रोहतास के मैरिज हॉल में पुलिस का बड़ा छापा: 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में हिरासत में, इलाके में मचा हड़कंप

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सिंधु शेखर सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस हर एक पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। उनके अनुसार, पकड़े गए युवक-युवतियों में से अधिकांश रोहतास और उसके आसपा

Apr 5, 2026 - 11:35
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रोहतास के मैरिज हॉल में पुलिस का बड़ा छापा: 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में हिरासत में, इलाके में मचा हड़कंप
रोहतास के मैरिज हॉल में पुलिस का बड़ा छापा: 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में हिरासत में, इलाके में मचा हड़कंप

  • दावथ के मालियाबाग में मैरिज हॉल बना अनैतिक गतिविधियों का अड्डा, 31 नाबालिगों समेत 80 लोगों पर गिरी गाज
  • प्रशासन की पैनी नजर और पुलिस का कड़ा प्रहार: बिक्रमगंज एसडीएम की सूचना पर 39 महिलाओं और 41 पुरुषों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

बिहार के रोहतास जिले से सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। जिले के दावथ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मालियाबाग स्थित एक मैरिज हॉल में पुलिस ने औचक छापेमारी कर एक बड़े अनैतिक देह व्यापार और आपत्तिजनक गतिविधियों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 80 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 39 महिलाएं और 41 पुरुष शामिल थे। छापेमारी की यह प्रक्रिया इतनी गोपनीय रखी गई थी कि मैरिज हॉल के अंदर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जैसे ही पुलिस की टीम परिसर में दाखिल हुई, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।

बिक्रमगंज के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) प्रभात कुमार को इस मैरिज हॉल के भीतर चल रही संदिग्ध गतिविधियों के बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना किसी देरी के रणनीति तैयार की और दावथ थाने की पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। जब पुलिस टीम मालियाबाग स्थित उक्त मैरिज हॉल पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद आपत्तिजनक था। मैरिज हॉल के विभिन्न कमरों में युवक और युवतियां ऐसी स्थितियों में पाए गए जो सामाजिक और कानूनी रूप से प्रतिबंधित हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से सभी को हिरासत में लेकर थाने लाया और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। रविवार के दिन सभी 39 महिलाओं और 41 पुरुषों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्धारित की जा रही है।

इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू नाबालिगों की संलिप्तता का निकलकर सामने आना है। पुलिस की जांच और उम्र के सत्यापन के दौरान यह पता चला कि पकड़े गए 80 लोगों में से 31 व्यक्ति नाबालिग हैं। इन नाबालिगों में 18 लड़कियां और 13 लड़के शामिल पाए गए हैं। कानून के प्रावधानों के तहत नाबालिग लड़कियों के मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और उनके संदर्भ में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की गई है। इन 18 नाबालिग लड़कियों को एडीजे-7 की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया है ताकि उनके संरक्षण और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सके। नाबालिगों का इस तरह के अनैतिक कार्यों में शामिल होना समाज के बदलते स्वरूप और बच्चों की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। पुलिस की विस्तृत जांच में एक और विचलित करने वाला तथ्य सामने आया है। पकड़े गए 13 नाबालिग लड़कों के मामले में यह देखा गया कि वे वयस्क महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में पाए गए थे। इस विशेष स्थिति ने कानूनी पेचीदगियों को बढ़ा दिया है, क्योंकि यहां वयस्क महिलाएं नाबालिगों के साथ संलिप्त थीं। पुलिस प्रशासन इन सभी मामलों में अलग-अलग धाराओं के तहत गहनता से छानबीन कर रहा है।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सिंधु शेखर सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस हर एक पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। उनके अनुसार, पकड़े गए युवक-युवतियों में से अधिकांश रोहतास और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के रहने वाले हैं। यह बात भी सामने आई है कि इनमें से कई लड़कियां स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों की छात्राएं हैं, जो शिक्षा के नाम पर घरों से निकलकर इस तरह की गतिविधियों का हिस्सा बन गई थीं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है जो आर्थिक लाभ के लिए इन छात्र-छात्राओं और युवाओं को अनैतिक कार्यों की ओर धकेल रहा है। मैरिज हॉल के संचालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि उसने किस आधार पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बिना किसी वैध दस्तावेज या विवाह कार्यक्रम के कमरे उपलब्ध कराए थे।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मालियाबाग स्थित इस मैरिज हॉल में पिछले काफी समय से संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता था, जिससे आसपास के वातावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन साथ ही वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित भी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनैतिक देह व्यापार और नाबालिगों के शोषण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। बिक्रमगंज एसडीएम की सक्रियता ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि समय पर सूचना मिले तो ऐसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाया जा सकता है। पुलिस अब उन बिचौलियों और संचालकों की तलाश में छापेमारी कर रही है जो व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों को यहां बुलाने का काम करते थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जब्त कर लिया है। कॉल रिकॉर्ड्स और संदेशों की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि यह खेल कितने समय से चल रहा था और इसके तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं। रोहतास जिले में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा व्यवस्था और होटलों व मैरिज हॉलों के औचक निरीक्षण की आवश्यकता को एक बार फिर बल दिया है। जिलाधिकारी ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चलने वाले मैरिज हॉलों और लॉज की नियमित जांच करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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