राजस्थान के विवादित SDM छोटू लाल शर्मा सस्पेंड, पेट्रोल पंप पर थप्पड़कांड के बाद पहली पत्नी के दर्द भरे खुलासे।
राजस्थान के प्रशासनिक सेवा के अधिकारी छोटू लाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रतापगढ़ जिले के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर तैनात इस अधिकारी को राज्य
राजस्थान के प्रशासनिक सेवा के अधिकारी छोटू लाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रतापगढ़ जिले के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर तैनात इस अधिकारी को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई भीलवाड़ा जिले के एक पेट्रोल पंप पर हुए थप्पड़कांड के वायरल वीडियो के बाद की गई है। घटना मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को अजमेर-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जसवंतपुरा स्थित एक सीएनजी पंप पर हुई। वीडियो में छोटू लाल शर्मा को एक कर्मचारी को थप्पड़ मारते दिखाया गया है, जिसके जवाब में कर्मचारी ने भी उन पर हाथ साफ किया। इस घटना ने न केवल अधिकारी के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उनके निजी जीवन के काले अध्याय भी सामने ला दिए हैं। उनकी पहली पत्नी पूनम शर्मा ने खुलासा किया है कि अफसर बनने के बाद उनका व्यवहार बदल गया और उन्होंने परिवार को छोड़ दिया।
घटना की शुरुआत सरल सी लगती है। छोटू लाल शर्मा दीपावली के अवसर पर अपने परिवार के साथ भीलवाड़ा आए थे। वे सीएनजी भरवाने के लिए पंप पर रुके। वीडियो फुटेज के अनुसार, उनकी गाड़ी पहले पहुंची थी, लेकिन कर्मचारी ने पीछे खड़ी एक अन्य वाहन को पहले गैस भरना शुरू कर दिया। इससे नाराज होकर शर्मा ने कर्मचारी से बहस की। वे चिल्लाए, "मैं यहां का SDM हूं, क्या पता नहीं गाड़ी लगी हुई है?" बहस बढ़ी तो शर्मा ने कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिया। बीच में आए दूसरे कर्मचारी को भी उन्होंने हाथ लगाया, लेकिन कर्मचारी ने पलटवार किया। पूरा विवाद सीसीटीवी में कैद हो गया और बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो देखते ही लोगों में गुस्सा भड़क उठा। हजारों यूजर्स ने टिप्पणी की कि अधिकारी पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
घटना के तुरंत बाद शर्मा के साथ मौजूद महिला दीपिका व्यास ने रायला थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने खुद को शर्मा की पत्नी बताते हुए आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने उन पर अभद्र टिप्पणी की। दीपिका ने कहा कि कर्मचारी ने आंख मारी और बोला, "क्या माल लग रही है।" उन्होंने मारपीट, गाली-गलौज और लज्जा भंग के आरोप लगाए। पुलिस ने इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की और तीन कर्मचारियों- दीपक माली, प्रभु लाल कुमावत और राजा शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। थाने के प्रभारी बछराज चौधरी ने पुष्टि की कि जांच जारी है। लेकिन वीडियो में ऐसा कोई सबूत नहीं दिखा, जो दीपिका के आरोपों की पुष्टि करता हो। उल्टा, वीडियो में शर्मा का आक्रामक रवैया साफ झलक रहा था। बाद में पता चला कि दीपिका शर्मा की कानूनी पत्नी नहीं हैं। यह खुलासा मामले को और जटिल बना दिया।
राज्य सरकार ने वीडियो वायरल होते ही संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने गुरुवार, 23 अक्टूबर को आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1958 के नियम 13 के तहत छोटू लाल शर्मा को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जयपुर के शासन सचिवालय, कार्मिक विभाग में रहेगा। यह आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुआ। विपक्षी दलों ने भी सरकार की तारीफ की, लेकिन साथ ही मांग की कि जांच निष्पक्ष हो और निर्दोष कर्मचारियों को जल्द रिहा किया जाए। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे जनता की जीत बताया। एक यूजर ने लिखा, "अब अफसरों को पता चल गया कि वीडियो कैमरा सब देख रहा है।"
यह छोटू लाल शर्मा का पहला विवाद नहीं है। 2015 बैच के राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारी के रूप में उनका करियर विवादों से भरा पड़ा है। 2017 में भीलवाड़ा जिले के मांडल उपखंड में SDM रहते हुए वे एक पंचायत समिति विकास अधिकारी से सार्वजनिक तकरार में फंस चुके थे। उसी साल खनन विभाग में एक निजी कंपनी जिंदल शाह लिमिटेड के साथ अनियमितताओं के आरोप में उन्हें पद से हटा दिया गया। 2018 में RAS में चयन के बाद भी उनका रवैया नहीं सुधरा। बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान उन्होंने अपनी पहली पत्नी के खिलाफ चोरी और तलाक का झूठा केस दर्ज कराया। कुल मिलाकर, पिछले दस वर्षों में उन्हें तीन बार पद से हटाया जा चुका है। हर बार आरोप दुरुपयोग, रिश्वत और अनुशासनहीनता के रहे। एक रिपोर्ट के अनुसार, वे मेले में झूले वाले को एक मिनट देरी के लिए थप्पड़ मार चुके थे। इन घटनाओं से साफ है कि शर्मा का गुस्सा और पद का घमंड पुराना है।
अब सबसे चौंकाने वाला मोड़ उनके निजी जीवन से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि दीपिका व्यास शर्मा की कानूनी पत्नी नहीं हैं। उनकी असली पत्नी पूनम शर्मा हैं, जिनसे 2008 में शादी हुई। पूनम ने मीडिया से बातचीत में दर्द भरा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शादी के शुरुआती साल संघर्ष भरे थे। छोटू लाल तब सामान्य नौकरी करते थे। पूनम ने उनका हर कदम पर साथ दिया। दो बेटियां हुईं। लेकिन 2018 में RAS अधिकारी बनने के बाद सब बदल गया। शर्मा का व्यवहार उग्र हो गया। वे घर पर मारपीट करने लगे। पूनम कहती हैं, "अफसर बनते ही उन्हें दुनिया की हर महिला सुंदर लगने लगी। वे कहते, मैं SDM हूं, जो चाहूं कर सकता हूं।" कोरोना काल में उन्होंने पूनम और बच्चों को पिलानी भेज दिया। 2023 में जाली सिग्नेचर से तलाक का नोटिस भेजा। पूनम ने जोधपुर हाईकोर्ट में केस दायर किया है। वे आरोप लगाती हैं कि शर्मा ने उन्हें घर से निकाल दिया। अब वे आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। पूनम भावुक होकर कहती हैं, "मैं आज भी उनके नाम का सिंदूर लगाती हूं। मैं उनकी पहली पत्नी हूं।" हाल ही में पूनम और बेटियों ने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी। यह खुलासा न केवल शर्मा के चरित्र पर सवाल उठाता है, बल्कि बिना तलाक दूसरी शादी के कानूनी पहलू भी सामने लाता है।
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