरबाणी का लाभ लेने, सेवा में योगदान देने और गुरु सिद्धांतों को समाज तक पहुंचाने का सादर निमंत्रण दिया।
समागम में भाई अनमोल सिंह, कश्मीर सिंह, हरजिंदर सिंह, गुरदेव सिंह, रमेश सिंह, अमरीक सिंह, सतनाम सिंह सहित बड़ी संख्या में सेवादार एवं संगत उपस्थित रही।
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