गोवा के आर्पोरा नाइटक्लब में सिलेंडर ब्लास्ट से 25 की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस ने चार मैनेजरों को दबोचा; सुरक्षा में लापरवाही ने मचाई तबाही। 

उत्तर गोवा के आर्पोरा गांव में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में देर रात सिलेंडर ब्लास्ट के कारण लगी भयानक आग ने 25 लोगों की जिंदगियां

Dec 8, 2025 - 14:09
Dec 8, 2025 - 16:37
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गोवा के आर्पोरा नाइटक्लब में सिलेंडर ब्लास्ट से 25 की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस ने चार मैनेजरों को दबोचा; सुरक्षा में लापरवाही ने मचाई तबाही। 
गोवा के आर्पोरा नाइटक्लब में सिलेंडर ब्लास्ट से 25 की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस ने चार मैनेजरों को दबोचा; सुरक्षा में लापरवाही ने मचाई तबाही। 

उत्तर गोवा के आर्पोरा गांव में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में देर रात सिलेंडर ब्लास्ट के कारण लगी भयानक आग ने 25 लोगों की जिंदगियां छीन लीं। यह हादसा 7 दिसंबर 2025 को रविवार की आधी रात के करीब एक बजे हुआ, जब क्लब में बॉलीवुड डीजे के कार्यक्रम के दौरान भीड़ उमड़ी हुई थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में क्लब प्रबंधन की भारी लापरवाही उजागर की, जिसमें अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी, केवल दो आपातकालीन द्वार और ज्वलनशील सामग्री का अंधाधुंध उपयोग शामिल था। इस घटना में चार पर्यटक और 21 स्टाफ सदस्य मारे गए, जबकि छह अन्य घायल हो गए। गोवा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लब के चार मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मालिकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटनास्थल का दौरा किया और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए मजिस्ट्रियल जांच समिति गठित की। हादसे की शुरुआत क्लब के किचन क्षेत्र से मानी जा रही है, जहां सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग क्लब के पहले तल पर नृत्य करते पर्यटकों के बीच भड़की, जहां धुआं और लपटों ने निकास के रास्ते बंद कर दिए। क्लब की संरचना अस्थायी थी, जिसमें लकड़ी के फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे आग नियंत्रण से बाहर हो गई। शुरुआती रिपोर्टों में सिलेंडर ब्लास्ट को मुख्य कारण बताया गया, लेकिन बाद की जांच में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आंतरिक आतिशबाजी का उपयोग आग का कारण था। क्लब में आयोजित फायर शो के दौरान इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स का इस्तेमाल किया गया, जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन था। आग इतनी तेज थी कि भवन के अंदर मौजूद लोग कुछ ही सेकंडों में घुटन का शिकार हो गए, और अधिकांश मौतें दम घुटने से हुईं।

घटना के समय क्लब में सैकड़ों लोग मौजूद थे, जिनमें पर्यटक और स्थानीय स्टाफ शामिल थे। आर्पोरा गांव, जो बागा बीच के पास स्थित है, पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, और यह क्लब पिछले साल खुला था। पुलिस के अनुसार, मरने वालों में दिल्ली के एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं, जो पर्यटक के रूप में वहां पहुंचे थे। शेष 21 स्टाफ सदस्य थे, जिनमें रसोइये, गार्ड और अन्य कर्मचारी शामिल थे। घायलों को गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बंबोलीम में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। शवों की पहचान पूरी हो चुकी है, और परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। एक स्टाफ सदस्य के परिजन ने बताया कि वह नाइट शिफ्ट पर ड्यूटी पर था और सिलेंडर ब्लास्ट के तुरंत बाद मर गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, और प्रारंभिक रिपोर्ट में दम घुटना मुख्य कारण सामने आया। गोवा पुलिस ने हादसे के तुरंत बाद एफआईआर दर्ज की, जिसमें क्लब के दो मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा, जनरल मैनेजर राजीव मोडक, गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर, बार मैनेजर राजवीर सिंघानिया और विवेक सिंह को आरोपी बनाया गया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 125, 125(ए), 125(बी) और 287 के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें लापरवाही से मौत का आरोप लगाया गया। पुलिस ने चार मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मालिक दिल्ली में होने के कारण एक टीम वहां रेड कर रही है। आर्पोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर को भी हिरासत में लिया गया, क्योंकि उन्होंने 2023 में क्लब को ट्रेड लाइसेंस जारी किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लब अवैध रूप से संचालित हो रहा था, और नियमों का उल्लंघन करते हुए परमिशन दी गई। तीन अधिकारियों को भी लाइसेंस जारी करने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

जांच में सामने आया कि क्लब में अग्नि सुरक्षा के न्यूनतम मानक भी पालन नहीं किए गए थे। केवल दो एग्जिट गेट थे, जो संकरी गलियों से घिरे क्लब के लिए अपर्याप्त थे। फायर सेफ्टी उपकरण जैसे स्मोक डिटेक्टर, फायर एक्सटिंग्विशर और आपातकालीन स्प्रिंकलर सिस्टम की कमी थी। क्लब की संरचना ऐसी थी कि आग फैलने पर बचाव कार्य मुश्किल हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में संकरी गलियां और भीड़ बाधा बनीं, जिससे फायर टेंडरों को पहुंचने में देरी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट इतना जोरदार था कि पूरा भवन कुछ ही पलों में लपटों में घिर गया। पुलिस ने क्लब के सिलेंडरों की जांच की, जो अब सुरक्षित पाए गए, लेकिन प्रारंभिक धारणा ब्लास्ट की थी। अब फायर शो और इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स को मुख्य वजह माना जा रहा है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटना को गोवा के पर्यटन इतिहास का सबसे दुखद अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि क्लब के मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, और दोषी पाए जाने पर जेल भेजा जाएगा। एक मजिस्ट्रियल जांच समिति गठित की गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी। समिति क्लब के लाइसेंसिंग, सुरक्षा मानकों और संचालन की जांच करेगी। केंद्र सरकार ने भी सहायता का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये की अनुदान की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे गहरा दुखद बताया। गोवा सरकार ने मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया।

घटना के बाद आर्पोरा क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए। पुलिस ने क्लब के अवशेषों की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है, जिसमें आग के स्रोत और फैलाव के कारणों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने अन्य नाइटक्लबों और रेस्तरां की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। गोवा के पर्यटन विभाग ने कहा कि यह घटना पर्यटन उद्योग के लिए झटका है, और सभी प्रतिष्ठानों को सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया। आर्पोरा पंचायत ने क्लब को परमिशन देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कहा कि इवेंट ऑर्गेनाइजर्स भी आरोपी हैं, क्योंकि उन्होंने फायर शो की अनुमति के बिना आयोजन किया। मरने वालों की पहचान पूरी हो चुकी है, और शवों को परिजनों के हवाले किया जा रहा है। दिल्ली के परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। स्टाफ सदस्यों के परिजन मुआवजे की मांग कर रहे हैं, और क्लब मालिकों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। घायलों का इलाज जारी है, और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। पुलिस ने कहा कि जांच में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना जताई। यह हादसा गोवा के नाइटलाइफ और पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रहा है। क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भीड़ प्रबंधन की कमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। पुलिस ने वीडियो फुटेज जब्त किए हैं, जो घटना के क्षणों को रिकॉर्ड करते हैं। जांच समिति में स्थानीय अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएंगे। गोवा सरकार ने कहा कि अवैध संचालन पर सख्ती बरती जाएगी।

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