तत्काल पासपोर्ट के लिए RPO ने छुट्टी के दिन खोला दफ्तर: गाजियाबाद की छात्रा वैष्णवी का लंदन एग्जाम बचाया, शनिवार को बनकर मिला पासपोर्ट

पासपोर्ट सेवा प्रणाली में तत्काल श्रेणी के आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। नियमों के अनुसार तत्काल आवेदन पर सामान्यतः कुछ दिनों में पासपोर्ट जारी हो जाता है। वैष्ण

Jan 18, 2026 - 23:10
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तत्काल पासपोर्ट के लिए RPO ने छुट्टी के दिन खोला दफ्तर: गाजियाबाद की छात्रा वैष्णवी का लंदन एग्जाम बचाया, शनिवार को बनकर मिला पासपोर्ट
तत्काल पासपोर्ट के लिए RPO ने छुट्टी के दिन खोला दफ्तर: गाजियाबाद की छात्रा वैष्णवी का लंदन एग्जाम बचाया, शनिवार को बनकर मिला पासपोर्ट

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में राजनगर एक्सटेंशन स्थित अजनारा इंटीग्रिटी सोसायटी की निवासी वैष्णवी के साथ एक अनोखी स्थिति सामने आई। वैष्णवी उच्च शिक्षा के लिए लंदन जा रही थीं जहां बुधवार को उनका एक महत्वपूर्ण परीक्षा निर्धारित था। परीक्षा में शामिल होने के लिए उनके पास वैध पासपोर्ट होना जरूरी था लेकिन तकनीकी कारणों और कुछ कागजातों की कमी के चलते उनका पासपोर्ट समय पर जारी नहीं हो पा रहा था। वैष्णवी ने तत्काल श्रेणी में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था जिसके अनुसार उन्हें जल्दी पासपोर्ट मिलना चाहिए था लेकिन प्रक्रिया में आई खामियों के कारण पासपोर्ट प्रिंटिंग और डिस्पैच की स्टेज पर अटक गया।

वैष्णवी ने बताया कि उन्होंने समय रहते तत्काल कोटे में आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली थी। उनका उद्देश्य था कि वे समय पर लंदन पहुंचकर अपनी परीक्षा दे सकें। आवेदन के बाद सब कुछ योजना के मुताबिक चल रहा था लेकिन अंतिम चरण में दिक्कत आ गई। पासपोर्ट प्रिंटिंग और डिस्पैच की प्रक्रिया में फंसने से उनका पूरा प्लान खतरे में पड़ गया। इस दौरान वैष्णवी काफी परेशान हुईं क्योंकि परीक्षा का समय नजदीक आ रहा था और यात्रा की तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं।

जब इस मामले की जानकारी क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को मिली तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया। शनिवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद उन्होंने दफ्तर खुलवाया। सभी संबंधित कर्मचारियों को बुलाकर औपचारिकताएं पूरी की गईं। खामियों को दूर किया गया और पासपोर्ट प्रिंट कर वैष्णवी को सौंप दिया गया। इस कार्रवाई से वैष्णवी की परीक्षा और यात्रा बच गई। वैष्णवी ने बताया कि अगर यह कदम नहीं उठाया जाता तो उनका पूरा प्रयास व्यर्थ हो जाता।

पासपोर्ट सेवा प्रणाली में तत्काल श्रेणी के आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। नियमों के अनुसार तत्काल आवेदन पर सामान्यतः कुछ दिनों में पासपोर्ट जारी हो जाता है। वैष्णवी के मामले में आवेदन सही समय पर किया गया था लेकिन कुछ दस्तावेजों में कमी और तकनीकी समस्या के कारण प्रक्रिया रुकी। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद 13 जिलों को सेवाएं प्रदान करता है और यहां रोजाना हजारों आवेदन प्रोसेस होते हैं। तत्काल श्रेणी में आवेदनों की संख्या भी काफी होती है।

इस घटना ने दिखाया कि कैसे छोटी सी खामी बड़ी समस्या पैदा कर सकती है। वैष्णवी राजनगर एक्सटेंशन के एक आवासीय सोसायटी में रहती हैं। उनकी उच्च शिक्षा के लिए लंदन जाना महत्वपूर्ण था। परीक्षा विश्व स्तर की थी और इसमें शामिल होना उनके करियर के लिए जरूरी था। पासपोर्ट न मिलने की स्थिति में वे यात्रा नहीं कर पातीं और परीक्षा मिस हो जाती।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने शनिवार को विशेष व्यवस्था की। दफ्तर खोलकर स्टाफ को बुलाया गया। सभी फाइलों की जांच की गई। कमी वाले दस्तावेजों को पूरा किया गया। पासपोर्ट प्रिंटिंग मशीन चालू की गई और पासपोर्ट तैयार कर वैष्णवी को दिया गया। इस प्रक्रिया में कई घंटे लगे लेकिन अंत में सफलता मिली। वैष्णवी अब समय पर लंदन पहुंचकर परीक्षा दे पाएंगी।

पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर तत्काल आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। आवेदक ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपॉइंटमेंट लेते हैं। अपॉइंटमेंट के बाद दस्तावेज जमा किए जाते हैं। पुलिस वेरिफिकेशन के बाद पासपोर्ट प्रिंट होता है। तत्काल मामलों में यह प्रक्रिया तेज होती है लेकिन कभी-कभी तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्या आ सकती है। गाजियाबाद RPO में ऐसे मामलों में अधिकारी हस्तक्षेप करते हैं।

यह घटना पासपोर्ट विभाग की संवेदनशीलता को दर्शाती है। छात्राओं और छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय परीक्षाएं महत्वपूर्ण होती हैं। समय पर पासपोर्ट मिलना उनकी शिक्षा और करियर के लिए जरूरी है। वैष्णवी के मामले में विभाग ने छुट्टी के दिन भी सहयोग किया। वैष्णवी ने कहा कि उन्होंने आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार पूरी की थी। अंतिम समय में आई दिक्कत ने उन्हें चिंतित कर दिया था लेकिन अधिकारी की मदद से समस्या हल हो गई। गाजियाबाद में पासपोर्ट कार्यालय कई जिलों को कवर करता है। यहां PSK और POPSK भी काम करते हैं। तत्काल श्रेणी में आवेदनों की संख्या बढ़ रही है। विभाग ने कई बार विशेष ड्राइव चलाई हैं। इस मामले में व्यक्तिगत स्तर पर मदद मिली। वैष्णवी अब अपनी यात्रा पर निकल पाएंगी।

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