Saharanpur : जीपीएस, पैनिक बटन, और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बिना नहीं होंगे फिटनेस, पंजीकरण व प्रदूषण

उन्होंने आगे जानकारी दी कि एक जनवरी 2019 के बाद पंजीकृत सभी संबंधित वाहनों में जीपीएस यंत्र और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य है। जिन वाहनों में यह उपकरण नहीं लगे होंगे, उनके पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र तथा अ

Apr 5, 2026 - 21:48
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Saharanpur : जीपीएस, पैनिक बटन, और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बिना नहीं होंगे फिटनेस, पंजीकरण व प्रदूषण
Saharanpur : जीपीएस, पैनिक बटन, और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बिना नहीं होंगे फिटनेस, पंजीकरण व प्रदूषण

सहारनपुर : जनपद में सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब सार्वजनिक सेवा से जुड़े वाहनों, राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों तथा विशेष श्रेणी के माल परिवहन में लगे वाहनों में जीपीएस आधारित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग यंत्र और आपातकालीन सहायता बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य वाहनों की निगरानी मजबूत करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि बस, टैक्सी सहित अन्य व्यावसायिक वाहन, राष्ट्रीय परमिट से संचालित वाहन तथा विशेष श्रेणी के माल ढोने वाले वाहन इस नियम के दायरे में आएंगे, जबकि दोपहिया, ई-रिक्शा, तिपहिया और बिना परमिट वाले वाहनों को इससे छूट दी गई है।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि एक जनवरी 2019 के बाद पंजीकृत सभी संबंधित वाहनों में जीपीएस यंत्र और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य है। जिन वाहनों में यह उपकरण नहीं लगे होंगे, उनके पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र तथा अन्य परिवहन संबंधी कार्य नहीं किए जाएंगे। वहीं आर आई रोहित कुमार ने प्रदूषण को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) के वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) भी नहीं बनाया जाएगा। यदि किसी वाहन में मानक से अधिक प्रदूषण पाया जाता है या आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होते हैं, तो संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाहन स्वामियों से सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने और समय-समय पर जांच कराने की अपील की।

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा 15 कंपनियों को अधिकृत किया गया है। इनमें एकोलेड इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, अटलांटा सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, ब्लैकबॉक्स जीपीएस टेक्नोलॉजीज, कंटेन टेक्नोलॉजीज, डैनलॉ टेक्नोलॉजीज इंडिया, जीट्रॉपी सिस्टम्स, इंटैंगल्स लैब, लुमैक्स इटुरान टेलीमैटिक्स, निप्पॉन ऑडियोट्रॉनिक्स, रोसमर्टा ऑटोटेक, रोडपॉइंट लिमिटेड, ट्रैकनाउ प्राइवेट लिमिटेड, आईट्रायंगल इन्फोटेक, पीएनवी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी सर्विसेज तथा वाटसू एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन अधिकृत कंपनियों के माध्यम से ही निर्धारित मानक के उपकरण लगाए जाएंगे। 

परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में शीघ्र जीपीएस यंत्र, पैनिक बटन तथा अन्य आवश्यक मानकों की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मजबूत किया जा सके।

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