हरदोई पुलिस की लापरवाही: पिहानी कोतवाली प्रभारी ने शिकायतकर्ता को कहा- थाने में ताला लगा है, आज छुट्टी है।
Hardoi: हरदोई जिले में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पिहानी कोतवाली में एक शिकायतकर्ता को प्रभारी निरीक्षक छोटे लाल के असंवेदनशील....
हरदोई जिले में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पिहानी कोतवाली में एक शिकायतकर्ता को प्रभारी निरीक्षक छोटे लाल के असंवेदनशील रवैये का सामना करना पड़ा। इस घटना ने पुलिस के व्यवहार और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचा। वहां डेस्क पर कोई भी उसका प्रार्थना पत्र लेने के लिए मौजूद नहीं था। इसके बाद वह कार्यालय में मुंशी के पास गया, जिन्होंने उसे इंतजार करने को कहा। काफी देर तक बैठने के बाद भी जब उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने प्रभारी निरीक्षक छोटे लाल को फोन किया।
प्रभारी निरीक्षक ने फोन पर जवाब दिया कि आज कोतवाली बंद है और ताला लगा हुआ है। शिकायतकर्ता ने बार-बार अनुरोध किया, लेकिन प्रभारी ने यही दोहराया कि आज छुट्टी है, कल आना। यह जवाब न केवल असंवेदनशील था, बल्कि पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों का भी उल्लंघन करता है।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और मुख्यमंत्री ने बार-बार यह निर्देश दिया है कि पीड़ितों की शिकायतें तुरंत दर्ज की जाएं और उनके साथ किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार न किया जाए। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीरज कुमार जादौन ने भी इस तरह के मामलों में सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद पिहानी कोतवाली में इस तरह की लापरवाही सामने आना चिंताजनक है।
यह घटना कोई पहला मामला नहीं है। हरदोई जिले में पहले भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। कुछ मामलों में तो पुलिस कर्मी शिकायतकर्ताओं को टरकाने की कोशिश करते हैं। इस तरह के व्यवहार से आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास कम होता है।
पिहानी कोतवाली की इस घटना के बाद शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे अपनी समस्या लेकर कोतवाली जाना पड़ा, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने कहा, "मैं अपनी शिकायत लेकर सुबह से कोतवाली के चक्कर काट रहा था। प्रभारी से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनका जवाब सुनकर निराशा हुई। अगर पुलिस ही हमारी मदद नहीं करेगी, तो हम कहां जाएंगे?"
यह घटना पुलिस सुधारों की जरूरत को और स्पष्ट करती है। जनता का भरोसा जीतने के लिए पुलिस को न केवल अपनी कार्यशैली में सुधार करना होगा, बल्कि शिकायतकर्ताओं के प्रति संवेदनशील रवैया भी अपनाना होगा। पिहानी कोतवाली की इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और क्या इससे पुलिस की कार्यशैली में कोई बदलाव आता है।
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