RTO विभाग की कारस्तानी: नियम कोई और तोड़े, चालान दूसरा भरे, अंधे चालान की दौड़ में अब्बल जिले का परिवहन विभाग
चालान रिकॉर्ड में अंकित ई-रिक्शा का नंबर(UP30CT1993) उसी का था जबकि उसमें छपी फ़ोटो में जो ई-रिक्शा था उसका नंबर UP30CT6305 था। उसके आश्चर्य का तब ठिकाना नहीं रहा जब चालान में उसने यह लिखा पाया कि बिना इंडिगेटर वाहन को ...
By INA News Hardoi.
जिले का परिवहन विभाग अंधाधुंध चालान काटने की होड़ में अब्बल है, आलम यह है कि ट्रैफिक रूल्स कोई और तोड़े तथा चालान कोई और भरे। एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक ऑटो का चालान किया गया। चालान प्रिंट में ई-रिक्शा का नंबर दूसरा है जबकि प्रिंट की फ़ोटो में दूसरा। पीड़ित ई-रिक्शा को इस बारे में पता तब चला जब उसे कॉल कर चालान की जानकारी दी गयी।
मामला हरदोई जिले के परिवहन विभाग का है। पीड़ित के ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नंबर UP30CT1993 है। उसे कॉल आया कि आपके ई-रिक्शा का चालान पेंडिंग है, उसे जल्द से जल्द भरिए। जब उसने परिवहन विभाग की वेबसाइट से चालान प्रिंट डाउनलोड किया तो वह बड़े ही विस्मय में पड़ गया।
चालान रिकॉर्ड में अंकित ई-रिक्शा का नंबर(UP30CT1993) उसी का था जबकि उसमें छपी फ़ोटो में जो ई-रिक्शा था उसका नंबर UP30CT6305 था। उसके आश्चर्य का तब ठिकाना नहीं रहा जब चालान में उसने यह लिखा पाया कि बिना इंडिगेटर वाहन को मोड़ने के लिए उसका 500 रुपये का चालान किया गया है।
इससे पहले भी परिवहन विभाग की ऐसी करतूतें सामने आती रहीं हैं लेकिन विभागीय कार्रवाई के झमेले में पड़ने के डर से चालान भर देते हैं। परिवहन विभाग किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में बना रहता है लेकिन यह मामला तो हैरत में डाल देने वाला है क्योंकि चालान ऑनलाइन किया जाता है और चालान करते समय उसकी फोटो भी सक्षम अधिकारी द्वारा फोन पर अपलोड करनी होती है तो ऐसे में यह गड़बड़ी कैसे हो सकती है? इसका मतलब तो यही है कि चालान काटने की अंधाधुंध दौड़ में सेंध लगाई जा रही है।
कार पर हेलमेट न पहनने का चालान कर चुका है विभाग..
इससे पहले भी 2020 में lockdown के दौरान एक मामला सामने आया था, जिसमें एक विभाग ने एक कार हेलमेट न पहनने का चालान कर दिया था।
What's Your Reaction?











